
10:28 PM, 11-Oct-2026
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए 24 घंटे में तारीख दे दिल्ली पुलिस, नहीं तो खुद करेंगे एलान: आशुतोष रांका
सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने कहा कि वह सोमवार सुबह 10 बजे सौरव दास और पार्टी के अन्य नेताओं के साथ पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस थाने जाएंगे। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस 24 घंटे के भीतर तारीख दे सकती है। अगर पुलिस ऐसा नहीं करती है, तो वे खुद ही प्रदर्शन का एलान करेंगे।
07:43 PM, 11-Oct-2026
कनॉट प्लेस में फिर जुटे प्रदर्शनकारी, पुलिस ने कइयों को हिरासत में लिया
दिल्ली के कनॉट प्लेस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और भारतीय निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए रविवार को एक बार फिर प्रदर्शनकारी जुटने लगे। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों के जुटने और पुलिस की कार्रवाई से कनॉट प्लेस में हलचल देखने को मिली।
Delhi: Police detain protesters demonstrating against CEC Gyanesh Kumar and the Election Commission of India (ECI) at Connaught Place https://t.co/JqvCSLSlwr
— IANS (@ians_india) October 11, 2026
06:03 PM, 11-Oct-2026
मुंबई में सीजेपी के समर्थन में प्रदर्शन, शिवाजी पार्क में अंजलि दमानिया समेत कई लोग हिरासत में
सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया समेत दर्जनों लोगों को रविवार को हिरासत में ले लिया गया। ये सभी मध्य मुंबई के दादर इलाके में स्थित शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के समर्थन में प्रदर्शन करने पहुंचे थे। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, दमानिया को शिवाजी पार्क के पास रोका गया और एक निजी वाहन में किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया।
दमानिया ने कहा, “सीजेपी के समर्थन में शिवाजी पार्क पहुंचते ही सादे कपड़ों में आए पुलिसकर्मियों ने मुझे हिरासत में ले लिया। सभी पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में थे और मुझे नहीं पता कि वे मुझे कहां ले जा रहे हैं।” अधिकारियों ने बताया कि शिवाजी पार्क के आसपास हिरासत में लिए गए ज्यादातर लोगों को शिवाजी पार्क पुलिस थाने ले जाया गया है। कुछ लोगों को नजदीकी पुलिस थानों में भी भेजा गया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि शिवाजी पार्क में बिना अनुमति प्रदर्शन करने के लिए जुटने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि भाजपा इतनी डरी हुई है कि मुंबई में भी सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण लेकिन निडर होकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को हिरासत में लिया जा रहा है। वर्ली के विधायक आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में सत्तारूढ़ गठबंधन की आलोचना की और हिरासत में लिए जा रहे लोगों को समर्थन देने की बात कही। उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है कि मुंबई पुलिस को अब सबसे ऊपर बैठे लोगों के आदेशों पर काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। यही लोग पुलिस बल के बैरिकेड के पीछे छिपे हुए हैं। हमें जरूर बताएं कि आप सभी को कहां ले जाया जा रहा है। हम वहां आ रहे हैं। हम कानूनी रूप से भी आपके साथ खड़े रहेंगे।”
02:16 PM, 11-Oct-2026
आशुतोष बोले- देश में आपातकाल से भी बदतर हालात
सीजेपी की प्रेस वार्ता शुरू हो गई है। आशुतोष रांका ने कहा कि एक बात जरूर साफ हो चुकी है, जो लड़ाई चुनाव आयोग के खिलाफ थी, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ थी, वह लड़ाई नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने अपने खिलाफ बना ली है। मोदी ने यह साफ कर दिया है कि वह कुछ भी कर के ज्ञानेश कुमार को बचाएंगे। उन्होंने साफ कर दिया है कि राजा की जान तोते में है। चुनाव आयोग पूरी तरह मोदी-शाह के आदेश पर काम कर रहा है। ज्ञानेश कुमार सिर्फ भाजपा को जिताने के लिए काम कर रहे हैं। आशुतोष रांका ने कहा कल फ्लाइट से हम लोगों को किडनैप किया गया। दिल्ली पुलिस ने बर्बरता की। भाजपा ने आपातकाल को भी पीछे छोड़ दिया है।
01:50 PM, 11-Oct-2026
थोड़ी देर में सीजेपी की प्रेस वार्ता
सीजेपी की प्रेस वार्ता थोड़ी देर में होने वाली है। अभिजीत दिपके की गैरमौजूदगी में संगठन के नेता आशुतोष रांका और सौरव दास मीडिया को संबोधित करेंगे। वहीं, दिपके अपनी दादी के निधन के बाद परिवार से मिलने के लिए महाराष्ट्र रवाना हो गए हैं। उनकी गैरमौजूदगी में प्रेस वार्ता के दौरान प्रदर्शन और संगठन की आगे की रणनीति को लेकर जानकारी साझा किए जाने की उम्मीद है।
01:40 PM, 11-Oct-2026
कल CJI से मिलेंगे INDIA गठबंधन के नेता- मल्लिकार्जुन खरगे
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि वह कल भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात के लिए शाम 4 से 5 बजे के बीच का समय तय किया गया है। खरगे ने बताया कि उन्होंने खुद और राहुल गांधी ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा है। इस दौरान वे उन्हें देश के मौजूदा हालात से अवगत कराएंगे। खरगे ने साफ कहा कि वे मुख्य न्यायाधीश से किसी तरह की मांग नहीं करेंगे, बल्कि हाथ जोड़कर अपनी बात रखने और उनसे गुजारिश करने जाएंगे।
01:33 PM, 11-Oct-2026
ध्रुव राठी का नया वीडियो आया सामने
