
09:32 AM, 30-Aug-2026
तमिलनाडु के लापता हुए 319 लोगों में से 219 कल पहुंचेंगे तमिलनाडु, 100 अभी भी लापता
तमिलनाडु के मंत्री राजमोहन ने बताया कि नेपाल में फंसे तमिलनाडु के 319 लोगों में से 219 को बचा लिया गया है और ये सभी 219 लोग 31 अगस्त तक तमिलनाडु पहुंच जाएंगे। उन्होंने कहा, “पिछले तीन दिनों से मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के निर्देशों पर हम दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं और नेपाल में फंसे तमिलों को बचाने के लिए विभिन्न प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल, अनिवासी तमिल कल्याण विभाग के मंत्री थेन्नारासु दिल्ली में हैं और बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। तमिलनाडु के कुल 319 लोग विभिन्न समूहों के माध्यम से नेपाल गए थे। इनमें से 219 लोग सुरक्षित हैं। वे 31 अगस्त की रात तक चेन्नई पहुंच जाएंगे। शेष 100 लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है और वे फिलहाल लापता माने जा रहे हैं। यह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की आपदा है। इस घटना में सभी को मिलकर काम करना होगा। हमारा एकमात्र उद्देश्य प्रभावित लोगों को बचाना है।”
09:30 AM, 30-Aug-2026
नेपाल बाढ़ त्रासदी: अब तक 724 लोगों की मौत की पुष्टि, 2400 से ज्यादा लापता
नेपाल बाढ़ त्रासदी में अब तक 724 लोगों की मौत हो चुकी है। नेपाल सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार 2498 लोग अभी भी लापता हैं।
08:55 AM, 30-Aug-2026
नेपाल में बाढ़ के कारण ओडिशा के चार लोग लापता, दो अन्य सुरक्षित भारत लौटे
ओडिशा सरकार ने बताया कि नेपाल में आई भयानक बाढ़ के बाद राज्य के चार लोग लापता हैं, जबकि दो अन्य सुरक्षित भारत पहुंच गए हैं। लापता लोगों की पहचान खुर्दा जिले के संदीप महापात्रा और उनकी पत्नी सिद्धार्थ कुमारी साहू, बरगढ़ जिले की गुन्नम साईं बिंदु कुमारी और उनकी बेटी गुन्नम हरेशखा के तौर पर की गई है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि महापात्रा और साहू 2018 से ऑस्ट्रेलिया में रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि साईं बिंदु कुमारी के पति गुन्नम जय कृष्ण नेपाल में सुरक्षित हैं और उनसे संपर्क करने में मदद के लिए उनकी लोकेशन विदेश मंत्रालय के साथ साझा की गई है।
उनके परिवार के अनुसार, जय कृष्ण पिछले छह वर्षों से नेपाल के अपर त्रिशूली में एंडट्रिज हाइड्रोपावर के साथ काम कर रहे हैं। इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि मयूरभंज जिले के बारीपदा की कुलसुम निगार और सुंदरगढ़ ज़िले की दीपिका एक्का सुरक्षित रूप से रक्सौल पहुंच गई हैं और भारत में प्रवेश कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि एक कोच हलीम और ओडिशा के छह फ़ुटबॉल खिलाड़ी भी पोखरा में सुरक्षित हैं, जहां राज्य की टीम ने एक फ़ुटबॉल टूर्नामेंट में पहला स्थान हासिल किया था।
08:06 AM, 30-Aug-2026
भारत से राहत सामग्री लेकर चौथा विमान पहुंचा नेपाल
नेपाल में भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने ट्वीट किया, “भारत से राहत सामग्री से भरी चौथी उड़ान, जिसमें कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और स्वच्छता किट सहित 11 टन सामग्री थी, काठमांडो पहुंच गई है। इस उड़ान में सुरंग खोज और बचाव अभियान के लिए अतिरिक्त तकनीकी दल और उपकरण भी लाए गए हैं।”
08:02 AM, 30-Aug-2026
भारत से मदद मिलने पर क्या बोले नेपाल के वित्त मंत्री?
नेपाल में बाढ़ की स्थिति पर देश के वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वागले ने कहा, “हमें भारत से बहुत राहत सामग्री की आपूर्ति मिली है। मुझे लगता है कि राहत सामग्री लेकर तीन विमान पहले ही आ चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री ने एकजुटता व्यक्त करने और नेपाल को आवश्यक हर तरह की सहायता देने का वादा करने में बहुत सकारात्मक रुख दिखाया है। वे फंसे हुए कुछ भारतीय तीर्थयात्रियों के बारे में भी चिंतित हैं और उनका बचाव भी हमारी प्राथमिकता है।”
07:31 AM, 30-Aug-2026
सुरक्षित वापस लौटे केरल के 16 लोग, सात अभी भी लापता
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने जानकारी देते हुए बताया, “कोच्चि से आए 14 सदस्यीय समूह, श्रुति शिखामणि (कक्कनाड) और रिनीत मोहन (पिरावोम) सहित 16 केरलवासी सुरक्षित घर लौट आए हैं। नेपाल और भारत के ट्रांजिट स्थानों पर 45 यात्रियों के सुरक्षित होने की पुष्टि हो चुकी है और उनकी वापसी की व्यवस्था की जा रही है। सात व्यक्तियों से संपर्क करना बाकी है (जिनमें केरल मूल के 4 ऑस्ट्रेलियाई नागरिक शामिल हैं)। उनके बारे में जानकारी विदेश मंत्रालय के साथ सक्रिय रूप से जुटाई जा रही है।”
07:29 AM, 30-Aug-2026
काठमांडो में फंसे नागपुर के 102 तीर्थयात्री सुरक्षित लौटे घर
नागपुर के 102 तीर्थयात्री, जो नेपाल में अचानक आई बाढ़ के कारण काठमांडो में फंस गए थे, रविवार सुबह महाराष्ट्र के अपने शहर सुरक्षित लौट आए। अधिकारियों ने बताया कि ये 102 तीर्थयात्री, विदर्भ इलाके के चार अन्य लोगों के साथ, 19 अगस्त को पशुपतिनाथ मंदिर और अन्य तीर्थ स्थलों की यात्रा के लिए नेपाल गए थे। वे 27 अगस्त तक काठमांडो में रुके; नेपाल-तिब्बत सीमा पर अचानक आई बाढ़ के एक दिन बाद तक वे वहीं थे। जहां विदर्भ के चार तीर्थयात्री शनिवार को हवाई जहाज से पहुंचे, वहीं बाकी 102 तीर्थयात्री रविवार सुबह करीब 4.30 बजे ट्रेन से नागपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे।
07:08 AM, 30-Aug-2026
नेपाल में फिर बढ़ा भोटेकोशी नदी का जलस्तर, किन इलाकों में हाई अलर्ट?
