इमैनुएल मैक्रों ने क्या कहा?
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शनिवार को देश में भीषण जंगल की आग के बीच भरोसा जताया कि फ्रांस इस संकट से उबर जाएगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने संदेश में उन्होंने कहा कि आग ने देश की कड़ी परीक्षा ली है, लेकिन इस कठिन समय में फ्रांस एकजुट होकर खड़ा है। मैक्रों ने दमकलकर्मियों, सैन्य बलों, नागरिक सुरक्षा एजेंसियों, जेंडार्मेरी, पुलिस, किसानों और उद्यमियों के साहस और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि सभी लोग मिलकर लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने नागरिक और सैन्य संसाधनों की पूरी ताकत झोंक दी है। आग बुझाने वाले कनाडेयर विमान, डैश विमान, वाटर-बॉम्बर हेलीकॉप्टर, देशभर से भेजी गई अतिरिक्त टीमें और पहली बार सैन्य परिवहन विमान A400M भी राहत एवं बचाव अभियानों में लगाया गया है।
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‘हजारों हेक्टेयर जंगल जल चुके’
मैक्रों ने बताया कि गिरोंद, लांद, ऑक्सितानी, वार, ओत-आल्प और ओत-कोर्से जैसे क्षेत्र आग से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। इस आपदा में हजारों हेक्टेयर जंगल जल चुके हैं, कई घर तबाह हो गए हैं, आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं और लोगों का सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। उन्होंने प्रभावित परिवारों, विस्थापित लोगों, स्थानीय मेयरों और प्रशासनिक अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ हर कदम पर खड़ी रहेगी और पुनर्निर्माण तथा राहत कार्य तब तक जारी रहेगा, जब तक हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाते। मैक्रों ने रोमानिया, क्रोएशिया, जर्मनी, पुर्तगाल, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, चेक गणराज्य और स्लोवाकिया का आपातकालीन सहायता भेजने के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि यही यूरोप की असली एकजुटता है। उन्होंने स्पेन, इटली, ग्रीस और अन्य पड़ोसी देशों के प्रति भी संवेदना व्यक्त की, जो इसी तरह जंगल की भीषण आग का सामना कर रहे हैं।




