संसद के मानसून सत्र के दौरान पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने सिर पर ‘जस्टिस’ लिखी पट्टी बांधकर प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने छात्र प्रदर्शन पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि प्रदर्शनकारियों के साथ बल प्रयोग किया जा रहा है।
पप्पू यादव ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए
पप्पू यादव ने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसाई जा रही हैं और ऐसे तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिनका पहले अन्य जगहों पर उपयोग होता था। उन्होंने कहा कि यह स्थिति चिंताजनक है और सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए।
VIDEO | Parliament Monsoon Session: Purnea MP Pappu Yadav staged a symbolic protest with a bandage on his head with the word ‘Justice’ written on it.
He says, “They are beating people with batons. They are using here what was once used in Kashmir. Can’t you see it? I don’t… pic.twitter.com/MzOZSOzmHo
— Press Trust of India (@PTI_News) July 28, 2026
अपने बयान में पप्पू यादव ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में सम्मान का प्रतीक मानी जाने वाली पगड़ी एक भ्रष्ट व्यक्ति को पहनाई गई। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या किसी चोर को इतनी सम्मानित पगड़ी से सम्मानित किया जाना चाहिए। पप्पू यादव ने अपने बयान में दोहराया कि प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लगातार लाठीचार्ज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों के साथ हो रही कार्रवाई पर सरकार को जवाब देना चाहिए और इस पूरे मामले में न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
पप्पू यादव ने कहा- पहले छात्रों से माफी मांगे बिहार सरकार
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने बिहार सरकार के उस फैसले का स्वागत किया, जिसमें छात्र प्रदर्शन से जुड़े मामलों में कोई कार्रवाई नहीं करने का निर्णय लिया गया है। हालांकि उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों और उनके परिवारों के साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ, वह गंभीर मामला है। उन्होंने मांग की कि सरकार सबसे पहले छात्रों से माफी मांगे और कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए।
पप्पू यादव ने कहा कि बिहार पुलिस ने छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य के साथ अन्याय किया है। उनका आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसी कार्रवाई क्यों की गई और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने विशेष बलों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। पप्पू यादव ने कहा कि पुलिस और एसटीएफ ने प्रदर्शनकारियों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया, उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका आरोप है कि कुछ पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में भी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करते नजर आए। उन्होंने मांग की कि दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों को निलंबित किया जाए।
पप्पू यादव ने कहा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष एकजुट है। उनके मुताबिक, छात्र संगठनों ने साफ कर दिया है कि वे अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना जारी रखेंगे और छात्रों, युवाओं तथा गरीबों के हितों से कोई समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामले युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय हैं। सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।




