पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध भले ही थोड़ा धीमा पड़ा है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर से आने वाले जहाजों की आवाजाही अब भी बुरी तरह प्रभावित है। इस बीच मंगलवार को लाल सागर में एक भारतीय झंडे वाले वाणिज्यिक पोत पर हमला हुआ था। पहले तो यह साफ नहीं हुआ कि युद्ध क्षेत्र से दूर इस अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में भारत के जहाज पर किसने हमला किया। हालांकि, यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य सरकार ने आरोप लगाया है कि इस हमले के लिए ‘हूती’ विद्रोही संगठन जिम्मेदार हैं।
गौरतलब है कि लाल सागर में हुए इस हमले के बाद कार्गो जहाज एमएसवी फैज-ए-नूर ऑलिया यमन के जलक्षेत्र के पास डूब गया था। इसमें सवार 14 क्रू सदस्यों में से 13 भारतीय और एक यमन का नागरिक था, जिन्हें सुरक्षित बचा लिया गया। यमन की सरकार ने इस घटना को लेकर हूतियों पर निशाना साधा और नौसेना और कोस्ट गार्ड की मदद से पीड़ितों के लिए राहत-बचाव कार्य चलाया।
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