
आरोपी जासिर बिलाल वानी ने दिल्ली हाईकोर्ट में डिफॉल्ट जमानत के लिए अर्जी दाखिल की थी। उसने अपनी याचिका में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा जांच की अवधि बढ़ाए जाने को जमानत का मुख्य आधार बनाया था। उसका तर्क था कि तय समय सीमा के भीतर जांच पूरी न होने के कारण उसे डिफॉल्ट जमानत मिलनी चाहिए।

लाल किला बम धमाके का आरोपी जासिर बिलाल वानी
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