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मुंबई:आईआईटी छात्र साहिल वाकोडे की याद में कैंडल मार्च, कॉमेडियन मासूम राजवानी हिरासत में; 140 लोग पकड़े गए – Comedian Masoom Rajwani Detained In Mumbai During Candlelight Vigil For Iit Bombay Student Sahil Wakode

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आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की याद में रविवार को कैंडल मार्च निकालने पहुंचे स्टैंड-अप कॉमेडियन मासूम राजवानी समेत कई लोगों को मुंबई पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस के मुताबिक, शिवाजी पार्क और दादर स्थित चैत्यभूमि में जुटे कुल 140 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया। पुलिस ने कहा कि दोनों जगह बिना अनुमति के सभाएं आयोजित की गई थीं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई।

पुलिस अधिकारी के अनुसार, शिवाजी पार्क में आदिवासी युवाओं के ‘आदिवासी जेन-जी’ प्रदर्शन के लिए जुटे करीब 120 लोगों को हिरासत में लेकर स्थानीय थाने ले जाया गया। वहीं, चैत्यभूमि में साहिल वाकोडे की याद में कैंडल मार्च निकालने पहुंचे 20 से 25 लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें कॉमेडियन मासूम राजवानी भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ने की औपचारिक प्रक्रिया जारी है।

आदिवासी छात्रों की मांगों को लेकर होना था जनाक्रोश मोर्चा

हिरासत में लिए गए लोगों में आदिवासी छात्र और प्रदर्शनकारी भी शामिल हैं। युवा कार्यकर्ताओं के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने महाराष्ट्र के आदिवासी विकास मंत्री अशोक उइके, विभाग के आयुक्त और सचिव के इस्तीफे की मांग को लेकर ‘जनाक्रोश मोर्चा’ निकालने की योजना बनाई थी।

कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से पहले ही दादर रेलवे स्टेशन और तिलक भवन के पास कुछ छात्रों को हिरासत में ले लिया। शिवाजी पार्क की ओर जाने वाले रेलवे स्टेशनों और बस स्टॉप पर भी पुलिस तैनात की गई थी।

आजाद मैदान और शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली

युवा कार्यकर्ताओं के मुताबिक, छात्रों ने पहले आजाद मैदान में प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी, लेकिन पुलिस ने इसे मंजूरी नहीं दी। इसके बाद रविवार को शिवाजी पार्क में मार्च निकालने की अनुमति भी नहीं मिली। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने का ऐलान किया था। पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया, जिसके बाद प्रस्तावित मार्च नहीं हो सका।

प्रदर्शनकारी पिछले दो महीने से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। उनकी प्रमुख मांगों में आदिवासी स्कूलों की स्थिति में सुधार और आदिवासी आवासीय विद्यालयों में केंद्रीकृत रसोई व्यवस्था के लिए लागू ठेका प्रणाली को खत्म करना शामिल है।

सितंबर में हॉस्टल के कमरे में मिला था साहिल का शव

साहिल वाकोडे 18 सितंबर को अपने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटके मिले थे। बताया गया था कि मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करते पकड़े जाने के कुछ घंटे बाद उनकी मौत हुई थी।

साहिल के परिवार और छात्र संगठनों ने आरोप लगाया था कि उन्हें प्रताड़ना और जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ा था। इस मामले में प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला का नाम लेते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित प्रावधानों का हवाला दिया गया है। मुंबई क्राइम ब्रांच अब तक 40 से अधिक लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है।

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