Search
Home » नेशनल » एसआईआर विवाद Live:दिपके बोले- देश में अघोषित इमरजेंसी, केजरीवाल ने सीजेपी नेताओं की हिरासत को बताया बेतुका – Sir Controversy Uproar Intensifies Over Cec Resignation Cjp Leaders To Be Produced Before Magistrate Today

एसआईआर विवाद Live:दिपके बोले- देश में अघोषित इमरजेंसी, केजरीवाल ने सीजेपी नेताओं की हिरासत को बताया बेतुका – Sir Controversy Uproar Intensifies Over Cec Resignation Cjp Leaders To Be Produced Before Magistrate Today

Share Now :

WhatsApp
Share This

12:32 PM, 14-Oct-2026

सीजेपी नेताओं की गिरफ्तारी बेतुका

सीजेपी नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर अरविंद केजरीवाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या अपने ही देश में अपना झंडा लहराना अपराध है? यह पूरी तरह बेतुका है। 

 

11:33 AM, 14-Oct-2026

 संजय सिंह बोले- मोदी जी युवाओं से मत उलझिए

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सीजेपी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को निशाना बनाने से बचना चाहिए, क्योंकि वे जल्द ही तानाशाही का अंत कर देंगे। संजय सिंह ने एक्स पर आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस तिरंगे का विरोध करते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि तिरंगा फहराने और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाने पर कार्यकर्ताओं को जेल क्यों भेजा गया।  

11:23 AM, 14-Oct-2026

राहुल गांधी सरकार को घेरा

सीजेपी नेताओं की गिरफ्तारी पर राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, ‘जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है। इसके लिए युवाओं को जेल में डालना कायरतापूर्ण काम है। छात्र, युवा, पत्रकार और इंडिया गठबंधन भले ही बैनर अलग-अलग हों, लेकिन मकसद एक ही है। सभी विरोध प्रदर्शन एक ही हैं।  नागरिक अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं। जंतर-मंतर भारत के लोगों का है। हम इसे वापस हासिल करेंगे।

10:48 AM, 14-Oct-2026

पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डालने का आरोप

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कोशिश और पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डालने के आरोप में कॉकरोच जनता पार्टी के 14 सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस के मुताबिक, 13 अक्टूबर 2026 की सुबह सौरव दास, आशुतोष रांका, अजिंक्य शिंदे और पार्टी के 11 अन्य सदस्य निजी परिसर से होकर जंतर-मंतर पहुंचे, जिसे निर्धारित प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किया गया है। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि उन्होंने सरकारी कामकाज में बाधा डाली। इसके बाद सभी 14 लोगों को हिरासत में लिया गया। 

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

इस मामले में थाना कनॉट प्लेस में एफआईआर नंबर 289/26 के तहत धारा 223A, 332 और 61(2) तथा थाना संसद मार्ग में एफआईआर नंबर 128/26 के तहत धारा 221, 115(2), 132, 121(1) और 3(5) में केस दर्ज किया गया। पुलिस ने बार-बार कानून तोड़ने, सार्वजनिक शांति भंग करने और सोशल मीडिया के जरिए दूसरों को कथित तौर पर उकसाने की आशंका को देखते हुए आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे को एहतियाती प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया। तीनों को विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां BNSS की धारा 126/170 के तहत कार्यवाही शुरू हुई। मजिस्ट्रेट ने सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि अजिंक्य शिंदे को छह महीने तक शांति और अच्छा आचरण बनाए रखने के लिए पांच हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानत पर पाबंद किया गया।

10:35 AM, 14-Oct-2026

‘संविधान और लोकतंत्र बचाने की लड़ाई’

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके बुधवार को नागपुर से दिल्ली के लिए रवाना हुए। इस दौरान एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें देश, संविधान और लोकतंत्र व मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे सभी लोगों की चिंता है। देश के नागरिक होने के नाते यह हम सभी का कर्तव्य है कि हम अपने अधिकारों और संविधान की रक्षा के लिए लड़ें। उन्होंने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान हमें उनके द्वारा दिया गया है और इसकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

 

 

09:35 AM, 14-Oct-2026

 ‘देश में अघोषित इमरजेंसी क्यों चला रहे हैं मोदी?’  

