
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लेकर बिहार में कथित तौर पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला अब राजनीतिक विवाद बन गया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इस घटना को लेकर भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि खरगे के साथ बार-बार अपमानजनक व्यवहार किया जा रहा है। खेड़ा ने दावा किया कि ऐसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश यह सब देख रहा है और जनता इसे माफ नहीं करेगी।
नोएडा में पवन खेड़ा ने कहा कि संघ और भाजपा से जुड़े लोगों की ओर से खरगे के प्रति कथित तौर पर अपमानजनक व्यवहार किए जाने की यह दूसरी घटना है। उनके मुताबिक, बिहार में खरगे भाषण दे रहे थे, तभी भाजपा के एक कार्यकर्ता ने कथित रूप से कहा कि मोदी कहीं नहीं जाएंगे और अगर उनके अपने पिता भी आ जाएं, तब भी वह नहीं जाएंगे। खेड़ा ने इस भाषा को एक वरिष्ठ नेता के प्रति अभद्र और अपमानजनक बताया। उन्होंने कहा कि इस घटना पर खरगे ने भी जवाब दिया।
टिप्पणी को लेकर क्या है विवाद?
दरअसल बिहार की राजधानी पटना में रविवार को बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उस समय हंगामा हो गया, जब खुद को कांग्रेसी बताने वाले एक युवक ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर टिप्पणी की। युवक ने कथित तौर पर कहा कि इस तरह की लड़ाई से पीएम मोदी नहीं जाने वाले। इस पर खरगे ने पीएम मोदी को लेकर अपशब्द बोल दिए, जिस पर हंगामा हो गया। साथ ही, कुछ लोगों ने युवक के साथ हाथापाई भी की।
बताया जा रहा है कि युवक छपरा का रहने वाला है। वह खरगे को यह समझाने की कोशिश कर रहा था कि इस तरह की राजनीतिक लड़ाई से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से नहीं हटाया जा सकेगा। इसी दौरान दोनों के बीच हुई बातचीत को लेकर कार्यक्रम में हंगामे की स्थिति बन गई। इस कार्यक्रम में खरगे ने चुनाव प्रक्रिया, ईवीएम, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा को लेकर भी अपनी बात रखी।
कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की कि देश में सभी चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से कराए जाएं और एसआईआर की प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए। उन्होंने पिछले दो वर्षों में हुए विधानसभा चुनावों को रद्द करने की मांग भी उठाई। खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर भी सवाल उठाए, जिसमें उन्होंने अगले 30 वर्षों तक अपनी सरकार के बने रहने की बात कही थी। खरगे ने कहा, “अगले 30 साल तक कौन बचेगा या रहेगा, यह किसने देखा है? वे ऐसा लोगों को भ्रमित करने के लिए कहते हैं। उनके पास ईवीएम है। जब तक अपने चेलों को उन्होंने वहां पर बैठाया है, उसी आधार पर वे ऐसा बयान देते हैं। उन्हीं के लोगों ने कहा है कि सीईसी में घपला है।”
पवन खेड़ा ने उत्तराखंड की किस घटना का जिक्र किया?
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि इससे पहले उत्तराखंड में खरगे के दलित होने के कारण उनके साथ कथित तौर पर अपमानजनक व्यवहार किया गया था। खेड़ा ने वहां हुई एक कथित शुद्धिकरण रस्म का जिक्र करते हुए इसे बेहद शर्मनाक बताया। उन्होंने दावा किया कि संघ और भाजपा से जुड़े लोगों की ओर से खरगे के प्रति ऐसा व्यवहार दोहराया जा रहा है। हालांकि, उत्तराखंड की घटना और बिहार में हुई कथित टिप्पणी को लेकर खेड़ा ने अपने बयान में आरोप लगाए हैं।
मोदी और शाह पर पवन खेड़ा ने क्या आरोप लगाए?
पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष का बार-बार अपमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के सीधे इशारे पर हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश इस तरह के व्यवहार को देख रहा है और इसे माफ नहीं करेगा। खेड़ा ने खरगे को वरिष्ठ नेता बताते हुए कहा कि उनके प्रति इस्तेमाल की गई भाषा स्वीकार नहीं की जा सकती। उनके बयान का मुख्य जोर इस आरोप पर रहा कि कांग्रेस अध्यक्ष को निशाना बनाकर अपमानित किया जा रहा है।




