Search
Home » नेशनल » आईपीएस अधिकारी के मानहानि नोटिस पर भड़के राजद सांसद:सीएम को लिखा खुला पत्र; पूछा- क्या सरकार से ली थी अनुमति? – Rjd Mp Writes ‘open Letter’ To Bihar Cm After Getting Defamation Notice From Ips Officer

आईपीएस अधिकारी के मानहानि नोटिस पर भड़के राजद सांसद:सीएम को लिखा खुला पत्र; पूछा- क्या सरकार से ली थी अनुमति? – Rjd Mp Writes ‘open Letter’ To Bihar Cm After Getting Defamation Notice From Ips Officer

Share Now :

WhatsApp
Share This

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह ने शुक्रवार को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को एक ‘खुला पत्र’ लिखा। उन्होंने मुख्यमंत्री का ध्यान भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी कुंदन कृष्णन से मिले मानहानि के नोटिस की ओर दिलाया। कृष्णन फिलहाल विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के महानिदेशक के पद पर तैनात हैं। सुधाकर सिंह ने मुख्यमंत्री चौधरी को संबोधित अपना पत्र सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने कृष्णन से मिला कानूनी नोटिस भी साझा किया।

नोटिस में सांसद पर क्या आरोप लगाए गए?

आईपीएस अधिकारी की ओर से एक कानूनी फर्म ने छह पन्नों का नोटिस जारी किया है। इसमें बक्सर के सांसद पर कृष्णन के खिलाफ जानबूझकर मानहानि करने वाले, झूठे और अपमानजनक बयान देने और उन्हें प्रकाशित करने का आरोप लगाया गया है।

छह अक्तूबर को जारी नोटिस के अनुसार, सुधाकर सिंह ने इस साल जून में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें उन्होंने भोजपुर जिले के भरत तिवारी मुठभेड़ मामले में कृष्णन की ‘प्रमुख भूमिका’ होने का आरोप लगाया था। हालांकि, उस समय मामले की जांच एक न्यायिक जांच आयोग कर रहा था।

पिछले महीने इंटरव्यू में क्या कहा था?

नोटिस में यह भी आरोप लगाया गया है कि सुधाकर सिंह ने पिछले महीने एक बार फिर अधिकारी के खिलाफ ‘बेबुनियाद’ आरोप लगाए। उन्होंने एक समाचार पोर्टल को इंटरव्यू दिया था। उस समय राज्य के अलग-अलग हिस्सों से छेड़छाड़ के कई मामले सामने आए थे।

ये भी पढ़ें: बिहार: संजय सरावगी का प्रशांत किशोर पर हमला, बोले- ‘राजद के जंगलराज का सूट-बूट वाला अपग्रेडेड वर्जन’

15 दिन में माफी नहीं मांगी तो क्या होगा?

राजद नेता से कहा गया है कि नोटिस मिलने के 15 दिनों के भीतर वह माफी मांगें। ऐसा नहीं करने पर कृष्णन की ओर से मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा। इसमें पांच करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की जाएगी।

सांसद ने मुख्यमंत्री से क्या पूछा?

हालांकि, सांसद ने अपने खुले पत्र में अपने रुख पर कायम रहने के संकेत दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या अधिकारी ने कानूनी नोटिस जारी करने से पहले सरकार की मंजूरी ली थी। सुधाकर सिंह ने दावा किया कि केंद्र और राज्य, दोनों जगह सरकारी कर्मचारियों के आचरण से जुड़े नियमों के तहत ऐसी मंजूरी लेना जरूरी है।

मुख्यमंत्री कार्यालय और अधिकारी ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री कार्यालय और कृष्णन, दोनों ने सुधाकर सिंह की ओर से लगाए गए आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। सुधाकर सिंह ने अधिकारी पर ‘मनमानी करने’ का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अधिकारी खुद को सरकारी कर्मचारी के बजाय ‘शासक’ समझते हैं।

Published On

Leave a Comment

Other News