सीजेपी  के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि अगर देश में इमरजेंसी लगानी है, तो आधिकारिक तौर पर घोषित करें। जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराने के लिए लोगों को हिरासत में भेजना अघोषित इमरजेंसी जैसा है। दिपके ने आरोप लगाया कि सौरव, आशुतोष और अजिंक्य शिंदे को हिरासत के दौरान वकीलों से मिलने तक नहीं दिया गया। उन्होंने पूछा कि आखिर उनका अपराध क्या था? इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शनों पर दिपके ने कहा कि सभी का मकसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आवाज उठाना है, जिन पर उन्होंने चुनावों में गड़बड़ी कर नरेंद्र मोदी को सत्ता में बनाए रखने में मदद करने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीजेपी एक स्वतंत्र दबाव समूह है, लेकिन इसका मतलब इंडिया ब्लॉक का विरोध करना नहीं है।

 

09:32 AM, 14-Oct-2026

‘जेल भेजकर डराना चाहती है सरकार’

हिरासत से बाहर आने के बाद सीजेपी नेता अजिंक्य शिंदे ने आरोप लगाया कि वह, आशुतोष रांका और सौरव दास पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ भारतीय तिरंगा लेकर जंतर-मंतर पहुंचे थे, जहां उन्होंने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। शिंदे के मुताबिक, इसी वजह से सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उन्होंने इसकी तुलना अंग्रेजों के शासनकाल से करते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई के दौरान भी क्रांतिकारियों को तिरंगा लहराने और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाने पर जेल भेजा जाता था। शिंदे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मोदी-शाह की सरकार भी उसी तरह काम कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आशुतोष रांका के जन्मदिन पर उन्हें जेल भेजा गया। शिंदे ने दावा किया कि सरकार अपनी ताकत का दुरुपयोग कर लोगों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन कर रही है।

 

 

‘लेकिन हम डरने वाले नहीं’

अजिंक्य शिंदे ने देशभर के लोगों से एकजुट होकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर सरकार को लगता है कि सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन के लिए जेल भेजकर सीजेपी नेताओं को डराया जा सकता है, तो यह उसकी गलतफहमी है। शिंदे के अनुसार, दोनों नेता पूरे आत्मविश्वास के साथ जेल जा रहे हैं और उन्होंने साफ कर दिया है कि वे डरने वाले नहीं हैं। वहीं, अभिजीत दिपके के पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में शामिल होने के सवाल पर शिंदे ने पुष्टि की कि वह बैठक का हिस्सा होंगे। गौरतलब है कि सरकार और पुलिस पर लगाए गए ये आरोप CJP नेता अजिंक्य शिंदे के हैं।

09:30 AM, 14-Oct-2026

‘जमानत याचिका दायर करेगी सीजेपी’

सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस मामले में अधिवक्ता अभिष्त हेला ने कहा कि जमानत के लिए कहां अर्जी दाखिल की जाएगी, यह उनका कानूनी अधिकार है। हालांकि, उन्होंने फिलहाल इससे जुड़ी जानकारी साझा करने से इनकार करते हुए कहा कि मामले के कुछ अन्य पहलू भी हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कानूनी अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए तय प्रक्रिया का पालन किया जाएगा और आगे की जानकारी भी साझा की जाएगी। हेला ने लोगों से सीजेपी के सोशल मीडिया अकाउंट पर नजर बनाए रखने की अपील की। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें इस मामले में कोई जानकारी नहीं दी गई थी।

08:54 AM, 14-Oct-2026

पांच दिन के न्यायिक हिरासत में भेजे गए सीजेपी नेता

धरना प्रदर्शन के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के मामले में सीजेपी नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को बुधवार को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने एक्स पर प्रधानमंत्री मोदी को अपने पोस्ट में टैग कर लिखा कि आशु और सौरव को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उनकी गलती? जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराना है। नरेंद्र मोदी थोड़ी हिम्मत दिखाइए। अगर आप विरोध की आवाज को दबाने के लिए इतने ही पक्के इरादे वाले हैं, तो इन कायरतापूर्ण तरीकों की आड़ लेने के बजाय आधिकारिक तौर पर आपातकाल घोषित करने की हिम्मत दिखाइए।

08:29 AM, 14-Oct-2026

सीजेपी नेताओं के खिलाफ कई मामलों में दर्ज हुआ मामला

सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने तीनों नेताओं के खिलाफ कई आरोपों में मामला दर्ज किया है। इनमें अनधिकृत रूप से प्रवेश करना, निषेधाज्ञा का उल्लंघन, शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बांड की शर्तें तोड़ना और सरकारी कर्मचारी को उसके आधिकारिक काम में बाधा पहुंचाना शामिल है। पुलिस की ओर से की गई इस कार्रवाई के बाद अब तीनों को विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

Published On

Leave a Comment

Other News