
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गुट के सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया। विपक्ष के इस प्रदर्शन को भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने सियासी ड्रामा बताया। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने चुनाव आयोग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति का हवाला देते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा।
भाजपा सांसद ने कहा कि राहुल गांधी ने दिनभर दावा किया कि उन्हें चुनाव आयोग से मिलने नहीं दिया जा रहा है, जबकि आयोग ने स्पष्ट किया कि उसे इंडी गठबंधन या कांग्रेस पार्टी की ओर से बैठक के लिए कोई अनुरोध नहीं मिला था। चुनाव आयोग की ओर से मंगलवार को भी इसी तरह की जानकारी सामने आई कि किसी राजनीतिक दल से बैठक के लिए औपचारिक अनुरोध नहीं मिला था।
भाजपा बोली- राहुल गांधी का झूठ हुआ बेनकाब
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “झूठों के सरताज, अनेक प्रकार के प्रपंच और नाटकीय प्रस्तुतीकरण में माहिर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आज दिनभर जो ड्रामा किया, चुनाव आयोग द्वारा औपचारिक रूप से जारी प्रेस रिलीज से उनका झूठ पूरी तरह बेनकाब हो गया।”
#WATCH | Delhi | BJP MP Sudhanshu Trivedi says, “…The drama enacted by Leader of the Opposition Rahul Gandhi throughout the day has been exposed as a lie by the facts revealed in the Election Commission’s officially released press statement. All day long, he kept telling the nation that he was being denied a meeting. The Election Commission has clearly stated that no request for a meeting was received from either the INDI Alliance or the Congress party. Secondly, the Commission noted in its press release that it was only at 4 pm that the police DCP informed them of the Leader of the Opposition’s desire to meet. The Commission has an established procedure for such requests: while they are ready to meet immediately, the meeting must take place with a delegation of representatives. However, he insisted on a different approach, claiming that 300 MPs were with him and intending to enter the premises with that entire group… This further demonstrates that he was not genuinely prepared for a standard meeting. It was suggested that a senior Commission official could visit the protest site to receive the memorandum, but Rahul Gandhi refused that option as well. It is evident that he had no real intention of actually presenting his case to the Election Commission.”
— ANI (@ANI) October 6, 2026
उन्होंने कहा, “दिनभर वे देश के सामने कहते रहे कि उन्हें चुनाव आयोग से मिलने नहीं दिया जा रहा है। लेकिन चुनाव आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उससे मिलने के लिए इंडी गठबंधन अथवा कांग्रेस पार्टी की ओर से किसी भी प्रकार की कोई रिक्वेस्ट प्राप्त नहीं हुई थी। यानी, यह उनका झूठ नंबर वन है।”
राहुल गांधी की मांग को लेकर चुनाव आयोग ने दिया क्या जवाब?
भाजपा सांसद ने कहा कि चुनाव आयोग की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आयोग को शाम 4 बजे पुलिस के डीसीपी के माध्यम से जानकारी मिली कि नेता प्रतिपक्ष चुनाव आयोग से मिलना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि उसने एक निर्धारित प्रक्रिया बना रखी है और कोई भी दल मिलना चाहे तो वह तत्काल मिलने के लिए तैयार है, लेकिन प्रतिनिधियों के माध्यम से।”
त्रिवेदी ने दावा किया कि राहुल गांधी ने 300 सांसदों के साथ चुनाव आयोग के परिसर में जाने की बात कही। उन्होंने कहा, “उन्होंने जिद की कि वे 300 सांसदों के साथ चुनाव आयोग के परिसर में जाएंगे, जो भारत के इतिहास में कभी नहीं हुआ और न ही वहां इतनी बड़ी संख्या में लोगों के लिए व्यवस्था है।”
भाजपा ने इंडिया गुट के प्रदर्शन पर खड़े किए सवाल
उन्होंने कहा कि इससे यह सवाल उठता है कि क्या राहुल गांधी वास्तव में चुनाव आयोग के साथ निर्धारित प्रक्रिया के तहत बैठक के लिए तैयार थे। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से एक वरिष्ठ अधिकारी को धरना स्थल पर भेजकर ज्ञापन लेने का विकल्प भी दिया गया था, लेकिन इसके लिए भी वे तैयार नहीं हुए।” त्रिवेदी ने आरोप लगाया, “अर्थात, यह स्पष्ट है कि उनका उद्देश्य चुनाव आयोग के सामने अपनी बात रखना नहीं, बल्कि केवल राजनीतिक ड्रामा करना था।”
‘राहुल गांधी चाहते थे कि चुनाव आयुक्त उनसे मिलने आएं’
भाजपा सांसद ने कहा कि राहुल गांधी की अपेक्षा थी कि चुनाव आयुक्त खुद आकर उनसे मुलाकात करें। उन्होंने कहा, “सबसे बड़ी बात ये है कि राहुल गांधी अपेक्षा कर रहे थे कि चुनाव आयुक्त आकर उनसे मिलें। जोकि एक गंभीर बात है।” उन्होंने आगे कहा, “क्योंकि भारत की संसद भी किसी विषय पर सुनवाई के लिए, किसी प्रश्न के उत्तर के लिए चुनाव आयोग को तलब नहीं कर सकती है।”
‘300 सांसदों के दावे पर भी सवाल’
सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस के 300 सांसदों के दावे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने दावा किया कि 300 सांसद थे। ये 300 सांसद कहां थे? कांग्रेस पार्टी के लोकसभा में 99 सांसद हैं और राज्यसभा में 30 सांसद हैं… तो यह 300 का आंकड़ा कहां से आया?”
उन्होंने सवाल किया, “यह कहां से आया? इतना बड़ा झूठ? क्या आप चुनाव आयोग से इस तरह के तकनीकी मुद्दे पर सवाल कर रहे हैं?”
त्रिवेदी ने आगे कहा कि यह पूरा घटनाक्रम लोकतंत्र की जगह राजशाही स्थापित करने की कोशिश के तौर पर पेश किया गया। उन्होंने कहा, “यह पूरी तरह स्पष्ट है कि यह पूरा तमाशा इसलिए रचा गया ताकि उस लोकतंत्र की जगह राजशाही स्थापित करने की बात बनाई जा सके, जिस पर लोकतांत्रिक मुखौटा लगा हुआ था।”
भाजपा सांसद का आरोप- कांग्रेस बोलती है खुलेआम झूठ
उन्होंने कहा कि देश ने देखा कि कांग्रेस पार्टी के सभी सांसद भी वहां मौजूद नहीं थे, फिर भी 300 सांसदों की संख्या को लेकर दावा किया गया। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “इससे यह स्पष्ट होता है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस तरह के कई प्रपंच और तमाशे किए हैं और उन्हें लॉन्च करने की सभी कोशिशें विफल रही हैं। मेरा मानना है कि आज यह साबित हो गया है कि कांग्रेस पार्टी खुले तौर पर झूठ बोलती है।”




