
सार
आपका बच्चा व्हाट्सएप पर किस ग्रुप से जुड़ रहा है और एप पर क्या कंटेंट देख रहा है, अब माता-पिता इसका आसानी से मार्गदर्शन कर सकेंगे। व्हाट्सएप ने भारत में माता-पिता के लिए नए और स्मार्ट फीचर पेश किए हैं। 6-अंकों के यूनिक पिन आधारित इस टूल की मदद से पैरेंट्स अपने टीनएज बच्चों की प्राइवेसी सेटिंग्स, ग्रुप एक्टिविटी अलर्ट्स और मेटा एआई तक की पहुंच को आसानी से कंट्रोल कर सकेंगे, वह भी बच्चों की पर्सनल चैट पढ़े बिना। आइए जानते हैं यह नया फीचर कैसे काम करता है और इसे कैसे सेटअप करें…

व्हाट्सएप (WhatsApp) ने भारतीय यूजर्स के लिए नए पैरेंटल कंट्रोल्स फीचर्स लॉन्च कर दिया हैं। इसका मकसद माता-पिता को उनके किशोर (टीन) बच्चों के एप उपयोग पर बेहतर निगरानी और मार्गदर्शन देने की सुविधा देना है। खास बात यह है कि ये फीचर्स वैकल्पिक (ऑप्शनल) हैं और इन्हें माता-पिता व बच्चे मिलकर सेटअप कर सकते हैं, वो भी बच्चों की चैटस पढ़े बिना।
कंपनी ने एक आधिकारिक बयान में कहा,कि आज हम किशोरों के लिए पैरेंटल कंट्रोल्स पेश कर रहे हैं, लचीले, वैकल्पिक टूल्स का एक सेट जिसे माता-पिता और किशोर मिलकर सेटअप कर सकते हैं ताकि परिवार ऐसा व्हाट्सएप अनुभव चुन सकें जो उनके लिए सही हो।
व्हाट्सएप पर अब माता-पिता को मिलेगा ज्यादा कंट्रोल
- कंपनी के अनुसार, ये नए पैरेंटल कंट्रोल्स वैकल्पिक टूल्स का एक सेट हैं, जिन्हें माता-पिता और बच्चे मिलकर सेटअप कर सकते हैं। इसका मकसद हर परिवार को अपने हिसाब से व्हाट्सएप का अनुभव चुनने में मदद करना है।
- माता-पिता इन कंट्रोल्स के जरिए यह तय कर सकते हैं कि उनके किशोर के लिए कौन-सी प्राइवेसी सेटिंग्स उपयुक्त हैं। इसमें यह भी शामिल है कि किशोर की प्रोफाइल फोटो कौन देख सकता है और उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप्स में कौन जोड़ सकता है।
- अगर किशोर इन सेटिंग्स में बदलाव करके ज्यादा लोगों को अपने साथ इंटरैक्ट करने की अनुमति देना चाहता है, तो कुछ मामलों में माता-पिता की ओर से सेट किए गए पिन के जरिए अभिभावक की मंजूरी जरूरी हो सकती है।
- नए पैरेंटल कंट्रोल्स फीचर की यह सबसे खास बात है। माता-पिता को उनके किशोर की ग्रुप गतिविधियों से जुड़े अपडेट मिल सकते हैं। व्हाट्सएप उन्हें नोटिफिकेशन भेजेगा जब उनका किशोर किसी ग्रुप में शामिल होगा या किसी ग्रुप को छोड़ देगा। इसके अलावा, अगर ऐसा कोई ग्रुप जिसमें उनका किशोर शामिल है, उसका आकार काफी बढ़ जाता है, तो माता-पिता को इसका अलर्ट भी मिल सकता है।
- इससे माता-पिता को यह समझने में मदद मिलेगी कि उनका किशोर किन कम्युनिटीज या ग्रुप्स का हिस्सा बन रहा है। हालांकि, इन कंट्रोल्स के जरिए उन्हें ग्रुप की बातचीत पढ़ने की अनुमति नहीं मिलेगी।
- इतना ही नहीं व्हाट्सएप के नए पैरेंटल कंट्रोल्स सिर्फ ग्रुप्स तक सीमित नहीं हैं। इनका विस्तारचैनल्स और स्टेटस फीचर्स तक भी किया गया है। माता-पिता यह तय कर सकते हैं कि उनका किशोर चैनल्स का इस्तेमाल किस तरह करे।
- इसके अलावा वे यह भी कंट्रोल कर सकते हैं कि उनका बच्चा कौन सा स्टेटस अपडेट देख सकता है और उसके अपने यानी बच्चे के खुद के स्टेटस अपडेट्स को कौन देख सकता है। इस तरह माता-पिता को व्हाट्सएप के अलग-अलग सोशल फीचर्स पर भी अपने किशोर के लिए उपयुक्त सेटिंग्स चुनने का विकल्प मिलेगा।
नए पैरेंटल कंट्रोल्स में मेटा एआई को भी शामिल किया गया है। इसमें माता-पिता अपने बच्चे के लिए डिफॉल्ट 13+ अनुभव चुन सकते हैं। इसके अलावा, अगर परिवार ज्यादा सख्त कंटेंट विकल्प चाहता है, तो माता-पिता लिमिटेड कॉन्टेंट विकल्प चुन सकते हैं। यह सेटिंग परिवार की जरूरत और उपयुक्तता के हिसाब से चुनी जा सकती है।

व्हाट्सएप पैरेंटल कंट्रोल्स कैसे सेटअप करें?
- व्हाट्सएप खोलें: सबसे पहले अपने फोन में व्हाट्सएप खोलें और ऊपर दाहिने कोने में बने तीन डॉट्स (Three Dots) या सेटिंग्स विकल्प पर टैप करें।
- पैरेंटल कंट्रोल चुनें:सेटिंग्स मेनू में नीचे दिए गए पैरेंटल कंट्रोल विकल्प पर क्लिक करें।

- अकाउंट लिंक करें: यहां अपने किशोर बच्चे का व्हाट्सएप अकाउंट चुनें जिसे आप लिंक करना चाहते हैं।




