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केन्या:191 हत्याओं के मामले में धर्मगुरु दोषी, अनुयायियों को भूखे रहकर जान देने का दिया था आदेश; कब होगी सजा? – Leader Of Kenyan Doomsday Cult That Left More Than 400 Followers Dead Convicted Of 191 Murders

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केन्या में एक धर्मगुरु को 191 लोगों की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया है। इनमें 190 बच्चे और एक वयस्क शामिल थे। आरोप है कि उसने अपने अनुयायियों को यीशु से मिलने के लिए भूखे रहकर जान देने का आदेश दिया था। इस मामले में 400 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।

न्यायमूर्ति डायना कावेद्जा ने फैसला सुनाया कि गुड न्यूज इंटरनेशनल चर्च के पादरी पॉल मैकेंजी ने एक संगठित व्यवस्था की निगरानी की। इसमें धार्मिक शिक्षाओं के जरिये अनुयायियों को उपवास करने के लिए मजबूर किया जाता था। उन्हें तब तक भूखा रखा जाता था, जब तक उनकी मौत नहीं हो जाती थी।

कहां मिले थे 400 से अधिक शव?

वर्ष 2023 में तटीय किलिफी काउंटी के चकामा रैंच से 400 से अधिक शव निकाले गए थे। यह रैंच 800 एकड़ (320 हेक्टेयर) में फैला हुआ है। यहां मैकेंजी के अनुयायी मिट्टी की झोपड़ियों में रहते थे। वे स्थानीय समुदायों और अधिकारियों की नजरों से दूर रहते थे।

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मैकेंजी को उसकी पत्नी और दर्जनों अनुयायियों के साथ गिरफ्तार किया गया था। उस पर हत्या के आरोप लगाए गए थे। बाद में उसके कुछ अनुयायी इस मामले में अभियोजन पक्ष के गवाह बन गए। मुकदमा वर्ष 2023 में शुरू हुआ था। मैकेंजी ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उसका कहना है कि उसने अपने अनुयायियों को उपवास करने के लिए मजबूर नहीं किया था।

कब सुनाई जाएगी सजा?

मामले में सजा सुनाए जाने से पहले पक्ष रखने के लिए 30 अक्तूबर को सुनवाई होगी। वहीं, सजा 6 नवंबर को सुनाई जानी है।

अदालत ने क्या पाया?

अदालत ने पाया कि भूखे रहकर जान देने के निर्देश को सबसे पहले बच्चों पर लागू किया गया था। उन्हें भागने से रोकने के लिए पहरेदार तैनात किए गए थे। भागने या खाना खाने की कोशिश करने वाले लोगों को पीटा जाता था। मैकेंजी ने अपने अनुयायियों से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से भी दूर रहने को कहा था। न्यायमूर्ति कावेद्जा ने सोमवार को अपने फैसले में कहा कि मेडिकल उपचार को ‘शैतान के एक साधन’ के रूप में पेश किया गया था।

पिछले साल अपील अदालत ने दी थी हत्या का मुकदमा चलाने की अनुमति

पिछले साल अप्रैल में अपील अदालत ने अभियोजक को मैकेंजी और उसके साथ आरोपों का सामना कर रहे अन्य लोगों के खिलाफ हत्या के 191 आरोपों के साथ आगे बढ़ने की अनुमति दी थी।

मई 2024 में उच्च न्यायालय ने अभियोजकों को हत्या के आरोप घटाकर अधिकतम 12 तक सीमित करने का निर्देश दिया था। हालांकि, अपील अदालत ने फैसला सुनाया कि कानून किसी आरोपी के खिलाफ लगाए जा सकने वाले आरोपों की संख्या पर सीमा नहीं लगाता।

 

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