
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में सोमवार को मेट्रो निर्माण स्थल से मलबा गिरने की घटना में एक स्कूल वैन बाल-बाल बच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ऊंचे मेट्रो ढांचे से मलबा मुख्य सड़क पर गिरा और उसके टूटे हुए टुकड़े स्कूल वैन के पिछले हिस्से तक जा पहुंचे। इससे वैन का एक टायर पंचर हो गया। चालक ने कुछ समय के लिए वाहन पर नियंत्रण खोया, लेकिन बाद में उसे रोक लिया। वैन में कई बच्चे मौजूद थे, हालांकि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हो रहा है।
नानासाहेब धर्माधिकारी मेट्रो स्टेशन के पास हुआ हादसा
यह घटना सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे दहिसर-मीराभायंदर मेट्रो लाइन के फेज-2 के नानासाहेब धर्माधिकारी मेट्रो स्टेशन साइट के पास हुई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और मलबा गिरने वाली जगह को बैरिकेड कर दिया। हालांकि, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने घटना को लेकर अलग विवरण दिया है। प्राधिकरण के मुताबिक, निर्माण स्थल पर एक ओवरहेड क्रेन से मटेरियल बास्केट को हटाया जा रहा था। इसी दौरान बास्केट पास के फुट ओवरब्रिज (FOB) क्षेत्र में रखे ग्रेनाइट पत्थरों से गलती से टकरा गई।
क्या ग्रेनाइट के पत्थर सीधे किसी वाहन पर गिरे थे?
MMRDA ने स्पष्ट किया कि ग्रेनाइट के पत्थर किसी वाहन पर सीधे नहीं गिरे और न ही किसी वाहन से सीधे टकराए। प्राधिकरण के अनुसार, टक्कर के कारण कुछ ग्रेनाइट स्लैब अपनी जगह से खिसक गए और FOB स्तर से नीचे सुरक्षित तथा बैरिकेड वाले निर्माण क्षेत्र में जा गिरे। हालांकि, प्राधिकरण ने यह भी बताया कि कुछ ढीला मलबा निर्माण स्थल की सीमा से बाहर फैल गया था। इसी मलबे के कारण सड़क से गुजर रहे एक वाहन के टायर पंचर हुए। MMRDA के मुताबिक, उस समय वाहन खाली था और किसी को चोट नहीं आई।
मेट्रो निर्माण से जुड़े ठेकेदारों पर 12.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा
घटना के बाद MMRDA ने दहिसर-मीराभायंदर मेट्रो लाइन के निर्माण से जुड़े ठेकेदारों और सलाहकारों पर कुल 12.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। घटना में किसी की जान जाने या घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन निर्माण स्थल से मलबा बाहर फैलने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।




