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जियो:देश के सबसे बड़े आईपीओ की तारीखें तय, 31 अक्तूबर से खुलेगा ऑफर, 30000 करोड़ रुपये जुटाएगी कंपनी – Jio Platforms Files Final Ipo Prospectus; Offer Opens Oct 21

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रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और दूरसंचार शाखा जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (जेपीएल) ने अपना रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया है। रिलायंस ने एक फाइलिंग में इसकी जानकारी दी। यह भारत का सबसे बड़ा प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) होने की उम्मीद है। कंपनी का लक्ष्य पूंजी बाजार से करीब 30,000 करोड़ रुपये जुटाना है।

यह आईपीओ 27 करोड़ इक्विटी शेयरों का एक नया निर्गम है, जिसकी फेस वैल्यू 10 रुपये प्रति शेयर है। यह ऑफर बुधवार, 21 अक्तूबर को सदस्यता के लिए खुलेगा। यह शुक्रवार, 23 अक्तूबर को बंद होगा। एंकर निवेशकों के लिए बोली सोमवार, 19 अक्तूबर को लगेगी। शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्तूबर को होने की उम्मीद है।


आईपीओ में क्या खास है?

इस निर्गम में दो आरक्षित हिस्से शामिल हैं। पात्र जेपीएल कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये तक का हिस्सा आरक्षित है। पात्र रिलायंस शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक का हिस्सा रखा गया है। ये वे व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवार हैं, जिनके पास 14 अक्तूबर तक रिलायंस के शेयर थे। जुटाई गई पूंजी का उपयोग रिलायंस जियो इन्फोकॉम (आरजेआईएल) के कुछ ऋणों के पूर्व भुगतान और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए होगा। यह पूरी तरह से एक नया निर्गम है, इसलिए पैसा सीधे कंपनी को मिलेगा, न कि शेयर बेचने वाले शेयरधारकों को।

जियो प्लेटफॉर्म्स का वित्तीय प्रदर्शन कैसा रहा है?

जेपीएल ने जून में अपना मसौदा प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया था। इसके अनुसार, मार्च 2026 को समाप्त वर्ष में जेपीएल का समेकित परिचालन राजस्व 14.6 फीसदी बढ़कर 1,46,885 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 1,28,218 करोड़ रुपये था। कंपनी का शुद्ध लाभ 15.1 फीसदी बढ़कर 30,049 करोड़ रुपये हो गया, जो पहले 26,109 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2024 में राजस्व 1,09,558 करोड़ रुपये और लाभ 21,423 करोड़ रुपये था। कंपनी का एबिटा 18.8 फीसदी बढ़कर 76,255 करोड़ रुपये हो गया, जिसका मार्जिन 51.91 फीसदी रहा।

कंपनी की अन्य प्रमुख बातें क्या हैं?

मार्च 2026 तिमाही में JPL के 52.4 करोड़ से अधिक ग्राहक थे, और प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (एआरपीयू) 214 रुपये रहा। कुल उधार 3.1 फीसदी घटकर 70,781 करोड़ रुपये हो गया, हालांकि नियोजित पूंजी पर प्रतिफल 10.76 फीसदी पर फिसल गया। मसौदा प्रॉस्पेक्टस में प्रवर्तक समूह पर भारी निर्भरता का उल्लेख किया गया था। रिलायंस रिटेल जियो की प्रीपेड सेवाओं का एकमात्र वितरक है। वित्त वर्ष 2026 में समेकित परिचालन राजस्व का 77.08 फीसदी प्रीपेड राजस्व से आया था। आईपीओ से पहले रिलायंस के पास JPL की 66.43 फीसदी हिस्सेदारी थी, जबकि मेटा और गूगल के पास कुल मिलाकर करीब 17.7 फीसदी हिस्सेदारी है। इस निर्गम में 19 बुक-रनिंग लीड मैनेजर शामिल हैं, जिनमें कोटक महिंद्रा कैपिटल, मॉर्गन स्टेनली, बोफा सिक्योरिटीज, गोल्डमैन सैक्स और जेपी मॉर्गन प्रमुख हैं, साथ ही केफिन टेक्नोलॉजीज रजिस्ट्रार है।

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