Search
Home » नेशनल » ट्रंप के ‘विजय द्वार’ में बनेगा सैन्य अड्डा:ड्रोन-स्नाइपर से गोला-बारूद तक का इंतजाम, क्या है प्लान? – Donald Trump Washington Arch Military Complex Drones Snipers

ट्रंप के ‘विजय द्वार’ में बनेगा सैन्य अड्डा:ड्रोन-स्नाइपर से गोला-बारूद तक का इंतजाम, क्या है प्लान? – Donald Trump Washington Arch Military Complex Drones Snipers

Share Now :

WhatsApp
Share This

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन में अर्लिंगटन नेशनल सेमेट्री के पास प्रस्तावित आर्च (मेहराब) को लेकर एक नई योजना सामने रखी है। ट्रंप के मुताबिक, करीब 250 फीट यानी 76 मीटर ऊंचा यह आर्च सिर्फ एक स्मारक नहीं होगा, बल्कि इसे सैन्य परिसर के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाएगा। यहां बड़ी संख्या में ड्रोन रखने और जरूरत पड़ने पर उन्हें तेजी से इस्तेमाल करने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा आर्च की छत और प्लाजा क्षेत्र में स्नाइपर तैनात किए जा सकेंगे। यहां बड़ी मात्रा में स्नाइपर का गोला-बारूद भी रखा जाएगा।

ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला दिया

डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया पर इस योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सेना के जोर देने पर उन्होंने आर्च को एक उच्च स्तर के सैन्य परिसर और विजय द्वार के रूप में विकसित करने की मंजूरी दी है। ट्रंप ने इस फैसले के पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला दिया, लेकिन यह नहीं बताया कि आर्च पर ड्रोन और स्नाइपर जैसी सैन्य व्यवस्था की जरूरत किस खास खतरे को देखते हुए महसूस हुई। अमेरिकी रक्षा विभाग के एक अधिकारी ने रॉयटर्स से कहा कि ट्रंप की पोस्ट के अलावा विभाग के पास इस बारे में फिलहाल कुछ और कहने को नहीं है।

फोर्ट मायेर और पेंटागन के बेहद करीब है जगह

प्रस्तावित आर्च अर्लिंगटन नेशनल सेमेट्री के पास एक ट्रैफिक सर्कल में बनाया जाना है। यह फोर्ट मायेर से करीब एक मील और पेंटागन से लगभग दो मील यानी 3.2 किलोमीटर दूर है। ट्रंप इसे अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के मौके पर बनाना चाहते हैं। इसी योजना के तहत वॉशिंगटन को बदलने की ट्रंप की व्यापक कोशिशों की भी चर्चा हो रही है। इनमें जॉन एफ. कैनेडी सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स के नाम में अपना नाम जोड़ने की कोशिश भी शामिल है।

सैन्य जरूरत पर विशेषज्ञ ने उठाए सवाल

सेवानिवृत्त मरीन कर्नल और रक्षा विशेषज्ञ मार्क कैनसियन ने आर्च को सैन्य परिसर में बदलने की जरूरत पर सवाल उठाया है। उन्होंने रॉयटर्स से कहा कि यह कदम आर्च के निर्माण का समर्थन मजबूत करने के लिए जोड़ा गया लगता है। उनका कहना है कि फोर्ट मायेर पहले से ही करीब एक मील दूर है और वहां कई तरह की सैन्य क्षमताएं मौजूद हैं। ऐसे में आर्च पर अलग से इस तरह की व्यवस्था की जरूरत क्यों है, यह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने वहां बड़ी मात्रा में गोला-बारूद रखने से जुड़ी लॉजिस्टिक चुनौतियों और स्नाइपर तैनात करने की उपयोगिता पर भी सवाल उठाया।

यह भी पढ़ें: सऊदी में हूती हमलों से बढ़ा तनाव: अमेरिका ने अपने कर्मचारियों की यात्रा पर लगाई रोक; ईरान ने क्या चेतावनी दी?

आर्च को लेकर कानूनी लड़ाई भी जारी

विजय द्वार की योजना को लेकर कानूनी विवाद भी चल रहा है। अमेरिकी जिला जज तान्या चुटकन ने इसी महीने ट्रंप प्रशासन को आदेश दिया था कि आर्च की साइट पर कोई भी गतिविधि शुरू करने से 48 घंटे पहले सूचना देनी होगी। यह आदेश अमेरिकी गृह विभाग की उस घोषणा के एक दिन बाद आया था, जिसमें विभाग ने कानूनी चुनौतियों और सरकारी योजना प्राधिकरण की अंतिम मंजूरी नहीं मिलने के बावजूद जल्द ही आर्च पर काम आगे बढ़ाने की बात कही थी।

विमान सुरक्षा को लेकर भी उठे थे सवाल

आर्च की ऊंचाई और रीगन वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट से इसकी नजदीकी को देखते हुए विमान सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठे थे। अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने पिछले सप्ताह कहा कि प्रस्तावित आर्च विमानों के लिए खतरा नहीं बनेगा। हालांकि, इसके ऊपर एक ‘अनंत ज्योति’ लगाना जरूरी होगा। इससे आर्च को लेकर विमानन से जुड़ी एक अहम अड़चन फिलहाल दूर हो गई है।

ऐतिहासिक दृश्य मार्ग को नुकसान की आशंका

आर्च की योजना का विरोध कर रहे वेटरन्स ने इसे रोकने के लिए मुकदमा भी किया है। उनका कहना है कि इसके निर्माण से लिंकन मेमोरियल और अर्लिंगटन नेशनल सेमेट्री के बीच मौजूद ऐतिहासिक दृश्य मार्ग प्रभावित होगा। संरक्षणवादियों और अन्य लोगों ने भी ट्रंप की वॉशिंगटन को नया रूप देने वाली योजनाओं पर आपत्ति जताई है। उनका मानना है कि इन परियोजनाओं से शहर के ऐतिहासिक स्थलों का स्वरूप बदल सकता है।

ट्रंप की अन्य परियोजनाओं में भी सुरक्षा का तर्क

राष्ट्रीय सुरक्षा का तर्क ट्रंप की दूसरी बड़ी निर्माण परियोजनाओं में भी सामने आया है। व्हाइट हाउस के पूर्व ईस्ट विंग की जगह करीब 400 मिलियन डॉलर की लागत से बनाए जा रहे बॉलरूम को भी वॉशिंगटन की सुरक्षा के लिए ड्रोन सुविधा के तौर पर पेश किया जा चुका है। हालांकि, आर्च में सैन्य सुविधाएं रखने के पीछे ट्रंप ने किसी खास खतरे का उल्लेख नहीं किया है।

Leave a Comment

Other News