
{“_id”:”6ad3f24c29d837049f01b616″,”slug”:”digital-fencing-along-the-india-pakistan-border-will-ensure-close-monitoring-of-infiltration-and-smuggling-2026-10-18″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”पंजाब: भारत-पाकिस्तान सीमा पर डिजिटल फेंसिंग शुरू, घुसपैठ और तस्करी पर रहेगी पैनी नजर; अंधेरे में भी कारगर”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}

सांकेतिक चित्र
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब से सटी भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर डिजिटल फेंसिंग का कार्य शुरू हो गया है। यह कदम घुसपैठ, हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए उठाया गया है। सीमा पार से होने वाली घुसपैठ गतिविधियों पर भी इससे लगाम लगेगी। पंजाब से सटी दोनों देशों की सरहद पर कई जगहों पर यह फेंसिंग लग चुकी है।
यह एक मजबूत लोहे की दीवार है, जिसमें छेद हैं और ऊपर कोबरा तार लगाई गई है। इसका उद्देश्य पारंपरिक बाड़बंदी के साथ अत्याधुनिक तकनीक से निगरानी मजबूत करना है। इसमें सेंसर, थर्मल कैमरे, लेजर तकनीक और एंटी-ड्रोन सिस्टम लगे हैं। पंजाब से सटी लगभग साढ़े पांच सौ किलोमीटर की सरहद के कई हिस्सों में उक्त फेंसिंग लगाई गई है। ये दुश्मन की प्रत्येक गतिविधियों को भी भांप लेगी।
निगरानी व्यवस्था की खासियत
इस फेंसिंग में लगे सेंसर जमीन की हलचल, फेंसिंग से छेड़छाड़ या संदिग्ध गतिविधियों का संकेत देते हैं। थर्मल इमेजिंग और नाइट-विजन कैमरे रात के अंधेरे में भी नजर रखते हैं। ये सर्दी में घने कोहरे और खराब मौसम में भी मददगार होंगे।




