
क्या पंजाब में फिर अशांति फैलाने की कोशिश हो रही है? नांदेड़ में कृपाण से हमले के एक दिन बाद शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें पंजाब और देश में शांति नहीं चाहतीं। उन्हें लगता है कि अकाली दल उनके रास्ते में बाधा है। सुखबीर बादल ने कहा कि जैसे उनके पिता और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने ऐसी ताकतों के सामने समझौता नहीं किया, वैसे ही वह भी नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वह पंजाब में भाईचारा और शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
क्या पवित्र धार्मिक स्थलों पर दो बार निशाना बनाया गया?
सुखबीर बादल ने कहा कि उन्हें दो बार सिख धर्म के सबसे पवित्र स्थलों में निशाना बनाने की कोशिश हुई। उन्होंने बताया कि पहली घटना अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में हुई थी और दूसरी बार नांदेड़ के तख्त हजूर साहिब स्थित माता साहिब देवन जी गुरुद्वारे में हमला हुआ। उन्होंने कहा, ‘दोनों बार उन्होंने मुझ पर सबसे पवित्र स्थानों पर हमला किया।’
बादल ने पंजाबी कहावत का जिक्र करते हुए कहा, ‘जिसके सिर पर गुरु साहिब का हाथ हो, उसे कोई आंच नहीं आती।’ उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज का धन्यवाद किया और कहा कि यह उनकी धरती है। उन्होंने कहा कि पंजाब की शांति के दुश्मनों ने बहुत कोशिश की, लेकिन गुरु ने उन्हें बचा लिया।
क्या हमले के बावजूद पीछे नहीं हटेंगे बादल?
बादल ने कहा कि वह डरे नहीं हैं और पंजाब के भाईचारे के लिए काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल किसी भी तरह का बलिदान देने को तैयार है, क्योंकि उनके लिए पंजाब का विकास ही देश का विकास है। उन्होंने कहा कि उनके पिता प्रकाश सिंह बादल ने मुख्यमंत्री रहते हुए सभी समुदायों और धर्मों के बीच सौहार्द और सम्मान बनाए रखा था।
सुखबीर सिंह बादल ने यह भी कहा कि पिछले साल भी उन्हें निशाना बनाने की कोशिश हुई थी। उनका आरोप है कि ऐसी ताकतों का मकसद पंजाब की स्थिति पर नियंत्रण करना और राज्य की शांति भंग करना है।
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क्या है पूरा मामला?
गुरुवार को नांदेड़ शहर के बाहरी इलाके में स्थित माता साहिब देवन जी मुगत गुरुद्वारे के अंदर निहंग समुदाय के एक सदस्य ने सुखबीर बादल पर कृपाण से हमला किया था। हमले में घायल होने के बाद बादल की स्थानीय अस्पताल में सर्जरी हुई। उन्हें शुक्रवार दोपहर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने कथित हमलावर जसपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, अभी तक हमले के पीछे की वजह का पता नहीं चल पाया है।
क्या इससे पहले भी हुआ था जानलेवा हमला?
दिसंबर 2024 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में सेवा करते समय सुखबीर बादल पर जानलेवा हमला करने की कोशिश हुई थी। उस समय अकाल तख्त की ओर से 2007 से 2017 के बीच पंजाब में अकाली दल की सरकार के दौरान हुई “गलतियों” के लिए धार्मिक सजा सुनाए जाने के बाद वह सेवा कर रहे थे। बादल ने एक बार फिर कहा कि अकाली दल सांप्रदायिक सौहार्द, धार्मिक भाईचारे और पंजाब की शांति के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि धमकियां और हमले उन्हें उनके रास्ते से नहीं हटा सकते।
बादल को बचाने गए पुलिसकर्मी को लगे दस टांके
पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखी सिंह बादल को वार से बचाने के लिए वहां मौजूद पुलिस इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे ने समय पर अपनी सूझबूझ दिखाई। उन्होंने तुरंत अपना हाथ आगे करके हमले के असर को कम कर दिया। संतोष केंद्रे की इस समझदारी से सुखबीर सिंह बादल की जान बच गई। हालांकि, हमले को रोकते समय अधिकारी की दाहिनी हथेली पर गहरी चोट आ गई। डॉक्टर ने उनकी हथेली पर आठ से दस टांके लगाए हैं। सुखबीर सिंह बादल को अस्पताल में इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है।




