Search
Home » नेशनल » श्रीलंका:’संकट में साथ खड़ा रहेगा भारत’, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दोनों देशों के संबंधों पर क्या-क्या कहा? – India Will Always Stand Firmly With Sri Lanka In Times Of Crisis: Rajnath Singh

श्रीलंका:’संकट में साथ खड़ा रहेगा भारत’, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दोनों देशों के संबंधों पर क्या-क्या कहा? – India Will Always Stand Firmly With Sri Lanka In Times Of Crisis: Rajnath Singh

Share Now :

WhatsApp
Share This

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि संकट के समय भारत हमेशा श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते साझा इतिहास, संस्कृति और आस्था पर आधारित हैं।

राजनाथ सिंह श्रीलंका क्यों पहुंचे?

राजनाथ सिंह मंगलवार को कोलंबो पहुंचे। यह उनकी श्रीलंका की पहली तीन दिन की यात्रा है। इस दौरान वह श्रीलंका के शीर्ष नेतृत्व के साथ बातचीत करेंगे। उन्होंने भारतीय समुदाय के लोगों से बातचीत के दौरान यह बात कही।

श्रीलंका को भारत ने क्या भरोसा दिया?

रक्षा मंत्री ने कहा, जब भी श्रीलंका किसी संकट का सामना करेगा, भारत हमेशा उसके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।  उन्होंने कहा कि भारत और श्रीलंका के बीच करीबी सांस्कृतिक और पारंपरिक संबंध हैं। इन रिश्तों ने दोनों देशों के संबंधों को मजबूत आधार दिया है। इसी आधार पर दोनों देशों के संबंध लगातार आगे बढ़े हैं। 


भारतीय समुदाय की क्या भूमिका है?

उन्होंने भारतीय समुदाय को भारत और श्रीलंका के बीच ‘सेतु’ यानी पुल बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय दोनों देशों की दोस्ती मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता है।

भारत की अर्थव्यवस्था पर क्या कहा?

राजनाथ सिंह ने भारत की तेजी से बदलती अर्थव्यवस्था का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। भारत दुनिया की आर्थिक वृद्धि में 16 प्रतिशत से ज्यादा का योगदान देता है।

उन्होंने कहा कि दुनिया में आर्थिक चुनौतियों के बीच भारत की अर्थव्यवस्था 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत बढ़ी। उन्होंने बताया कि भारत से होने वाले सामान और सेवाओं के निर्यात की कीमत 2014 में 45 लाख करोड़ रुपये थी। यह 2025-26 में बढ़कर 79 लाख करोड़ रुपये हो गई।

ये भी पढ़ें: नेपाल में फिर कांपी धरती: तिब्बत में भी महसूस किए गए झटके, रिक्टर स्केल में 5.0 रही तीव्रता; कहां था केंद्र?

मोबाइल फोन बनाने में भारत की क्या स्थिति है?

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत अब दुनिया में मोबाइल फोन बनाने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। उन्होंने बताया कि 2014 में भारत में मोबाइल फोन बनाने वाली सिर्फ दो इकाइयां थीं। आज इनकी संख्या 300 से ज्यादा हो गई है।

भारत ने कितने देशों के साथ व्यापार समझौते किए?

सिंह ने बताया कि पिछले 12 साल में भारत ने 38 देशों के साथ व्यापार समझौते किए हैं। इनमें आठ बड़े देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) भी शामिल हैं। 


यूरोपीय संघ के साथ समझौता क्यों अहम है?

उन्होंने भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते को ‘सभी समझौतों की मां’ बताया। उन्होंने कहा कि इस समझौते से भारत के लिए यूरोपीय संघ के बहुत बड़े बाजार तक पहुंच खुलती है। यह भारत की बढ़ती कूटनीतिक और आर्थिक क्षमता को भी दिखाता है।

दुनिया में भारत की साख कैसे बढ़ी?

राजनाथ सिंह ने भारत की वैश्विक साख बढ़ने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया। उन्होंने कहा कि 12 साल पहले की तुलना में आज दुनिया भारत की बात सुनती है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के बोलने पर दुनिया ध्यान देती है।

रक्षा क्षेत्र में भारत कितना आगे बढ़ा?

उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति भारत की बढ़ती क्षमता को दिखाती है। उन्होंने कहा कि भारत एक मजबूत और आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।

ये भी पढ़ें: इस्राइल: यरुशलम में ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास बंद करने का एलान, 12 अधिकारियों पर भी रोक; क्यों लिया गया फैसला?

भारत के स्टार्टअप की स्थिति क्या है?

सिंह ने कहा कि आज भारत दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप पारिस्थितिकीतंत्र है। 2014 के बाद से देश में यूनिकॉर्न की संख्या तेजी से बढ़ी है। यह भारत के युवाओं की नई सोच और कारोबार शुरू करने के साहस को दिखाता है।


जीएसटी से क्या बदलाव आया?

रक्षा मंत्री ने कहा कि जीएसटी लागू होने से ‘एक देश, एक टैक्स’ व्यवस्था बनी है। उन्होंने कहा कि टैक्स में राहत देने वाले कदमों से व्यक्तिगत करदाताओं पर बोझ भी कम हुआ है।

कितने भारतीय गरीबी से बाहर आए?

राजनाथ सिंह ने दावा किया कि करीब 25 करोड़ भारतीयों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। उन्होंने डिजिटल सार्वजनिक ढांचे के बड़े असर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ब्रॉडबैंड कनेक्शन तेजी से बढ़े हैं। यूपीआई का इस्तेमाल भी अभूतपूर्व तरीके से बढ़ा है।

Published On

Leave a Comment

Other News