दिल्ली पुलिस ने मंगलवार शाम को पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को हिरासत में ले लिया। चूंकि उन्हें सीआरपीएफ की जेड प्लस सुरक्षा मिली हुई है, ऐसे में राहुल को हिरासत में लेने के दौरान दिल्ली पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस वैन में बैठाने से लेकर उन्हें मॉडल टाउन पुलिस स्टेशन में ले जाने तक सीआरपीएफ कमांडो, राहुल गांधी को घेरे रहे। थाने में भी सीआरपीएफ सुरक्षा कर्मी राहुल गांधी के साथ रहे।
वार्ता का कोई हल नहीं निकला …
कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित अनेक सांसद दोपहर बाद अचानक पीएम आवास के बाहर पहुंच जाते हैं। वे वहां पर प्रदर्शन करने लगते हैं। कुछ देर बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले और कई दूसरे नेता भी पीएम आवास के बाहर पहुंच गए। पीएमओ में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और केंद्रीय गृह सचिव, राहुल से बातचीत करने के लिए मौके पर जाते हैं। हालांकि इनके बीच हुई वार्ता का कोई हल नहीं निकला और राहुल वहीं पर बैठ जाते हैं। बाद में दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति को शारीरिक नुकसान न पहुंचे …
जिस वक्त राहुल गांधी को हिरासत में लिया जा रहा था, तब उनके सुरक्षा कर्मी साथ रहे। उन्होंने राहुल को ज्यादा धक्कामुक्की से बचाया। हालांकि राहुल गांधी जमीन पर लेट गए थे, इसलिए दिल्ली पुलिस को उन्हें वैन तक पहुंचाने में खूब जोर लगाना पड़ा। जैसी ही दिल्ली पुलिस, राहुल को उठाने का प्रयास करती, सीआरपीएफ की जेड प्लस सुरक्षा में तैनात कमांडो उनसे आग्रह करते कि वे इस तरह अपनी कार्रवाई करें कि जिससे सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति को किसी तरह का शारीरिक नुकसान न पहुंचे।
2019 में गांधी परिवार से वापस ली गई एसपीजी सुरक्षा …
राहुल गांधी को बस में बैठाने के बाद भी उनके जेड प्लस सुरक्षा कर्मी साथ रहे। थाने में राहुल को जिस स्थान पर बैठाया गया, वहां भी सीआरपीएफ कमांडो उनकी सुरक्षा में तैनात थे। बता दें कि 2019 से सोनिया गांधी परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआरपीएफ के ‘जेड प्लस’ कवच के पास है। केंद्र सरकार ने एसपीजी संशोधन विधेयक के पारित होने के बाद गांधी परिवार से एसपीजी सुरक्षा वापस ले ली थी। नए नियमों के तहत एसपीजी सुरक्षा सिर्फ प्रधानमंत्री और उनके साथ आवास में रहने वालों को ही मिलेगी। सरकार द्वारा आवंटित आवास पर रहने वाले पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिवार को भी 5 साल की अवधि तक एसपीजी सुरक्षा देने का प्रावधान किया गया। तब गांधी परिवार को सीआरपीएफ की जेड प्लस सुरक्षा, एएसएल और एम्बुलेंस के साथ दी गई थी।
3-3 बुलेट प्रूफ वाहन मुहैया कराए …
गांधी परिवार की एसपीजी सुरक्षा हटने के बाद उन्हें 3-3 बुलेट प्रूफ वाहन मुहैया कराए गए हैं। ये सभी वाहन एसपीजी से ही मिले थे। इससे पहले एसपीजी सुरक्षा वाले वीवीआईपी को बीएमडब्लू, रेंज रोवर, मर्सडीज बैंज, लैंड क्रूजर, टोयटा फॉरच्यूनर और टाटा सफारी जैसे बुलेटप्रूफ वाहन मिलते रहे हैं। इनमें से कई वाहन बख्तरबंद होते हैं। चूंकि अब गांधी परिवार को सीआरपीएफ की जेड प्लस सुरक्षा दी जा रही है, इसलिए उन्हें बख्तरबंद जैसी गाड़ियां नहीं मिलेंगी। इन्हें केवल बुलेट प्रूफ वाहन उपलब्ध कराया गया है। दिल्ली से बाहर जब वे दूसरे राज्य में जाएंगे तो वहां की सरकार उन्हें बुलेट प्रूफ गाड़ी मुहैया कराएगी।




