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तकनीक:बारिश की कमी का अनुमान लगाएगा एआई ट्रैकर, फसल बदलने और बुवाई का सही समय भी बताएगा यह सॉफ्टवेयर – Technology: An Ai Tracker Will Predict Rainfall Deficits

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बारिश की कमी से किसानों और सरकार की चिंता के बीच भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान देहरादून के वैज्ञानिकों ने एआई तकनीक आधारित ऐसा सॉफ्टवेयर विकसित करने का दावा किया है, जो बारिश की कमी का अनुमान लगाने के साथ कम पानी वाली वैकल्पिक फसलों का सुझाव भी देगा।

वैज्ञानिकों की टीम ने इस ऑनलाइन सॉफ्टवेयर को ‘अल नीनो एंड खरीफ ट्रैकर’ नाम दिया है। नासा और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के सैटेलाइट से मिलने वाली मौसम संबंधी जानकारी के आधार पर यह भारत के किसी भी जिले या क्षेत्र में बारिश की कमी का लगभग सटीक अनुमान लगा सकेगा। 

किसान स्मार्टफोन से अपनी लोकेशन साझा कर या लोकेशन कॉलम में क्षेत्र का नाम दर्ज कर वहां बारिश की स्थिति की जानकारी ले सकेंगे। इसे व्हाट्सएप या ईमेल से अन्य किसानों के साथ साझा भी किया जा सकेगा। फिलहाल इसके इस्तेमाल के लिए कोई शुल्क नहीं होगा। 

डॉ. सादिकुल इस्लाम, डॉ. राजेश कौशल और डॉ. शाकिर अली की टीम ने इसे विकसित किया है। डॉ. सादिकुल इस्लाम ने बताया कि सॉफ्टवेयर किसी क्षेत्र में बारिश की संभावना के साथ भारी कमी या बाढ़ की आशंका की जानकारी देकर किसानों को समय रहते सावधान कर सकेगा।

यह प्रति हेक्टेयर बारिश की कमी का अनुमान लगाकर फसलों को होने वाले नुकसान की जानकारी भी देगा। इससे किसान नुकसान कम करने या वैकल्पिक फसल पर विचार कर सकेंगे। फिलहाल यह खरीफ फसलों पर केंद्रित है, बाद में रबी फसलों की जानकारी भी ली जा सकेगी। सॉफ्टवेयर अभी प्रायोगिक तौर पर उपलब्ध है और इसका प्रमाणीकरण होना बाकी है।

बुवाई का समय भी बताएगा

मिट्टी के तापमान, हवा में नमी, बारिश की संभावना और अगले एक सप्ताह के मौसम के अनुमान के आधार पर सॉफ्टवेयर किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई का उपयुक्त समय बताएगा, ताकि बेहतर पैदावार हासिल की जा सके।

अभी प्रायोगिक चरण में

सॉफ्टवेयर फिलहाल लोगों के लिए प्रायोगिक तौर पर उपलब्ध है। इसका प्रमाणीकरण होना बाकी है। वैज्ञानिक टीम परिणामों को और सटीक बनाने के लिए लगातार इसे विकसित कर रही है।

 

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