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अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट:मजबूत रोजगार आंकड़ों से ब्याज दर बढ़ने की आशंका; महंगाई पर क्या होगा असर? – Stocks Fall After Surprisingly Strong Jobs Report Raises Prospects Of Interest Rate Hike

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अमेरिकी शेयर बाजार में शुक्रवार को गिरावट दर्ज की गई। वहीं, अमेरिकी सरकारी बॉन्ड की यील्ड (रिटर्न) में भी ज्यादातर बढ़ोतरी हुई। अमेरिकी सरकार ने रोजगार के नए आंकड़े जारी किए। इसके मुताबिक, कंपनियों ने पिछले महीने उम्मीद से ज्यादा लोगों को नौकरी दी। अगस्त में 1 लाख 62 हजार नई नौकरियां जुड़ीं।

नौकरियों में इस अचानक बढ़ोतरी से फेडरल रिजर्व को ब्याज दर बढ़ाने की गुंजाइश मिल सकती है। इसका मकसद महंगाई को काबू करना है। फेडरल रिजर्व के अधिकारी इस महीने के अंत में बैठक करने वाले हैं।

यूएस बैंक एसेट मैनेजमेंट ग्रुप के मुख्य इक्विटी रणनीतिकार टेरी सैंडवेन ने कहा, आज की रोजगार रिपोर्ट से ब्याज दर बढ़ाने की ओर संकेत मिलता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ब्याज दर बढ़ना अभी तय नहीं है।

शेयर बाजार में कितनी गिरावट दर्ज की गई?

एसएंडपी 500 में 0.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। डाउ जॉन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 245 अंक यानी 0.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। यह आंकड़ा दोपहर 12:48 बजे (पूर्वी समय) का है।

नैस्डैक कंपोजिट में 0.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। तकनीकी कंपनियों के शेयरों में बढ़त से बाजार की गिरावट कुछ कम हुई। एनवीडिया के शेयर में 1.4 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। एडवांस्ड मेक्रो डिवाइसेस के शेयर 4.2 फीसदी चढ़े। सेनडिस्क के शेयर में 10.4 फीसदी की तेजी आई। मेक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 4.6 फीसदी बढ़े।

किस कंपनी के शेयरों में बड़ी गिरावट?

लुलुलेमोन एथलेटिका के शेयर में 17.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। कंपनी ने तिमाही नतीजे जारी किए। उसकी बिक्री विश्लेषकों के अनुमान से कम रही। कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष के लिए अपना अनुमान एक बार फिर घटा दिया। यूरोप और एशिया के शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख रहा।

सरकारी बॉन्ड के रिटर्न में क्या हुआ?

अमेरिकी सरकारी बॉन्ड की यील्ड (मुनाफे की दर) पिछले दो दिनों में कम हुई थी। शुक्रवार को इसमें बढ़ोतरी दर्ज की गई। 10 साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 4.76 फीसदी रही। गुरुवार देर रात यह 4.77 फीसदी थी। यह यील्ड होम लोन की ब्याज दरों को प्रभावित करती है। इस साल इसमें लगातार बढ़ोतरी हुई है। 2026 की शुरुआत में यह 4.20 फीसदी तक नीचे थी।

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दो साल के बॉन्ड पर मिलने वाला ब्याज क्यों अहम?

दो साल के अमेरिकी सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाला रिटर्न 4.36 फीसदी हो गया। गुरुवार को यह 4.34 फीसदी था। यह रिटर्न बताता है कि फेडरल रिजर्व की ब्याज दर को लेकर बाजार क्या उम्मीद कर रहा है। हालांकि, साल की शुरुआत के मुकाबले यह अभी काफी ज्यादा है। 2026 की शुरुआत में यह 3.50 फीसदी तक नीचे था।

क्या फेड इस साल ब्याज दर बढ़ाएगा?

वॉल स्ट्रीट को उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व साल खत्म होने से पहले ब्याज दर बढ़ा सकता है। इसका मकसद महंगाई को कम करना है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। इससे महंगाई पर दबाव बढ़ा है। महंगाई अभी भी तीन फीसदी से काफी ऊपर है। फेड का लक्ष्य महंगाई को घटाकर 2 प्रतिशत करना है।

अगस्त में कितनी नौकरियां बढ़ीं?

अमेरिकी श्रम मंत्रालय ने बताया कि अगस्त में रोजगार बढ़ने की रफ्तार काफी तेज रही। फैक्टसेट के सर्वे में अर्थशास्त्रियों ने 65 हजार नई नौकरियों का अनुमान लगाया था। लेकिन अगस्त में 1 लाख 62 हजार नौकरियां जुड़ीं। श्रम विभाग ने जून और जुलाई के आंकड़ों में भी बदलाव किया। इन दोनों महीनों के रोजगार आंकड़ों में कुल 55 हजार नौकरियां और जोड़ी गईं। बेरोजगारी की दर 4.1 फीसदी पर बनी रही।

मजबूत रोजगार से फेड की मुश्किल क्यों बढ़ी?

