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इलाज, शादी और संतान सुख का लालच:इश्क में सुब्रह्मण्यम बन गया डेनियल, लखनऊ में धर्मांतरण रैकेट का पर्दाफाश – Charge Sheet Has Been Filed Against Seven Individuals In Conversion Case In Lucknow

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राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज में हिंदुओं का धर्मांतरण करवाकर उन्हें ईसाई बनाने वाले गिरोह के सात लोगों के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुलिस ने विवेचना में यह माना है कि गिरोह बीमारी का इलाज, संतान सुख, आर्थिक मदद, प्रॉपर्टी, बच्चों की शिक्षा और विवाह का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराता था। हालांकि, पुलिस ने सात आरोपियों के अलावा किसी अन्य का नाम विवेचना में शामिल नहीं किया है।

पुलिस ने गिरोह के पकड़े जाने के बाद मोहनलालगंज के गौरा, ज्योतिनगर, भदेसुवा, फुलवरिया और भरसवां समेत आसपास के कई इलाकों में लोगों से संपर्क किया। स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए। पड़ताल में सामने आया कि गिरोह लोगों को रुपयों का लालच देता था। इसके बाद रात में बैठक की जाती थी और फिर लोगों को बरगलाकर उन्हें क्रिप्टो क्रिश्चियन यानी गुप्त ईसाई बनाया जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह लोगों को नाम बदलने के लिए नहीं कहता था। एक पीढ़ी के बाद दूसरी या फिर तीसरी पीढ़ी पूरी तरह से ईसाई हो जाती थी और फिर उनका नाम परिवर्तित कर दिया जाता था।

23 जुलाई को पकड़ा गया था गिरोह

भरसवां गांव में 23 जुलाई की रात गिरोह चार पहिया वाहन से पहुंचा था। गिरोह में शामिल लोग ग्रामीणों पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव डाल रहे थे। इस पर गांव के ही अमित कुमार ने पुलिस से शिकायत कर दी थी। इस दौरान जमकर हंगामा भी हुआ था। पुलिस ने अमित की तहरीर पर मोहनलालगंज थाने में उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम व बीएनएस की अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें चार महिलाएं भी थीं। चंद्रभान, उसकी पत्नी आरती, सीमा, गिरोह के सरगना डेनियल और उसकी पत्नी सुबला, शीला और अजय रावत के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है।

बाला सुब्रह्मण्यम बन गया था डेनियल

गिरोह डेनियल चलाता था। छानबीन में सामने आया था कि उसका बचपन का नाम बाला सुब्रह्मण्यम था। 16 वर्ष की आयु में उसकी मुलाकात ईसाई लड़की सुबला से हुई। वह कन्याकुमारी की रहने वाली थी। बाला को सुबला से प्रेम हो गया और उसने उसके सामने शादी का प्रस्ताव रखा। सुबला ने शर्त रखी कि अगर बाला सुब्रह्मण्यम अपना धर्म बदल देगा तो वह उससे शादी कर लेगी। इसके बाद बाला सुब्रह्मण्यम ईसाई बन गया और अपना नाम डेनियल रख दिया। आरोपी वर्ष 1998 में सुबला के साथ लखनऊ आया और ईसाई धर्म के प्रसार के साथ धर्मांतरण करवाने वाला गिरोह चलाने लगा।

धर्मांतरण का केंद्र बना एफजीपीसी चर्च

पुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि धर्मांतरण गिरोह का केंद्र कन्याकुमारी में स्थित एफजीपीसी चर्च है। डेनियल को भी वहीं से आदेश देकर भेजा गया था। तमिलनाडु से निकले डेनियल ने चर्च के फंड से मोहनलालगंज के रामादाई खेड़ा में जमीन खरीदी और रहने लगा। सबसे पहले उसने गांव में कलीशा बनवाया। इसके बाद प्रार्थना सभा शुरू की। वर्तमान में बड़ी संख्या में हिंदू ईसाई धर्म अपना चुके हैं।

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