
मध्यप्रदेश कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को परिवहन, खेल, बिजली, औद्योगिक विकास और कनेक्टिविटी से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री चैतन्य काश्यप ने फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब हर विधानसभा क्षेत्र में आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित किए जाएंगे। इसके लिए 940 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत भोपाल से होगी। यात्री परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए वर्ष 2030-31 तक करीब 15 हजार बसें चलाने का लक्ष्य रखा गया है।
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हर विधानसभा में खेल सुविधाएं
कैबिनेट के फैसले के तहत प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा में आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे। इसके लिए करीब 940 करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान किया गया है। जहां 10 एकड़ जमीन उपलब्ध होगी, वहां करीब सात करोड़ रुपये की लागत से इंडोर और आउटडोर खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां खिलाड़ियों के लिए कोच समेत अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। काश्यप ने बताया कि वर्तमान में करीब 140 विधानसभा क्षेत्रों में इस स्तर के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स उपलब्ध नहीं हैं। यहां यह सुविधा जल्द उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, बाकी 90 जगह भी सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। नई योजना से स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और खेल सुविधाएं मिल सकेंगी। इस कॉम्प्लेक्स का नाम मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स होगा।
मैदान के बीच बनेगा हैलीपैड
वहीं, इस योजना में नई सुविधा भी जोड़ी गई हैं। इन स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के मैदान के बीच में हैलीपैड भी बनाया जाएगा। अभी कई जगह हैलीपैड की सुविधा नहीं हैं। इसका उद्देश्य एयर एंबुलेंस सेवा के लिए सुविधा और पहुंच का जनता तक पहुंचाना है। इससे 24 घंटे सातों दिन हेलीपैड एयरएंबुलेंस के लिए उपलब्ध होगा। अभी कई जगह हैलीपैड का तुरंत निर्माण करना होता था। इससे ग्रामीण इलाकों की जनता को बड़ी राहत मिलेगी।
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25 सितंबर से सुगम परिवहन योजना
परिवहन व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए 25 सितंबर को भोपाल से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना शुरू होगी। इस दिन 350 बसों को हरी झंडी दिखाई जाएगी। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के शामिल होने की संभावना है। मार्च तक एक हजार बसों को इस व्यवस्था से जोड़ने का लक्ष्य है। काश्यप ने बताया कि मध्यप्रदेश रोडवेज बंद होने के बाद करीब 20 वर्षों से यात्री परिवहन व्यवस्था की प्रभावी मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही थी। अब निजी बस ऑपरेटरों के सहयोग से व्यवस्था को आधुनिक बनाया जाएगा। सरकार खुद बसों की खरीदी नहीं करेगी, बल्कि संचालन की सुविधा और पूरी व्यवस्था की मॉनिटरिंग करेगी। बसों में जीपीएस, सीसीटीवी और ऑनलाइन ट्रैकिंग की व्यवस्था होगी। इलेक्ट्रिक बसों को प्राथमिकता दी जाएगी। गांवों और शहरों को रेलवे स्टेशनों से जोड़ते हुए कनेक्टिविटी बेहतर की जाएगी। PPP मॉडल पर सात आधुनिक बस टर्मिनल भी विकसित किए जाएंगे।
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चार बड़े औद्योगिक क्षेत्र, दो लाख रोजगार
मंत्री ने बताया कि इंदौर से भोपाल और भोपाल से जबलपुर के बीच ग्रीनफील्ड हाईवे का निर्माण किया जा रहा है। इंदौर से जबलपुर के बीच औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इसके तहत चार स्थानों पर बड़े औद्योगिक क्षेत्र बनाए जाएंगे। साथ ही स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए स्किल सिटी विकसित करने की योजना है। इससे करीब दो लाख रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है।
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2037 की बिजली जरूरत के लिए 2800 मेगावाट थर्मल पावर
मध्यप्रदेश में तेजी से बढ़ते औद्योगिक विकास और बढ़ती आबादी के साथ विद्युत की मांग भी लगातार बढ़ रही है। राज्य सरकार इस बढ़ती मांग के अनुरूप पर्याप्त विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश कैबिनेट ने 2,800 मेगावाट थर्मल पावर खरीदने का निर्णय लिया है। इससे प्रदेश की बढ़ती विद्युत आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित होगी और वर्ष 2037 तक की अनुमानित मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।





