
मुजफ्फरपुर जिले में गंडक और बागमती नदी के बढ़ते जलस्तर ने कई इलाकों में लोगों की मुश्किल बढ़ा दी है। जहां एक ओर गंडक नदी का पानी बढ़ने से साहेबगंज प्रखंड और पारू प्रखंड के कई स्कूलों में पानी भर गया है, वहीं बागमती नदी के बढ़ते पानी से कटरा प्रखंड क्षेत्र के स्कूलों में बाढ़ आ गई है। नेपाल के तराई और गंडक के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के साथ वाल्मीकिनगर बैराज से छोड़े गए पानी का असर गंडक नदी के जलस्तर पर दिख रहा है।
गांव में बाढ़ की दोहरी मार, अब बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित
साहेबगंज प्रखंड में गांवों के साथ-साथ अब कई स्कूलों में पानी घुस चुका है। कहीं स्कूल पानी से घिर गए हैं तो कहीं स्कूल बचे भी हैं, लेकिन वहां जाने का रास्ता बंद है और पहुंचने वाली सड़क पूरी तरह डूब गई है। नाव से पहुंचने के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई है। इस दौरान कुछ बच्चियां नाव से मुख्य सड़क तक पहुंचती हैं और फिर वहां से ऑटो पकड़कर स्कूल जाती हैं।
मुजफ्फरपुर के इन स्कूलों में आया बाढ़ का पानी
गंडक और बागमती की बाढ़ ने जिले के दो दर्जन से अधिक स्कूलों में पढ़ाई बाधित कर दी है। जिले के गंडक नदी से प्रभावित साहेबगंज प्रखंड में माधोपुर हजारी पंचायत में उमावि माधोपुर हजारी, मवि माधोपुर हजारी, प्रावि माधोपुर हजारी बलुआ टोला, बंगरा निजामत पंचायत में प्रावि बंगरा निजामत कन्या-1, प्रावि विष्णुपुर चक पहाड़ कन्या-1, प्रावि बंगरा गाछी टोला, प्रावि बंगरा गाछी टोला मुशहर, प्रावि पहाड़पुर आह्लाद, मवि विष्णुपुर चक पहाड़ बालक, मवि बंगरा बरार, हुस्सेपुर पंचायत में हुस्सेपुर नया टोला प्रावि और रूप छपरा पंचायत में मवि रूप छपरा नूनिया टोला बाढ़ के पानी से जलमग्न हैं।
वहीं, बागमती नदी से प्रभावित कटरा प्रखंड में बकुची मिडिल स्कूल, नवादा हाई स्कूल, गंगेया हाई स्कूल, नवादा पोखर मिडिल स्कूल, बालकंजीवारी मिडिल स्कूल, माधोपुर स्कूल, अंदामा स्कूल एवं बलुआ टोला प्राथमिक स्कूल समेत आठ स्कूलों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने से पढ़ाई बंद है। इस दौरान स्कूल आने-जाने वाले मार्ग भी बाढ़ के पानी में डूबे हैं।
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बच्चों और बच्चियों ने बताई दास्तां
सातवीं कक्षा की छात्रा रंजू राज ने बताया कि उसका भी स्कूल पानी आने की वजह से बंद है। घर के पास भी पानी लगा हुआ है और रास्ता डूब गया है। कोचिंग खुली हुई है और नाव से आना-जाना हो रहा है। पानी कब तक खत्म होगा, इसका पता नहीं है, लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही यह परेशानी खत्म होगी और फिर सब सामान्य हो जाएगा। माधोपुर हजारी पंचायत के रहने वाले सातवीं कक्षा के छात्र मंगल कांत कुमार ने बताया कि उसका स्कूल राजकीय मध्य विद्यालय माधोपुर हजारी बाजार है। उसने कहा कि उसका स्कूल सड़क से महज 30-40 फीट की दूरी पर है, लेकिन वहां पहुंचने का रास्ता पानी में डूब गया है।मंगल कांत ने बताया कि वह अंतिम दिन शनिवार को स्कूल गया था और उस दिन पढ़ाई भी हुई थी, लेकिन रविवार से अचानक पानी बढ़ गया। सोमवार सुबह जब देखा तो स्कूल जाने का पूरा रास्ता डूब चुका था। अब स्कूल कब खुलेगा और वह कब स्कूल जाएगा, यह पता नहीं है।
ग्रामीणों ने कहा- बच्चों पर आफत
साहेबगंज प्रखंड के बंगरा पंचायत के ग्रामीण शंकर राय कहते हैं कि गांव का कन्या प्राथमिक विद्यालय भी पूरी तरह पानी में डूब गया है। इस स्कूल में बड़ी संख्या में बच्चियां पढ़ती हैं। स्कूल के कमरों में करीब 3 से 4 फीट तक पानी जमा है और यह स्थिति पिछले दो दिनों में बनी है। ग्रामीण निर्मला देवी का कहना है कि गांव में पानी आ गया है। स्कूल डूबने के कारण बच्चों की पढ़ाई बंद हो गई है। अब तो बच्चों को साहेबगंज भेजने के लिए सड़क भी नहीं बची है। कोई सामान लाना हो या किसी जरूरत के लिए हमें बाहर निकलना हो तो अब नाव ही एकमात्र सहारा है। पानी बढ़ता रहा तो मुश्किल और भी बढ़ेगी।




