
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों को पदक देकर सम्मानित किया और अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित 87 इंटरसेप्टर वाहनों का फ्लैग ऑफ किया। इस मौके पर उन्होंने प्रदेश का पहला कीर्ति चक्र हासिल करने वाले पुलिसकर्मी शहीद सुनील सिंह के परिजनों को सम्मानित कर बधाई दी। सीएम योगी ने पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक संघर्ष को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे कोई भी व्यक्ति भले ही कितने बड़े पद पर हो पर बिना सुरक्षा के वो निश्चिंत नहीं रह सकता है। यूपी पुलिस ने प्रदेश की जनता को सुरक्षा का एहसास कराया है। यह पहली बार है जब यूपी पुलिस के जवान को कीर्तिचक्र से सम्मानित किया गया है।
ये भी पढ़ें – यूपी: बारिश ने तोड़ा दस साल का रिकॉर्ड, फिर भी 37 जिले रह गए सूखे; मानसून विदा होते ही बढ़ रहा है पारा
ये भी पढ़ें – यूपी में राज्यसभा चुनाव: आठ सीटों के बाद भाजपा की नजर नौंवी सीट पर, चाहिए और 25 वोट; निगाहें सपा के बागियों पर
उन्होंने कहा कि प्रदेश ने एक वो दौर भी देखा है जब सूर्यास्त होने के बाद तराई क्षेत्रों में लोगों को बाहर निकलने में मुश्किल होती थी पर अब ऐसा नहीं है। प्रदेश में कानून व्यवस्था का चेहरा बदला है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 के पहले यूपी में कोई जिला ऐसा नहीं था जहां दंगे न हुए हों। मुजफ्फरनगर दंगा छह महीने चला था। जिलों में माफिया समानांतर सरकार चला रहे थे। यही कारण था कि देश का सर्वाधिक आबादी वाला राज्य उत्तर प्रदेश आर्थिक रूप से सबसे पीछे चला गया था पर अब यूपी और यूपी वालों की पहचान बदली है। उन्होंने कहा कि माफियाओं ओर गुंडों के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति आगे भी जारी रहेगी।




