गांधी जयंती के अवसर पर पटना के गांधी मैदान में गांधी मूर्ति पर माल्यार्पण के बाद ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भाकपा माले, राजद समेत महागठबंधन के विभिन्न दलों के नेता, कार्यकर्ता, विधायक और पदाधिकारी शामिल हुए। मार्च के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची से हटाए गए नामों को वापस जोड़ने की मांग उठाई गई। भाकपा माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने गांधी मैदान स्थित गांधी मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ को संबोधित किया।
दीपंकर बोले- वोट के अधिकार पर हमला
सभा को संबोधित करते हुए दीपंकर भट्टाचार्य ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनावों को भाजपा के पक्ष में प्रभावित किए जाने के गंभीर सवाल सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में चुनाव आयोग के भीतर लिए जा रहे फैसलों और उन पर उठाई गई आपत्तियों का जिक्र किया गया है। उन्होंने कहा कि जिन नागरिकों के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं, उनके नाम तत्काल वापस जोड़े जाने चाहिए। साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव की मांग की।
चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया पर उठाए सवाल
दीपंकर भट्टाचार्य ने 2023 में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून में किए गए बदलाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसके बाद चुनाव आयोग के सदस्यों की नियुक्ति में सरकार की भूमिका बढ़ी है। उन्होंने चुनाव आयुक्तों को उनके आधिकारिक कार्यों के संबंध में मिली कानूनी सुरक्षा को समाप्त करने की भी मांग की। उनका कहना था कि चुनाव आयोग को स्वतंत्र और जवाबदेह बनाने के लिए नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाना चाहिए।