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जंतर मंतर के बाद रांची में लाठीचार्ज:झारखंड के छात्र आंदोलन पर पुलिस की सख्ती, Cm हेमंत की अगली रणनीति क्या? – Jpsc Jssc Ranchi Student Protest Vidhansabha Gherao Hemant Soren Jharkhand Police Bjp Jmm Congress Jlkm React

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और युवा प्रदर्शनकारियों पर पुलिस और सुरक्षाबलों के बलप्रयोग का मामला अभी ठंडा नहीं पड़ा है। विपक्षी राजनीतिक दल इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। अब झारखंड में शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन, विधानसभा घेराव करने सड़कों पर उतरे छात्रों और प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज का मामला सुर्खियों में है। इस मामले में भाजपा बनाम कांग्रेस वाली राजनीति भी शुरू हो चुकी है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से तीखे सवाल किए हैं। आंदोलन कर रहे छात्र नेताओं का आरोप है कि राज्य सरकार उनकी आवाज को कुचलना चाहती है, लेकिन सरकार के मंसूबे कामयाब नहीं होंगे। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने भी झारखंड लोकसेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्तियों में कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच कराने की मांग का समर्थन किया है।

रांची में छात्र आंदोलन, कितने बड़े सवाल?

बीते 17 दिन से आंदोलन कर रहे युवाओं की मांग क्या है? झारखंड के छात्र आंदोलन पर पुलिस ऐसी सख्ती क्यों कर रही है? लाठीचार्ज और आंदोलनकारियों के दमन पर जिला प्रशासन ने क्या कहा? राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अगली रणनीति क्या होगी? पुलिस की सख्ती के बाद आंदोलन कर रहे छात्रों की भावी योजना क्या है? इस खबर में जानिए इन सवालों के जवाब

विधानसभा घेराव पर जिला प्रशासन ने क्या कहा?

रांची में जेपीएससी-जेएसएससी उम्मीदवारों के विरोध प्रदर्शन पर उपायुक्त (डीसी) मंजुनाथ भजंत्री ने कहा, विधानसभा घेराव के आह्वान से जुड़े अधिकांश छात्रों ने संयम का परिचय दिया। हालांकि, कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस और अधिकारियों को उकसाने का प्रयास किया; एक जवान पर पत्थर फेंका गया। एक अन्य जवान को भीड़ ने कुचल दिया, जिससे उसकी जान खतरे में पड़ गई। हल्का बल प्रयोग कर जवान को रेस्क्यू किया गया। पुलिस ने यथासंभव संयम बरतते हुए बल प्रयोग से बचने का प्रयास किया। विधानसभा सत्र और सांविधानिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चले, ये सुनिश्चित करने के लिए आठ जगहों पर बैरिकेडिंग की गई। 


  • 24 जुलाई को कुछ छात्रों और छात्र नेताओं ने रांची के मोरहाबादी में बापू वाटिका के सामने बिना अनुमति के अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन शुरू किया। 

  • डूरंड कप और आदिवासी महोत्सव को देखते हुए, आंदोलनकारियों से स्थान बदलने का अनुरोध किया गया।

  • 28 जुलाई से जयपाल सिंह स्टेडियम में आंदोलन चल रहा है। 

  • प्रदर्शनकारियों और राज्य सरकार की एक समिति के बीच बातचीत चल रही है। विरोध प्रदर्शन भी जारी है। 

  • 10 अगस्त को विभिन्न छात्रों और छात्र संगठनों ने विधानसभा घेराव का आह्वान किया।

क्या आंदोलन में असामाजिक तत्व भी शामिल?


बकौल उपायुक्त भजंत्री, सोमवार शाम विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने आंदोलनकारियों से रास्ते खाली करने को कहा, सरकारी कर्मचारी और पदाधिकारियों को निकलने देने की अपील की गई। पुलिस और मजिस्ट्रेटों द्वारा बार-बार रास्ता खाली करने के अनुरोध के बावजूद, प्रदर्शनकारियों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया; इसलिए, उन्हें हटाने और स्थिति को सामान्य करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया। उपायुक्त के मुताबिक पुलिस और जिला दंडाधिकारियों ने बार-बार रास्ता खाली करने का अनुरोध किया, लेकिन, प्रदर्शनकारियों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। ऐसे में उन्हें हटाने और स्थिति को सामान्य करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया। कुछ असामाजिक तत्वों ने आंदोलन में शामिल होकर उपद्रव भड़काने की कोशिश की। पुलिस के साथ मौखिक दुर्व्यवहार और धक्का-मुक्की भी की घई। हालात बिगाड़ने में शामिल असामाजिक तत्वों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



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रांची पुलिस ने क्या कहा?

विधानसभा घेराव और छात्र आंदोलन के बीच राजधानी रांची की मौजूदा स्थिति को लेकर वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने कहा, इस बात पर आम सहमति बनी थी कि विधानसभा परिसर का घेराव पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा… विधानसभा परिसर के पास ही विधायकों का आवासीय परिसर भी है, वहां परिवार के लोग भी रहते हैं। ऐसे में पुलिस ने काफी संयम बरता। हमने छात्रों को उनकी इच्छानुसार धीरे-धीरे आगे बढ़ने दिया। स्थिति के अनुरूप न्यूनतम बल प्रयोग किया गया। वर्तमान स्थिति शांतिपूर्ण है। पूरा आंदोलन शांतिपूर्ण रहा।

 

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