
19 रन पर चार विकेट गंवाकर संकट में फंसा भारत
115 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने महज 19 रन के स्कोर पर अपने चार अहम विकेट गंवा दिए। सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना दूसरे ओवर की पहली गेंद पर आउट हो गईं। इसके बाद ऑफ स्पिनर न्याशा ग्वांजुरा ने अनुष्का शर्मा को भी पवेलियन भेज दिया। तीसरे ओवर में पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर का विकेट गिरने से भारतीय खेमे की चिंता और बढ़ गई। पावरप्ले के दौरान ग्वांजुरा ने तीन विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी क्रम को झकझोर दिया। एक समय ऐसा लग रहा था कि जिम्बाब्वे की टीम बड़ा उलटफेर कर सकती है, लेकिन इसके बाद निकी प्रसाद और दीप्ति शर्मा ने जिम्मेदारी संभाली।
केलिस न्द्लोवु और शर्ने मेयर्स ने संभाली जिम्बाब्वे की पारी
इससे पहले टॉस के बाद बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट पर 114 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज केलिस न्द्लोवु ने 44 गेंदों पर 42 रन की पारी खेलकर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई। उन्होंने अपनी पारी में कट, पुल और ड्राइव जैसे आकर्षक शॉट लगाए। न्द्लोवु और बेलव्ड बिजा की साझेदारी ज्यादा देर नहीं चली। बिजा पहले ही ओवर में क्रांति गौड़ की गेंद पर बोल्ड हो गईं। इसके बाद न्द्लोवु ने मोडेस्टर मुपाचिकवा के साथ दूसरे विकेट के लिए 53 रन जोड़े। मुपाचिकवा ने 26 गेंदों पर 16 रन बनाए, लेकिन 11वें ओवर में श्रीय चरानी की गेंद पर कैच देकर आउट हो गईं। 10 ओवर के बाद जिम्बाब्वे का स्कोर एक विकेट पर 60 रन था। हालांकि, इसके बाद न्द्लोवु की रन गति धीमी पड़ गई। वह अपनी पिछली 12 गेंदों पर केवल दो रन बना सकीं और अरुंधति रेड्डी की गेंद पर बोल्ड हो गईं।
शर्ने मेयर्स की नाबाद पारी से 114 रन तक पहुंचा जिम्बाब्वे
जिम्बाब्वे की पारी के अंतिम ओवरों में शर्ने मेयर्स ने उपयोगी बल्लेबाजी की। उन्होंने 33 गेंदों पर नाबाद 43 रन बनाए, जिसमें दो छक्के और चार चौके शामिल रहे। उनकी पारी की बदौलत जिम्बाब्वे की टीम सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचने में सफल रही। हालांकि, भारतीय गेंदबाजों के सामने जिम्बाब्वे के अन्य बल्लेबाज खुलकर रन नहीं बना सके।