नेपाल में 26 अगस्त की विनाशकारी बाढ़ के बाद भोटेकोशी नदी का पानी और बहाव फिर बढ़ने से प्रशासन सतर्क हो गया है। नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों के नदी किनारे बसे लोगों और राहत टीमों को बेहद सावधान रहने की चेतावनी दी है। नदी के बढ़ते शोर और तेज बहाव की सूचना के बाद आपात सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया है। बाढ़ में अब तक 675 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,418 लोग लापता या संपर्क से बाहर हैं। इनमें 287 भारतीय नागरिक और 128 भारतीय मूल के लोग शामिल हैं। इस बीच रसुवा के जलविद्युत परियोजना में फंसे चार भारतीयों को बचा लिया गया है। अब तक 88 भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
06:21 AM, 30-Aug-2026
जिंदगी बचाने का संघर्ष…भारत ने नेपाल के आग्रह पर भेजे 11 विशेषज्ञ
नेपाल में सैलाब के चौथे दिन मृतकों का आंकड़ा 675 पर पहुंच गया। जबकि करीब तीन हजार लोग अब भी लापता हैं। शनिवार को करीब 750 लोगों को सुरक्षित बचाया गया। ऐसे में लोगों के बचे होने की उम्मीद अब भी है। अब सबसे बड़ी चुनौती मलबे और जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने की है। 5 जिलों में 27 जल विद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। इन सुरंगों में फंसे लोगों को बचाने के लिए भारत के 11 विशेषज्ञों की टीम त्रिशूली पहुंच गई।
भारत की यह वही टीम है, जिसने उत्तराखंड के सिलक्यारा सुरंग में फंसे लोगों को निकाला था। इसमें डॉक्टरों, डीएनए विशेषज्ञों आैर सुरंग इंजीनियर शामिल हैं। टीम ने त्रिशूली जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे श्रमिकों को निकालने के अभियान में जुट गई है। द गािर्जयन के अनुसार, यहां 900 से अधिक कर्मी लापता हैं। इनमें 63 भारतीय हैं। सैलाब में अब तक 3 हजार लोग लापता हैं। इस बीच, शनिवार देर रात भारत ने चौथी बार 11 टन की राहत सामग्री भेजी है।
06:11 AM, 30-Aug-2026
287 भारतीय और 128 पीआईओ अब भी लापता
- नेपाल बाढ़ में केरल के 16 और लोगों की सुरक्षित वापसी… नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद केरल के 16 और लोग सुरक्षित घर लौट आए हैं। इनमें एर्नाकुलम के पिरवोम निवासी रिनीथ मोहन भी शामिल हैं, जिनसे कुछ समय से संपर्क नहीं हो पा रहा था।
- 45 लोगों की सुरक्षा की पुष्टि… नोरका रूट्स के अनुसार, हेल्प डेस्क से संपर्क करने वाले 45 लोगों की सुरक्षा की पुष्टि हो चुकी है। उनके परिजनों को बताया गया है कि वे नेपाल या भारत के दूसरे हिस्सों में सुरक्षित हैं, उन्हें घर लाने की व्यवस्था की जा रही है।
- रिनीथ मोहन की फोन खोने से टूटी थी संपर्क की कड़ी… रिनीथ 23 अगस्त को छुट्टी मनाने नेपाल गए थे। बाढ़ के समय वह पोखरा के पास थे। दिल्ली जाते समय उनका फोन खो गया, जिसके कारण परिवार से संपर्क टूट गया था। वह 27 अगस्त को दिल्ली से ट्रेन से केरल के लिए रवाना हुए और 30 अगस्त की दोपहर घर पहुंच गए।
- कोच्चि के 14 सदस्यीय दल की भी वापसी… सुरक्षित लौटने वालों में कोच्चि का 14 सदस्यीय दल भी शामिल है। काक्कनाड की श्रुति शिखामणि भी घर लौट आई हैं, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गई थीं। बाढ़ आने के समय वह काठमांडू में थीं।
- 287 भारतीय और 128 पीआईओ अब भी लापता… आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, प्रभावित क्षेत्रों में 287 भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के 128 लोग अब भी लापता या संपर्क से बाहर हैं।





