
प्रदेश में प्रशासक बनाए गए ग्राम प्रधानों को मानदेय देने का नियम नहीं है। इसलिए मानदेय जारी रखने की उनकी मांग पूरी होने की फिलहाल कोई उम्मीद नहीं है। मई में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें प्रशासक बना दिया गया था।
शासन के सूत्रों के मुताबिक, प्रशासकों को ग्राम प्रधान का दर्जा नहीं दिया जा सकता। इसलिए उन्हें मानदेय भी नहीं मिल सकता। यहां बता दें कि यूपी में 58213 ग्राम पंचायतें, 827 क्षेत्र पंचायतें और 75 जिला पंचायतें हैं। प्रधानों को प्रति माह 5 हजार रुपये देने का प्रावधान है।
इसी तरह ब्लॉक प्रमुखों को 11300 रुपये और जिला पंचायत अध्यक्षों को 15500 रुपये प्रति माह मानदेय मिलता है। लेकिन, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अब ये पदाधिकारी निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं रह गए हैं। जब भी एडीओ पंचायत प्रशासक बनाए गए तो उन्हें भी कोई मानदेय नहीं दिया जाता था।