रोजगार बाजार मजबूत होने से फेड के लिए फैसला लेना मुश्किल हो सकता है। फेड को एक तरफ रोजगार बढ़ाने वाली अर्थव्यवस्था को सहारा देना है। दूसरी तरफ उसे महंगाई को भी काबू करना है। ब्याज दर बढ़ाने से आर्थिक विकास की रफ्तार धीमी हो सकती है। इससे महंगाई को कम करने में मदद मिल सकती है।

एलपीएल फाइनेंशियल के मुख्य अर्थशास्त्री जेफरी रोच ने कहा कि रोजगार के मजबूत आंकड़ों को देखते हुए 16 सितंबर को ब्याज दर बढ़ने की संभावना बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि ब्याज दर बढ़ने से बाजार में उतनी हलचल नहीं हो सकती। इसके मुकाबले अगर फेड अधिकारी ब्याज दर नहीं बढ़ाते हैं, तो बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव हो सकता है।

सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की कितनी उम्मीद?

रोजगार रिपोर्ट आने के बाद शुक्रवार को सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना 60.4 प्रतिशत हो गई। गुरुवार को यह संभावना 49.4 प्रतिशत थी। एक हफ्ते पहले यह 57 प्रतिशत थी। यह आंकड़ा सीएमई फेडवॉच का है।

अगला महंगाई आंकड़ा कब आएगा?

अमेरिकी सरकार 11 सितंबर को अगस्त की महंगाई के आंकड़े जारी करेगी। यह आंकड़ा फेड की अगली बैठक से कुछ दिन पहले आएगा। फेड की नीति तय करने वाली समिति की बैठक 16 सितंबर को खत्म होगी। 

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई भी जारी किया जाएगा। सीपीआई आम लोगों के लिए सामान और सेवाओं की कीमतों में बदलाव बताता है। उम्मीद है कि अगस्त में महंगाई की दर 3.4 फीसदी रहेगी। जुलाई में भी यह दर 3.4 फीसदी थी। इस साल ज्यादातर समय महंगाई 3 फीसदी से ऊपर बनी रही है।

प्लांट मोरेन फाइनेंशियल एडवाइजर्स के मुख्य निवेश अधिकारी जिम बेयर्ड ने कहा कि अब अगस्त की सीपीआई रिपोर्ट सामने आने वाली है। सवाल यह है कि उम्मीद से ज्यादा रोजगार बढ़ने और महंगाई के दबाव का असर क्या होगा। क्या इससे फेड अधिकारी इस महीने के अंत में ब्याज दर बढ़ाने का फैसला करेंगे?

फेड प्रमुख ने क्या संकेत दिया?

फेड चेयरमैन केविन वार्श ने पिछले हफ्ते व्योमिंग के जैक्सन होल में फेड की सालाना आर्थिक बैठक में बात की थी। उन्होंने कहा था कि महंगाई में अभी पर्याप्त सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि केंद्रीय बैंक को अभी और काम करना पड़ सकता है। इससे संकेत मिला कि वह फेड की अगली बैठक में ब्याज दर बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं।

फेड के एक और अधिकारी ने क्या कहा?

गुरुवार को फेडरल रिजर्व के गवर्नर क्रिस्टोफर वालर ने अलग संकेत दिया। उन्होंने कहा कि अगर अगले हफ्ते के आंकड़े बताते हैं कि महंगाई कम हो रही है, तो वह फेड की मुख्य ब्याज दर को मौजूदा स्तर पर रखने के पक्ष में होंगे। लेकिन अगर आंकड़ों से महंगाई ज्यादा बढ़ती दिखी, तो वह ब्याज दर बढ़ाने पर विचार करेंगे।

तेल की कीमतों में क्या हुआ?

शुक्रवार को तेल की कीमतों में शुरुआत में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, तेल की कीमतें अभी भी काफी ऊंची हैं। इस हफ्ते की शुरुआत में तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई थी। अमेरिका और ईरान के बीच छह महीने से चल रहा युद्ध और तेज हो गया है। 

गुरुवार को ईरान ने कुवैत पर हमला किया। यह हमला अमेरिका की इस हफ्ते की शुरुआत में हुई बमबारी के जवाब में किया गया। होर्मुज जलडमरूमध्य भी प्रभावी रूप से बंद है।

कच्चे तेल की कीमत कितनी हुई?

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमत तय करने वाले ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत में 0.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद कीमत 95.37 डॉलर प्रति बैरल रही। अमेरिकी कच्चे तेल की कीमत में 0.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसकी कीमत 90.72 डॉलर प्रति बैरल रही। पूरे हफ्ते की बात करें तो ब्रेंट तेल की कीमत 8.2 फीसदी बढ़ी है। अमेरिकी कच्चे तेल की कीमत 8.8 फीसदी बढ़ी है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर क्या असर?

एएए के मुताबिक, अमेरिका में इस सप्ताहांत पेट्रोल की कीमतें साल के इस समय के मुकाबले अब तक की सबसे ज्यादा होंगी। शुक्रवार को डीजल की कीमत भी साल के किसी भी समय के मुकाबले रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। डीजल की औसत कीमत 5.85 डॉलर प्रति गैलन रही। 

डीजल का इस्तेमाल सामान ढोने और डिलीवरी के लिए बड़ी संख्या में वाहनों में होता है। इसलिए डीजल महंगा होने से सामान पहुंचाने का खर्च भी बढ़ेगा। इसका असर रोजमर्रा की कई चीजों की कीमतों पर पड़ सकता है। इससे आम लोगों के लिए चीजें महंगी हो सकती हैं।

सोमवार को शेयर बाजार क्यों बंद रहेगा?

अमेरिका के शेयर बाजार सोमवार को बंद रहेंगे। सोमवार को वहां श्रमिक दिवस की छुट्टी है।

 

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