
विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच तीस्ता और अन्य साझा नदियों से जुड़े जल मुद्दों पर द्विपक्षीय संयुक्त नदी आयोग और पहले से स्थापित संवाद तंत्र के जरिए बातचीत जारी रहेगी। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि तीस्ता नदी परियोजना पर भारत का रुख पहले ही बांग्लादेश को बता दिया गया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने द्विसाप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान बांग्लादेश के तीस्ता मुद्दे पर रुख से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए कहा, “बांग्लादेश और भारत के बीच कई नदियां साझा हैं। सटीक संख्या बताएं तो दोनों देशों के बीच 54 नदियां साझा हैं। दोनों देशों के बीच जल से जुड़ा कोई भी सहयोग या बातचीत बांग्लादेश के साथ हमारे द्विपक्षीय संयुक्त नदी आयोग या संयुक्त नदी आयोग के साथ-साथ पहले से मौजूद संवाद तंत्र के जरिए ही होगी।”
भारत-बांग्लादेश के बीच प्रमुख मुद्दा है तीस्ता नदी
तीस्ता नदी लंबे समय से भारत और बांग्लादेश के बीच एक प्रमुख मुद्दा रही है। इसमें जल बंटवारे के साथ नदी प्रबंधन से जुड़े व्यापक विषय भी शामिल हैं। बांग्लादेश तीस्ता के पानी में अधिक हिस्सेदारी की मांग करता रहा है, जबकि व्यापक जल बंटवारा समझौता अब तक लंबित है। पश्चिम बंगाल की अपनी जल जरूरतों को लेकर आपत्ति भी इस समझौते के लंबित रहने की एक वजह रही है।
भारत और बांग्लादेश के बीच 54 नदियां साझा हैं। वर्ष 1996 की गंगा जल संधि फरक्का बैराज पर सूखे मौसम में पानी के बंटवारे को नियंत्रित करती है। हालांकि, कई दौर की द्विपक्षीय बातचीत के बावजूद तीस्ता का मुद्दा अब तक हल नहीं हो सका है। 2011 में प्रस्तावित एक समझौते में तीस्ता के पानी का 42.5 प्रतिशत हिस्सा भारत और 37.5 प्रतिशत हिस्सा बांग्लादेश को देने की बात कही गई थी। बाकी हिस्से को अन्य जरूरतों के लिए रखा जाना था। हालांकि, पश्चिम बंगाल के विरोध के कारण यह प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका।
भारत आतंकवाद को हराने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा: विदेश मंत्रालय
मुंबई पुलिस की ओर से 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मामले में पाकिस्तान में मौजूद छह आरोपियों के खिलाफ उनकी अनुपस्थिति में मुकदमा चलाने की प्रक्रिया शुरू किए जाने के बीच विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि भारत आतंकवाद को हराने के लिए “हर जरूरी कदम” उठाता रहेगा।
आतंकवाद से निपटने और आरोपियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए भारत के व्यापक रुख पर बात करते हुए जायसवाल ने कहा कि नई दिल्ली चाहती है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय आतंकी गतिविधियों की गंभीरता को समझे। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
ट्रंप की भारत की चुनाव प्रणाली पर टिप्पणी को लेकर क्या बोला विदेश मंत्रालय?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से अमेरिका में मतदाता पहचान संबंधी सख्त नियमों की वकालत के दौरान भारत की चुनाव प्रक्रिया का जिक्र किए जाने के बाद विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को भारत की चुनाव प्रणाली की “विश्वसनीयता और मजबूती” को रेखांकित किया।
ट्रंप ने सोमवार को स्थानीय समयानुसार अमेरिका में मतदाता पात्रता सुरक्षा कानून पारित करने की अपनी मांग दोहराई थी। इस दौरान उन्होंने भारत की चुनाव प्रणाली और मतदाता पहचान संबंधी नियमों का हवाला दिया था। जायसवाल ने अमेरिकी राष्ट्रपति की टिप्पणी पर सीधे प्रतिक्रिया देने से इनकार किया। जायसवाल ने कहा, “इन टिप्पणियों पर मेरी कोई विशेष प्रतिक्रिया नहीं है। हालांकि, मैं यह कह सकता हूं कि भारत की चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता और मजबूती दुनिया भर में अच्छी तरह स्थापित तथ्य हैं।”
ट्रंप ने की थी क्या टिप्पणी?
ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पोस्ट में इस महीने की शुरुआत में भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के हवाले से अमेरिका में मतदाता पहचान संबंधी आवश्यकताओं पर की गई टिप्पणी का जिक्र किया। ट्रंप ने कहा, “इस महीने की शुरुआत में भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने हमारे प्रशासन से पूछा था- वैध फोटो पहचान पत्र के बिना आप अमेरिका में चुनाव कैसे करा सकते हैं?”
भारत में हुए पिछले आम चुनाव का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा, “भारत के पिछले चुनाव में 64 करोड़ 60 लाख मतदाता थे। एक प्रतिशत से भी कम लोगों ने डाक से मतदान किया और प्रत्येक मतदाता के पास वैध फोटो पहचान दस्तावेज होना जरूरी था।” ट्रंप ने कांग्रेस से अमेरिका में मतदाता पात्रता सुरक्षा कानून पारित करने की अपनी मांग दोहराते हुए कहा, “हमें अब अमेरिका की मतदाता पात्रता सुरक्षा कानून पारित करना होगा।”
ब्रिटेन में मर्चेंट नेवी के कैप्टन की गिरफ्तारी पर क्या बोला विदेश मंत्रालय?
ब्रिटेन में भारतीय मर्चेंट नेवी के मास्टर कैप्टन अजय पंत की गिरफ्तारी पर विदेश मंत्रालय ने कहा, “यह एक कानूनी मामला है, लेकिन हम इस मामले पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। हम कैप्टन अजय पंत के वकीलों और उनके परिवार के साथ लगातार संपर्क में हैं। हमारे उच्चायोग ने 24 जून को उनसे मुलाकात कर उनका हालचाल पूछा था। हम कैप्टन पंत की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस मामले पर ब्रिटेन स्थित उच्चायोग और विदेश मंत्रालय के साथ भी संपर्क में हैं। मैं आपको इस मामले पर नवीनतम जानकारी देता रहूंगा।”
शेख हसीना को लेकर बांग्लादेश के बयान पर क्या कहा?
बांग्लादेश विदेश मंत्रालय के बयान पर जायसवाल ने कहा, “भारत बांग्लादेश के साथ हितों की समानता और पारस्परिक सहयोग पर आधारित सकारात्मक, रचनात्मक और प्रगतिशील संबंध चाहता है। पूर्व प्रधानमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर हमारा रुख स्पष्ट है। प्रत्यर्पण के मुद्दे पर हमारा निरंतर यही रुख रहा है कि इन अनुरोधों की जांच हमारी स्थापित प्रक्रियाओं के तहत की जा रही है।”




