
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हुमायूं कबीर का बयान चर्चा में है। आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख और नाओदा से विधायक हुमायूं कबीर ने कहा है कि मुर्शिदाबाद में प्रस्तावित मस्जिद का निर्माण पूरा करने के बाद वह दुबई चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह वहां 10 साल के गोल्डन वीजा पर रहेंगे।
हुमायूं कबीर का यह बयान रेजीनगर उपचुनाव में उनके बेटे की हार के बाद आया है। उन्होंने कहा कि मस्जिद का निर्माण दिसंबर 2028 तक पूरा करने के बाद वह दुबई में रहने की योजना बना रहे हैं।
रेजीनगर उपचुनाव में भाजपा की बड़ी जीत
मुर्शिदाबाद जिले की मुस्लिम बहुल रेजीनगर विधानसभा सीट पर भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज की। भाजपा उम्मीदवार शंकरराव सरकार ने आम जनता उन्नयन पार्टी के उम्मीदवार गोलाम नबी आजाद को 75,816 वोटों के बड़े अंतर से हराया। इस नतीजे को इलाके की राजनीति में भाजपा की महत्वपूर्ण सफलता के तौर पर देखा जा रहा है। उपचुनाव में अपने बेटे की हार के बाद हुमायूं कबीर ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
हुमायूं कबीर ने पुलिस प्रशासन पर लगाए आरोप
हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और मुर्शिदाबाद जिले के पुलिस अधिकारियों ने पिछले दो महीनों में भाजपा उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए काम किया। उन्होंने दावा किया कि यह जनता का वास्तविक जनादेश नहीं है, बल्कि पुलिस प्रशासन का इस्तेमाल करके भाजपा को जिताया गया है।
दिसंबर 2028 तक मस्जिद बनाने का लक्ष्य
हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के मॉडल पर मस्जिद बनाने की घोषणा की थी। इस मस्जिद की आधारशिला 6 दिसंबर 2025 को रेजीनगर में रखी गई थी। उन्होंने कहा कि वह 6 दिसंबर 2028 तक मस्जिद का निर्माण पूरा करना चाहते हैं। इसके बाद वह दुबई जाकर 10 साल के गोल्डन वीजा पर रहने की योजना बना रहे हैं।




