07:42 AM, 01-Aug-2026
ईरान ने दी जवाबी हमले की चेतावनी
अमेरिका और इस्राइल की संभावित सैन्य कार्रवाई की खबरों के बीच ईरान ने कड़ी चेतावनी दी है। ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि यदि देश पर हमला किया गया तो जवाबी कार्रवाई में इस्राइल के महत्वपूर्ण ठिकानों और मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जाएगा। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि ईरान ने जवाबी कार्रवाई की पूरी रणनीति तैयार कर ली है और जरूरत पड़ने पर उसे तुरंत लागू किया जाएगा।
अधिकारी का दावा है कि 40 दिन के युद्ध और उसके बाद की सैन्य गतिविधियों के दौरान ईरानी सेना अपनी क्षमता और तैयारी का प्रदर्शन पहले ही कर चुकी है। यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब रिपोर्टों में कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ संभावित नए हमलों की तैयारी के निर्देश दिए हैं।

07:41 AM, 01-Aug-2026
ट्रंप ने किसे झूठा बताया, परमाणु वार्ता पर क्या बोले?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ परमाणु वार्ता जारी है, लेकिन उन्हें तेहरान पर भरोसा नहीं रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान बातचीत तो करता है, लेकिन अपने वादों का पालन नहीं करता। कैम्प डेविड में आयोजित बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा, “वे झूठ बोलते हैं और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करते हैं। वे हमेशा बातचीत करना चाहते हैं, लेकिन बार-बार अपना वादा तोड़ देते हैं।”
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका की ओर से विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ईरान के साथ लगातार संपर्क में हैं। ट्रंप ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर मिसाइल हमले का जिक्र करते हुए कहा कि यह हमला उस समय हुआ, जब दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही थी।
07:40 AM, 01-Aug-2026
क्या अमेरिकी सेना के साथ इस्राइल भी करेगा हमले?
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हवाई हमले की संभावना पर विचार कर रहे हैं। बताया गया है कि इन हमलों का उद्देश्य तेहरान पर युद्धविराम की शर्तें स्वीकार करने का दबाव बनाना है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी प्रशासन के भीतर ईरान के ऊर्जा प्रतिष्ठानों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने पर चर्चा चल रही है। हालांकि ट्रंप ने अभी अंतिम फैसला नहीं लिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यदि यह अभियान शुरू होता है तो इस्राइल भी कई सप्ताह बाद पहली बार सीधे सैन्य कार्रवाई में शामिल हो सकता है। ऐसी स्थिति में ईरान की ओर से इस्राइल पर फिर मिसाइल हमले होने की आशंका जताई गई है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि हाल के दिनों में ईरान का रुख पहले की तुलना में अधिक आक्रामक हो गया है।
07:35 AM, 01-Aug-2026
हॉर्मुज में अमेरिका की बड़ी कार्रवाई: 30 जहाजों का रास्ता बदला
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया है कि ईरान की नाकेबंदी के बीच अब तक 30 वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग बदला गया, दो जहाजों को निष्क्रिय किया गया और दो अन्य पर चढ़कर जांच की गई, ताकि समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। साथ ही, अमेरिका ने मानवीय सहायता ले जा रहे करीब 30 जहाजों को नाकेबंदी के बीच सुरक्षित गुजरने की अनुमति भी दी है।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि तेहरान के साथ बातचीत आसान नहीं है और उसे किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे। कैम्प डेविड में कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा, “हम सिर्फ जीत चाहते हैं। ईरान परमाणु हथियार नहीं बना सकता और न ही बनाएगा।” उन्होंने यह भी संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव फिलहाल जारी रह सकता है।
ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत जारी है, लेकिन उस पर भरोसा करना मुश्किल होता जा रहा है। उनका कहना था कि अमेरिका को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए और सतर्कता बनाए रखनी होगी। हाल ही में अमेरिकी सेना ने ईरान के ठिकानों पर हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने भी क्षेत्र में तैनात अमेरिकी बलों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। इसके बावजूद दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रहने की बात सामने आई है।
07:03 AM, 01-Aug-2026
ईरान में US की सैन्य कार्रवाई कैसी, नई रिपोर्ट में क्या?
दरअसल, वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सेना को इस वीकएंड में ईरान पर एक और हमला करने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी अधिकारियों ने गोपनीयता की शर्त पर बताया कि प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य तेहरान को आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर करना है। अमेरिकी समयानुसार शुक्रवार को प्रकाशित इस रिपोर्ट से पहले ट्रंप ने जॉर्डन में एक अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हमले के बाद बड़ी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी थी। राष्ट्रपति ट्रंप की इन टिप्पणियों से तेहरान के साथ राजनयिक संबंधों पर अनिश्चितता छा गई है। इन टिप्पणियों में उन्होंने
मैरीलैंड के कैंप डेविड स्थित राष्ट्रपति आवास में कैबिनेट की बैठक के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था, हम उन पर बहुत कड़ा प्रहार करेंगे। एक समय ऐसा आएगा जब वे कहेंगे कि हम इसे और बर्दाश्त नहीं कर सकते। वॉल स्ट्रीय जर्नल से इतर सीबीएस की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सेना, ईरान में ऊर्जा संयंत्रों, बिजली संयंत्रों और पेट्रोलियम रिफाइनरियों पर हमले करने की योजना बना रही है।
सीबीएस की इस रिपोर्ट के बाद, शुक्रवार दोपहर को बाजार बंद होने के बाद वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) कच्चे तेल की कीमतें 86 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं।
अमेरिकी कार्रवाई को लेकर एक सवाल के जवाब में व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा, ईरान तब तक भुगतान करता रहेगा जब तक वह राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा सार्थक माने जाने वाले तरीके से बातचीत के लिए तैयार नहीं हो जाता। हालांकि ये भी रोचक है कि राष्ट्रपति ट्रंप बीते पांच महीने में कई बार बड़े सैन्य संघर्ष की चेतावनी जारी करने के बाद अपना रुख बदल चुके हैं।
06:54 AM, 01-Aug-2026
West Asia Tension LIVE: ईरान से जंग में ट्रंप के तेवर और उग्र, अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पर नई रिपोर्ट में क्या?
पश्चिम एशिया में बमबारी और ईरान-अमेरिका के बीच लगातार हो रहे सैन्य संघर्ष के कारण हालात बीते पांच महीने से नाजुक हैं। अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने सेना को निर्णायक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। एक्सियोस की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि राष्ट्रपति से आदेश मिलने के बाद सेना अब तक की सबसे आक्रामक कार्रवाई करेगी। इस कार्रवाई के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के इलाकों में भी हालात बिगड़ने की आशंका है। दरअसल, अमेरिका के हमलों के जवाब में ईरान अपने पड़ोसी देशों और अमेरिका के सहयोगी खाड़ी देशों में बने सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले कर नुकसान पहुंचा रहा है। ऐसे में अब ट्रंप के नए आदेश के बाद चिंता बढ़ने की आशंका है।




