
केंद्रीय दवा प्रयोगशालाओं की जांच में अगस्त 2026 के दौरान अलग-अलग कंपनियों की 29 दवाओं के नमूने तय गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। वहीं, राज्यों की दवा परीक्षण प्रयोगशालाओं ने भी 191 नमूनों को ‘मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं’ (NSQ) पाया। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
हर महीने जारी होती है दवाओं की जांच रिपोर्ट
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, नियमित नियामकीय निगरानी के तहत केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) हर महीने मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं पाई गई (NSQ) और नकली दवाओं की सूची अपने पोर्टल पर जारी करता है। अगस्त 2026 की रिपोर्ट में केंद्रीय प्रयोगशालाओं ने 29 और राज्य की दवा परीक्षण प्रयोगशालाओं ने 191 नमूनों को NSQ घोषित किया है।
एक-दो पैमाने पर फेल होने से नमूना NSQ
किसी दवा के नमूने को NSQ तब माना जाता है, जब सरकारी प्रयोगशाला में जांच के दौरान वह तय गुणवत्ता मानकों में से किसी एक या अधिक पैरामीटर पर खरी नहीं उतरती। मंत्रालय ने साफ किया है कि यह निष्कर्ष जांचे गए खास बैच के दवा उत्पाद पर लागू होता है। इसका मतलब यह नहीं है कि बाजार में मौजूद उसी दवा के दूसरे उत्पादों को लेकर भी चिंता की कोई वजह है।
दिल्ली में नकली दवा का मामला सामने आया
राजधानी दिल्ली से एक दवा का नमूना नकली पाया गया है। मंत्रालय के अनुसार, इसे अधिकृत निर्माता के बजाय अनधिकृत निर्माताओं ने बनाया था और इसके लिए किसी दूसरी कंपनी के ब्रांड नाम का इस्तेमाल किया गया। इस मामले की जांच चल रही है और कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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बाजार से ऐसी दवाएं हटाने की कवायद
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि NSQ और नकली दवाओं की पहचान और उन्हें बाजार से हटाने की कार्रवाई नियमित रूप से की जाती है। इसके लिए केंद्रीय और राज्य दवा नियामक मिलकर काम करते हैं, ताकि गुणवत्ता मानकों पर खरी न उतरने वाली या नकली दवाओं की पहचान समय रहते हो सके और उनके खिलाफ जरूरी कदम उठाए जा सकें।




