अमेरिका अब रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने की दिखा में ठोस पहल कर सकता है। सीनेट में लिंडसे ग्राहम की तरफ से शुरू किया गया अभियान आज अंजाम तक पहुंच गया। ये बड़ी सफलता इसलिए भी है क्योंकि अपने जीवनकाल में रूस पर प्रतिबंध से जुड़ा बिल पारित कराने का प्रयास करने वाले ग्राहम अब इस दुनिया में नहीं हैं, और सीनेट में विधेयक को 86-11 के बहुमत से मंजूरी मिली है। माना जा रहा है कि रूस पर प्रतिबंध लगने से यूक्रेन को लाभ मिलेगा।
क्या अब पुतिन पर दबाव बनाएगा अमेरिका?
दरअसल, अमेरिका ने बीते साढ़े चार वर्ष से जारी संघर्ष के दौरान रूस पर नकेल कसने के कई प्रयास किए हैं। ट्रंप प्रशासन यूक्रेन की अक्सर मदद करता रहा है। ऐसे में अब सीनेट से बिल को मिली स्वीकृति के बाद रूस को कितना नुकसान और यूक्रेन को कितना लाभ होगा, ये देखना बेहद दिलचस्प होगा। समाचार एजेंसी एएनआई पर आई सूचना के मुताबिक अमेरिकी सीनेट में शुक्रवार दोपहर (स्थानीय समय) भारी बहुमत से जिस विधेयक को मंजूरी मिली है, इसका मकसद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर दबाव बनाना है।
ग्राहम का लंबा अभियान, यूक्रेन को लेकर क्या रूख?
रूस पर कड़े प्रतिबंध संबंधी नियम के लिए सीनेटर लिंडसे ग्राहम एक साल से अधिक समय से अभियान चला रहे थे। उन्होंने मुखरता से इस बात का समर्थन किया था कि अमेरिका को यूक्रेन का मजबूती से समर्थन करना चाहिए। अमेरिकी मीडिया के अनुसार, यह द्विदलीय विधेयक (bipartisan legislation) सीनेट से 86-11 के बहुमत से पारित हुआ। इसमें उन देशों को दंडित करने का प्रस्ताव है जो रूस से तेल, गैस जैसी चीजों का व्यापार करते हैं। अन्य वस्तुओं का निर्यात जारी रखने पर भी दंड का प्रस्ताव किया गया है।
ग्राहम के निधन के बाद यूक्रेन से US पहुंचे जेलेंस्की ने क्या किया?
दिवंगत सीनेटर ग्राहम का मानना था कि पुतिन युद्ध को इसलिए बढ़ावा दे रहे हैं क्योंकि उन्हें साढ़े चार वर्ष से जारी संघर्ष के बावजूद तेल-गैस के व्यापार से राजस्व मिल रहा है। उन्होंने रूस को आर्थिक रूप से कमजोर करने के मकसद से प्रतिबंध लगाने संबंधी विधेयक पेश किया। इस बिल को ऐसे समय में मंजूरी मिली है, जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमिर जेलेंस्की ग्राहम के अंतिम संस्कार के कुछ घंटों बाद कैपिटल हिल पहुंचे थे। पिछले सप्ताह दोनों दलों के सीनेटरों से मुलाकात करने के अलावा जेलेंस्की ने सीनेट की गैलरी से पहली प्रक्रियात्मक वोटिंग भी देखी थी।
ग्राहम के मौत की असली वजह क्या?
दो दशक से अधिक समय तक दक्षिण कैरोलिना से रिपब्लिकन सीनेटर रहे लिंडसे ग्राहम का निधन जुलाई के दूसरे हफ्ते में हुआ था। ट्रंप ने उनके सम्मान में देश के राष्ट्रीय ध्वज को झुकाने का आदेश दिया था। सोशल मीडिया पर मौत की वजह को लेकर बीते चार हफ्ते से अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, उनकी मौत की वजह को लेकर सरकार की तरफ से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। 71 वर्षीय सीनेटर की मौत के बाद उनके कार्यालय और कोलंबिया के मेडिकल एग्जामिनर ने बताया कि प्रारंभिक निष्कर्षों के मुताबिक निधन का कारण एओर्टिक डिसेक्शन (aortic dissection) है। यह हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी गंभीर बीमारी- एथेरोस्क्लेरोटिक कार्डियोवैस्कुलर डिजीज (ASCVD) है। इस हाईप्रोफाइल मामले में मौत के कारणों की पड़ताल जारी है।




