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जुबीन गर्ग मौत केस:आरोपियों की जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी असम सीआईडी, क्या पलटेगा हाईकोर्ट का फैसला? – Zubeen Garg Death Case Assam Cid To Move Supreme Court Against Granting Of Bail To Accused

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असम के मशहूर गायक जुबीन गर्ग की मौत के मामले में नया मोड़ आया है। गुवाहाटी हाईकोर्ट से दो आरोपियों को जमानत मिलने के बाद असम सीआईडी ने सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है। सीआईडी का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेशों का अध्ययन करने और कानूनी सलाह लेने के बाद यह कदम उठाया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट में छुट्टियां खत्म होते ही याचिका दायर की जाएगी।

सीआईडी ने जमानत के फैसले को चुनौती देने का किया फैसला

मामले की जांच करने वाली असम सीआईडी के स्पेशल डीजीपी मुन्ना प्रसाद गुप्ता ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि केस नंबर 18/25 में गुवाहाटी हाईकोर्ट ने दो आरोपियों को जमानत दी है। सीआईडी ने दोनों आदेशों का अध्ययन किया है और कानूनी राय लेने के बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है। हालांकि, उन्होंने जमानत के आदेशों पर अलग से कोई टिप्पणी नहीं की।

इन दो आरोपियों को मिली है जमानत

जमानत पाने वालों में जुबीन गर्ग के बैंड की सदस्य और गायिका अमृतप्रभा महंत और उनके चचेरे भाई व निलंबित असम पुलिस के डीएसपी संदीपन गर्ग शामिल हैं। अमृतप्रभा को 9 अक्टूबर को जमानत मिली थी और वह न्यायिक हिरासत से बाहर आ चुकी हैं। वहीं, संदीपन गर्ग को 16 अक्टूबर को जमानत देने का आदेश जारी हुआ था। उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी होनी बाकी थी।

अब तक 134 गवाहों के बयान दर्ज

सीआईडी अधिकारी ने बताया कि मामले की सुनवाई कर रही फास्ट ट्रैक अदालत अब तक 134 गवाहों के बयान दर्ज कर चुकी है। उन्होंने कहा कि मुकदमे की सुनवाई सही दिशा में आगे बढ़ रही है और अब तक किसी भी गवाह के अपने बयान से मुकरने की बात सामने नहीं आई है।

शिकायतकर्ता भी सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में

जुबीन गर्ग की मौत के बाद सबसे पहले पुलिस में शिकायत दर्ज कराने वाले मोरीगांव के वकील रातुल बोरा ने भी शनिवार को कहा था कि वह दोनों आरोपियों को मिली जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। इस तरह जमानत के फैसले को चुनौती देने की तैयारी अब जांच एजेंसी के साथ शिकायतकर्ता भी कर रहा है।

पिछले साल सिंगापुर में हुई थी गायक की मौत

जुबीन गर्ग की 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वह नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के चौथे संस्करण में शामिल होने के लिए वहां गए थे। उनकी मौत के बाद असम में 60 से ज्यादा एफआईआर दर्ज हुई थीं, जिसके बाद राज्य सीआईडी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने मामले की जांच की।

सात लोगों को बनाया गया है आरोपी

एसआईटी ने दिसंबर 2025 में स्थानीय अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था, जिसमें सात लोगों को आरोपी बनाया गया। इनमें नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के मुख्य आयोजक श्यामकानु महंत, गायक के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, बैंड सदस्य शेखर ज्योति गोस्वामी और दो निजी सुरक्षा अधिकारी नंदेश्वर बोरा व प्रबीन बैश्य भी शामिल हैं। मामले में चार आरोपियों पर हत्या के आरोप हैं।

सिंगापुर पुलिस की जांच में क्या सामने आया?

सिंगापुर पुलिस ने अपनी अलग जांच में कहा था कि उसे किसी साजिश या गलत काम का सबूत नहीं मिला। वहां की अदालत के मुताबिक, जुबीन गर्ग नशे की गंभीर हालत में थे और लाइफ जैकेट पहनने से मना करने के बाद लाजरस द्वीप के पास समुद्र में डूब गए थे। हालांकि, असम सरकार का कहना है कि सिंगापुर की जांच के निष्कर्षों का राज्य में चल रहे मामले पर असर नहीं पड़ेगा।

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मुख्यमंत्री ने बताया था हत्या का मामला

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य विधानसभा में जुबीन गर्ग की मौत को साफ तौर पर हत्या का मामला बताया था। अब सीआईडी के सुप्रीम कोर्ट जाने के फैसले से इस मामले में कानूनी लड़ाई और तेज होने की संभावना है।

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