Search
Home » नेशनल » राजनाथ की दुश्मनों को दो टूक:रक्षा मंत्री बोले- शांति हमारी ताकत है कमजोरी नहीं; सेना को खुली छूट और संसाधन – Rajnath Singh Says Indian Armed Forces Have Freedom And Resources To Respond Decisively To Threats

राजनाथ की दुश्मनों को दो टूक:रक्षा मंत्री बोले- शांति हमारी ताकत है कमजोरी नहीं; सेना को खुली छूट और संसाधन – Rajnath Singh Says Indian Armed Forces Have Freedom And Resources To Respond Decisively To Threats

Share Now :

WhatsApp
Share This

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों को देश के सामने आने वाले खतरों से निर्णायक तरीके से निपटने की पूरी आजादी और जरूरी संसाधन दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर दुश्मन के इलाके में जाकर भी कार्रवाई की जा सकती है।

एक कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत शांति में विश्वास करता है, लेकिन शांति और कमजोरी को एक नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि अगर कोई देश भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देता है तो उससे बातचीत नहीं होगी, बल्कि सुरक्षा बल उसे उचित जवाब देंगे।

आतंकवाद के खिलाफ भारत ने क्या रणनीति अपनाई?

रक्षा मंत्री ने कहा कि दुश्मनों ने जम्मू-कश्मीर में युवाओं को गुमराह करने, आतंकवाद फैलाने और देश विरोधी गतिविधियों के जरिए भारत की सुरक्षा को कमजोर करने की कोशिश की। सरकार ने पुनर्वास, कट्टरपंथ से दूर करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने जैसे कदमों से इन प्रयासों को रोकने का काम किया है। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयरस्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि इन कार्रवाइयों के जरिए आतंकियों और उनके मददगारों को निशाना बनाया गया। उन्होंने सिंधु जल संधि के निलंबन का भी उल्लेख किया।


रक्षा क्षेत्र में भारत कितना मजबूत हुआ?

राजनाथ सिंह के मुताबिक, 2014 से पहले करीब 40 हजार करोड़ रुपये का रक्षा उत्पादन अब लगभग 1.80 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। रक्षा निर्यात भी बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। सरकार का लक्ष्य 2029 तक रक्षा निर्यात को 50 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचाना है।

उन्होंने कहा कि आकाश, पिनाका, अस्त्र, तेजस, अर्जुन और आईएनएस विक्रांत जैसी स्वदेशी प्रणालियां आत्मनिर्भर भारत की दिशा में प्रगति दिखाती हैं। रक्षा उत्पादन में 16 हजार से ज्यादा MSME जुड़े हैं और देश में रक्षा क्षेत्र से जुड़े स्टार्टअप की संख्या 2,000 से अधिक हो गई है।


युद्ध का बदलता स्वरूप क्या है?

रक्षा मंत्री ने कहा कि अब जमीन, समुद्र और हवा के साथ अंतरिक्ष और साइबर क्षेत्र भी युद्ध के नए मोर्चे बन गए हैं। AI, ड्रोन, स्वायत्त तकनीक और सटीक हथियार युद्ध के तरीके बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य इन तकनीकों को देश में विकसित करना और रक्षा नीति को प्रतिक्रियात्मक से सक्रिय बनाना है। सिंह ने भरोसा जताया कि 2047 तक भारत विकसित राष्ट्र बनने के साथ तकनीक, अर्थव्यवस्था और रक्षा के क्षेत्र में दुनिया में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

Published On

Leave a Comment

Other News