
पाकिस्तान के जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की आंखों को लेकर जेल प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट को अहम जानकारी दी है। रावलपिंडी की अदियाला जेल की ओर से अदालत में दाखिल रिपोर्ट में कहा गया है कि इमरान खान की आंखों की स्थिति में काफी सुधार हुआ है और उनकी नजर अब ‘लगभग सामान्य’ हो गई है। यह रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है, जब सुप्रीम कोर्ट में इमरान की उस याचिका पर सुनवाई होनी है, जिसमें उन्होंने इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में इलाज कराने की मांग की है।
आंखों की बीमारी कब सामने आई और इलाज कहां हुआ?
73 वर्षीय इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उनकी आंख की बीमारी जनवरी के अंत में सामने आई थी। उन्हें दाहिनी आंख में सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन यानी सीआरवीओ की समस्या बताई गई थी। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए इस्लामाबाद स्थित पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज यानी पीआईएमएस कई बार ले जाया गया। जेल प्रशासन के मुताबिक, पीआईएमएस के नेत्र रोग विभाग के प्रमुख डॉक्टर मुहम्मद आरिफ खान और रावलपिंडी के अलशिफा ट्रस्ट आई हॉस्पिटल के विट्रियॉ-रेटिनल विशेषज्ञ डॉक्टर नदीम कुरैशी ने उनका इलाज किया।
जेल प्रशासन ने इमरान की सेहत को लेकर क्या दावा किया?
जेल प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, इलाज के बाद इमरान खान की आंख में काफी सुधार देखा गया और उनकी नजर लगभग सामान्य हो गई। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि उनकी सेहत की नियमित निगरानी की जा रही है। जेल के चिकित्सा अधिकारी दिन में तीन बार उनकी जांच करते हैं। इस दौरान उनके भोजन की निगरानी के साथ रक्तचाप, हृदय गति और ऑक्सीजन स्तर जैसे जरूरी स्वास्थ्य मानकों की भी जांच की जाती है। प्रशासन ने कहा कि जेल में रहने के दौरान उनका मेडिकल रिकॉर्ड भी लगातार रखा गया है।
क्या इमरान खान को जेल में पर्याप्त इलाज मिल रहा?
जेल प्रशासन ने अदालत को बताया कि इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं दी जा रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने भी दोनों की स्वास्थ्य जांच की है। प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट से इमरान की इलाज संबंधी याचिका को खारिज करने का अनुरोध किया है। उसका कहना है कि इमरान को जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है और उनकी आंख की हालत में सुधार इसका प्रमाण है।
इमरान खान की पार्टी इस रिपोर्ट पर क्या कह रही?
जेल प्रशासन के दावे के बावजूद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ यानी पीटीआई की ओर से इमरान खान की सेहत को लेकर चिंता जताई गई है। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि एक मेडिकल रिपोर्ट में इमरान का रक्तचाप अधिक पाया गया है। उन्होंने दावा किया कि इमरान के निजी डॉक्टरों ने पहले उनका रक्तचाप सामान्य पाया था। अफरीदी के अनुसार, इमरान के परिवार, कानूनी टीम और निजी डॉक्टरों को 2 दिसंबर 2025 से उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट में कब होगी इमरान की याचिका पर सुनवाई?
इमरान खान की इलाज संबंधी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 18 अगस्त को सुनवाई होनी है। तीन सदस्यीय पीठ इसकी सुनवाई करेगी। पीठ की अध्यक्षता न्यायमूर्ति शाहिद वाहिद करेंगे। इसमें न्यायमूर्ति नईम अख्तर अफगान और न्यायमूर्ति इश्तियाक इब्राहिम भी शामिल हैं। जेल प्रशासन ने अदालत से इमरान की याचिका को खारिज करने की मांग की है। वहीं पीटीआई का कहना है कि इमरान को किसी विशेष रियायत की मांग नहीं है, बल्कि उन्हें कानून के अनुसार उचित इलाज और न्याय मिलना चाहिए।