यूट्यूबर ध्रुव राठी ने पुलिस पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किए एक वीडियो में कहा कि मुझे किडनैप किया गया था। हिरासत में उसे लिया जाता है जो कहीं प्रतिबंधित जगह जा रहा हो मैं तो अपना घर पर सो रहा था। सिविल ड्रेस में पुलिस के गुंडे मेरे घर में घुसे थे। मैं अपने मां पिता के साथ था अपने घर में था। मैं इसे हिरासत नहीं किडनैपिंग कहूंगा। मैं भारतीय नागरिक हूं, था, और रहूंगा। कुछ लोग मेरे पासपोर्ट को लेकर गलत अफवाह फैला रहे हैं।
11:54 AM, 11-Oct-2026
दिल्ली में इंटरनेट बहाल करने के निर्देश
दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों के दौरान मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और इंटरनेट सेवाओं पर लगी पाबंदियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं। जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा कि शुरुआत में 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने का प्रस्ताव था, लेकिन अदालत के आदेश के बाद यह संख्या घटकर 47 रह गई। पीठ ने संबंधित अधिकारियों से इन 47 स्टेशनों की सटीक स्थिति दर्शाने वाला नक्शा पेश करने को कहा, ताकि लोगों की आवाजाही और पहुंच पर पड़े प्रभाव का आकलन किया जा सके।
सुनवाई के दौरान बताया गया कि पिछली रात 10 बजे से सभी मेट्रो स्टेशन खोल दिए गए हैं और किसी भी स्टेशन को आंशिक रूप से बंद नहीं रखा गया है। अदालत ने रेलवे अधिकारियों की ओर से जारी परामर्शों से संबंधित जानकारी भी मांगी और याचिकाओं पर जवाब तथा आदेशों के अनुपालन की रिपोर्ट मंगलवार तक दाखिल करने को कहा।
पीठ ने निर्देश दिया कि मेट्रो सेवाएं सामान्य समय-सारणी के अनुसार चलती रहें, हालांकि सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित कानूनी प्रावधान लागू रहेंगे। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी अधिवक्ता को अपने पेशेवर कर्तव्यों का निर्वहन करने से नहीं रोका जाना चाहिए।
इंटरनेट सेवाओं के मुद्दे पर जस्टिस बागची ने शहर में इंटरनेट सुविधा बहाल करने की बात कही। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि सेवाएं पिछली रात से ही बहाल हैं। अदालत ने उनके इस बयान को रिकॉर्ड पर लेने की बात कही।
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की अदालत के प्रति विश्वास खोने संबंधी टिप्पणी का मुद्दा भी उठा। सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि भविष्य में किसी वरिष्ठ अधिवक्ता को इस तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। इस पर पीठ ने संकेत दिया कि वह अधिवक्ताओं को ऐसी टिप्पणी करने से रोकने का आदेश नहीं दे सकती।
11:43 AM, 11-Oct-2026
प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस की कार्रवाई पर वरिष्ठ वकीलों ने उठाए सवाल
दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के साथ कथित तौर पर की गई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान उठाया गया। वरिष्ठ अधिवक्ता शहदान फरासत ने दलील दी कि प्रदर्शनकारियों को कथित रूप से घसीटकर बसों में चढ़ाया जा रहा था और कुछ लोगों को बसों से बाहर भी फेंका गया। इस बीच, मीडिया में ऐसी तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें शहदान फरासत को प्रदर्शन में शामिल होने के दौरान पुलिस हिरासत में लेते हुए देखा गया।
वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता एन. हरिहरन ने नागरिकों की आवाजाही पर लगाई गई पाबंदियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि नागरिकों से शहर में स्वतंत्र रूप से आने-जाने का अधिकार छिन गया है। अदालत में इन दलीलों के जरिए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई और आम नागरिकों की स्वतंत्र आवाजाही से जुड़े मुद्दों को उठाया गया।
11:36 AM, 11-Oct-2026
हिरासत और इंटरनेट बंदी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रदर्शन से जुड़े मामलों में अपनी याचिकाओं का उल्लेख करना चाहने वाले सभी वकीलों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाएगा। पीठ ने बताया कि अदालत बार में एक ओर से दूसरी ओर क्रमवार वकीलों को सुनने की व्यवस्था करेगी, ताकि प्रत्येक पक्ष को अपनी बात रखने का मौका मिल सके।
विशेष सुनवाई आयोजित करने के लिए वकीलों द्वारा अदालत का आभार जताए जाने पर जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा कि हमें धन्यवाद देने की जरूरत नहीं है। हम हमेशा राष्ट्र की सेवा में तत्पर हैं। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने प्रदर्शनकारियों की हिरासत और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर दलीलें रखनी शुरू कीं। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को ट्रेनों सहित विभिन्न स्थानों से हिरासत में लिया जा रहा है।
सिब्बल ने दिल्ली में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं के निलंबन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने इस संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट के अनुराधा भसीन बनाम भारत संघ मामले का उल्लेख किया, जिसमें इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगाने के लिए पारदर्शिता, आनुपातिकता और न्यायिक समीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सिद्धांत निर्धारित किए गए थे। अदालत में चल रही सुनवाई का केंद्र प्रदर्शनकारियों की हिरासत, प्रतिबंधात्मक आदेशों और इंटरनेट बंदी से जुड़े कानूनी सवाल हैं। मामले में विभिन्न याचिकाकर्ताओं की दलीलें सुनी जा रही हैं।




