कुलगाम जिले के केलम में शुक्रवार शाम छत्तीसगढ़ के दो श्रमिकों की हत्या लश्कर-ए-ताइबा के स्थानीय आतंकी मोहम्म्द लतीफ भट ने की है। लतीफ ने ही गत 22 जुलाई को अनंतनाग के लाल चाैक पर अमरनाथ यात्रा में तैनात पुलिस के हेड काॅन्सटेबल आशिक हुसैन को गोली मारी थी। उसने अकेले ही दोनों वारदातों को अंजाम दिया और भाग निकला। सुरक्षाबलों ने अब इस आतंकी को ढेर करने के लिए पूरे दक्षिण कश्मीर में व्यापक तलाशी अभियान छेड़ दिया है।
केलम में आतंकियों ने ईंट भट्ठे पर काम करने वाले दो श्रमिकों 28 वर्षीय भूपेंद्र और 24 वर्षीय दीपक रात्रे पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दी थीं। हमले में दीपक की माैके पर ही माैत हो गई, जबकि भूपेंद्र ने शनिवार सुबह स्किम्स श्रीनगर में दम तोड़ दिया। उसने कथित ताैर पर दोनों का नाम पूछकर गोली मारी थी। दोनों श्रमिकों का अंतिम संस्कार केलम के पालपोरा में स्वजन, पुलिस अधिकारियों और नागरिक प्रशासन की मौजूदगी में किया गया। आतंकी वारदात से आहत उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक बुलाई। इसमें उन्होंने आतंकियों के सफाये के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को सटीक एवं प्रभावी आतंकरोधी अभियान तेजी से चलाने के निर्देश दिए।
वारदात को अंजाम देने वाले आतंकियों को दबोचने व मार गिराने के लिए सुरक्षाबलों ने शुक्रवार रात से ही व्यापक तलाशी अभियान चला रखा है। अभियान में शनिवार को अतिरिक्त सुरक्षाबलों को शामिल कर घटनास्थल और आसपास के बड़े इलाके को सील कर दिया गया है। सामान्य आवाजाही रोक दी गई है ताकि आतंकी बचकर निकल न सकें।
अभियान में जम्मू-कश्मीर पुलिस का स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी), सेना के विशेष दस्ते और खोजी कुत्ते लगाए गए हैं। आने-जाने वाले संदिग्ध वाहनों और लोगों की गहन जांच-पड़ताल की जा रही है। हमले के बाद न केवल कुलगाम, बल्कि श्रीनगर समेत पूरे कश्मीर और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है। श्रीनगर के प्रवेश और निकास द्वारों, प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त नाके लगाए गए हैं। महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील प्रतिष्ठानों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
सूत्रों ने बताया कि सुरक्षाबलों ने कई संदिग्ध ओवर ग्राउंड वर्करों (ओजीडब्ल्यू) को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। डीजीपी नलिन प्रभात और पुलिस तथा अन्य सुरक्षाबलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का भी दौरा किया और सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया है।
एके-47 से वारदात को अंजाम दिया
सूत्रों ने बताया कि लश्कर आतंकी लतीफ ने उसने अकेले ही इस वारदात को अंजाम दिया और एके-47 का इस्तेमाल किया। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मोहम्मद लतीफ करीब 21 साल है और कुलगाम जिले में ही नई बस्ती (ख्रेवन चद्दर) का रहने वाला है।
पिछले साल नवंबर में भाग गया था घर से
आतंकी लतीफ पिछले साल 19 नवंबर को अपने घर से लापता हो गया था। परिवार के लोगों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार लापता होने के बाद वह पिछले साल ही आतंकी संगठन में शामिल हो गया।
10 दिनों में दूसरा बड़ा आतंकी हमला
जम्मू-कश्मीर में पिछले 10 दिनों में यह दूसरा बड़ा आतंकी हमला है। इससे पहले 22 जुलाई को अनंतनाग के लाल चौक पर अमरनाथ यात्रा ड्यूटी में तैनात जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद पुलिस ने करीब 5000 ओजीडब्ल्यू हिरासत में लिए थे।
मृतकों के परिवार को 16-16 लाख रुपये की मदद
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रमिक की टारगेट किलिंग की कड़ी निंदा की है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का एलान किया है। इसके अलावा जिला प्रशासन की ओर छह लाख रुपये की तत्काल राहत राशि भी दी गई है।
आतंकरोधी ऑपरेशन को सटीक और असरदार बनाएं सुरक्षाबल व अधिकारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपराज्यपाल ने डीजीपी नलिन प्रभात और शीर्ष अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी डीसी और एसएसपी को निर्देश दिया कि वे बाहर से आए मजदूरों की सुरक्षा के लिए बनाए गए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर यानी एसओपी की गहन समीक्षा करें।
एलजी ने कहा, हमें आतंकवादियों को खत्म करने के लिए सटीक और असरदार आतंकवाद-विरोधी ऑपरेशन तेज करने होंगे। बैठक में अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा इंतजामों को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
- एलजी ने कहा कि नियोक्ता सुनिश्चित करें कि दूसरे राज्यों से आए सभी मजदूरों को बीमा मिले और उनकी जानकारी स्थानीय पुलिस और जिला अधिकारियों के पास दर्ज हो।




