नॉलेज पार्क क्षेत्र स्थित कलाधाम सोसायटी के पास ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से बोरिंग कार्य के लिए खोदे गए करीब 15 फीट गहरे गड्ढे में भरे बारिश के पानी में डूबने से छह वर्षीय मासूम की मौत हो गई। मृतक की पहचान केंद्रीय विद्यालय के उप प्रधानाचार्य सीवान यादव के बेटे के रूप में हुई है। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि स्थानीय लोगों ने प्राधिकरण की कथित लापरवाही को इस दर्दनाक घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है। नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। परिजन की तहरीर पर मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार शनिवार को छह वर्षीय बच्चा अन्य बच्चों के साथ कलाधाम सोसायटी के पास शनिवार शाम करीब 7 बजे खेल रहा था। खेलते-खेलते वह बोरिंग के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे के नजदीक पहुंच गया। बारिश के कारण गड्ढा पूरी तरह पानी से भरा हुआ था। अचानक उसका पैर फिसला और वह गहरे पानी में गिर गया। साथ खेल रहे बच्चों ने शोर मचाया तो आसपास के लोग मौके पर दौड़े। काफी प्रयास के बाद बच्चे को बाहर निकाला गया और तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यह गड्ढा कई दिन पहले प्राधिकरण की ओर से बोरिंग कार्य के लिए खोदा गया था। बारिश के चलते उसमें पानी भर गया था, जिससे उसकी गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो गया था। सबसे गंभीर बात यह रही कि गड्ढे के चारों ओर न तो बैरिकेडिंग की गई थी और न ही किसी प्रकार का चेतावनी बोर्ड लगाया गया था। ऐसे में वहां खेलने वाले बच्चों और आने-जाने वाले लोगों के लिए यह लगातार खतरा बना हुआ था।
हादसे के बाद क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए गए होते तो एक मासूम की जान बचाई जा सकती थी। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है और जिम्मेदार एजेंसियां हादसे होने के बाद ही सक्रिय होती हैं।
इस घटना ने कुछ समय पहले हुए युवराज मेहता हादसे की याद भी ताजा कर दी है। युवराज की भी खुले गड्ढे में गिरने से मौत हो गई थी। उस घटना के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शहरभर में खुले गड्ढों की पहचान कर उनकी बैरिकेडिंग कराने, चेतावनी बोर्ड लगाने और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने के दावे किए थे। अधिकारियों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन कलाधाम में हुआ यह हादसा उन दावों की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि युवराज मेहता की मौत से सबक लिया गया होता और सुरक्षा व्यवस्था को गंभीरता से लागू किया गया होता तो आज एक और मासूम की जान नहीं जाती। लोगों ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन कराने, सभी खुले गड्ढों की तत्काल बैरिकेडिंग करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि मामले में परिजन ने लिखित तहरीर दी है। प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
घर में छाया मातम
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और गुस्से का माहौल है। लोगों का कहना है कि विकास कार्यों के साथ सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। यदि प्राधिकरण समय रहते लापरवाही पर अंकुश नहीं लगाता, तो भविष्य में भी ऐसे हादसों की आशंका बनी रहेगी। इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार में मातम छाया है।




