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नई कार में लगातार आती रही खट-खट की आवाज:उपभोक्ता आयोग ने कंपनी और डीलर पर लगाया ₹1.65 लाख का जुर्माना – Consumer Court Orders Car Manufacturer & Dealer To Pay ₹1.65 Lakh Compensation Over Persistent Engine Knocking

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Consumer Court Orders Car Manufacturer & Dealer to Pay ₹1.65 Lakh Compensation Over Persistent Engine Knocking

Consumer Court Orders Car Manufacturer
– फोटो : Amar Ujala

विस्तार

ग्राहकों के अधिकारों की रक्षा करते हुए दक्षिण दिल्ली-II उपभोक्ता आयोग ने सेवा में कोताही का एक अहम फैसला सुनाया है। आयोग ने एक नई कार में आ रही लगातार ‘नॉकिंग’ (खट-खट) की आवाज को ठीक न कर पाने और ग्राहक को असंतोषजनक सेवाएं देने पर कार निर्माता कंपनी और डीलरशिप दोनों पर कुल 1.65 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग की अध्यक्ष मोनिका अग्रवाल श्रीवास्तव और सदस्य डॉ. राजेंद्र धर एवं रितु गाड़ोदिया की पीठ ने माना कि विपक्षियों का यह आचरण मिस-सेलिंग और अनुचित व्यापार प्रथा के अंतर्गत आता है। 


 

कार में खराबी का पूरा मामला क्या है और समस्या कब शुरू हुई?

शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने अप्रैल 2019 में 8.26 लाख रुपये में एक नई कार खरीदी थी। कार खरीदने के बाद जब वह मात्र 1,408 किलोमीटर ही चली थी, तब गियर बदलते समय उसमें से अजीब सी खट-खट (नॉकिंग) की आवाज आने लगी।


  • सर्विस और शिकायत: ग्राहक ने पहली सर्विस के दौरान ही इस समस्या की जानकारी दी, लेकिन इसे ठीक नहीं किया गया।

  • कंपनी का रवैया: इसके बाद अक्तूबर 2019 में निर्माता कंपनी के कस्टमर सपोर्ट में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई गई और कई ईमेल भेजे गए। कंपनी के विशेषज्ञों ने ग्राहक के घर जाकर दो बार कार का निरीक्षण भी किया, लेकिन समस्या जस की तस बनी रही। कंपनी ने इसे मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट मानने से इनकार करते हुए खराबी का दोष ग्राहक की ड्राइविंग आदतों पर मढ़ दिया। 

 

उपभोक्ता आयोग में सुनवाई के दौरान क्या तथ्य सामने आए?


  • ग्राहक ने आयोग के समक्ष कार निर्माता कंपनी द्वारा भेजा गया वह ईमेल रिकॉर्ड पर रखा, जिसमें कंपनी ने नॉकिंग की आवाज होने की बात तो स्वीकार की थी, लेकिन इसे ‘सामान्य’ करार दिया था। इसके बाद पीड़ित ने कार की पूरी कीमत के रिफंड, ब्याज और 20 लाख रुपये के मुआवजे की मांग करते हुए कंज्यूमर फोरम का दरवाजा खटखटाया।

  • सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि विधिवत नोटिस भेजे जाने के बावजूद कार निर्माता (OP-1) और डीलरशिप (OP-2) आयोग के समक्ष पेश नहीं हुए। इस वजह से शिकायतकर्ता द्वारा पेश किए गए सबूतों और तथ्यों को चुनौती नहीं मिली और उन्हें सत्य व सही मान लिया गया।

 

कंज्यूमर कमीशन ने कंपनी और डीलरशिप पर कितना जुर्माना लगाया?

आयोग ने टिप्पणी की कि दो बार निरीक्षण करने के बावजूद कंपनी के विशेषज्ञ इस लगातार बनी रहने वाली समस्या को दूर करने में पूरी तरह विफल रहे। 9 अक्तूबर के अपने आदेश में आयोग ने निम्नलिखित निर्देश जारी किए:


  • कार निर्माता कंपनी (OP-1): लगातार आ रही नॉकिंग की समस्या को ठीक न करने के एवज में ग्राहक को 1.5 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश।

  • कार डीलरशिप (OP-2): असंतोषजनक सेवाएं देने और खराबी वाली कार बेचने के लिए ग्राहक को 15,000 रुपये का मुआवजा देने का निर्देश।

 

आम कार खरीदारों के लिए इस फैसले से क्या सीख मिलती है?


  • यह फैसला सभी कार निर्माताओं और डीलरों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि वे ग्राहकों द्वारा रिपोर्ट की गई लगातार आ रही कमियों को नजरअंदाज नहीं कर सकते। बार-बार निरीक्षण और मरम्मत के प्रयासों के बावजूद किसी आवर्ती समस्या को ठीक न कर पाना कानूनन सेवा में कमी माना जाएगा।

  • यदि आप भी किसी वाहन या उपभोक्ता उत्पाद से जुड़ी समस्या का सामना कर रहे हैं, तो अपने राज्य की उपभोक्ता हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं या राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1915 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। दिल्ली उपभोक्ता हेल्पलाइन का नंबर- 1800-11-4000 है। 

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