कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) अगले एक महीने के भीतर भीम ऐप के जरिए दावा निपटान की नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है। इस नई सुविधा के तहत सदस्य भीम ऐप के माध्यम से अपना दावा जमा कर सकेंगे और मंजूरी मिलने के बाद दावे की राशि सीधे उनके यूपीआई से जुड़े बैंक खाते में भेज दी जाएगी। केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त रमेश कृष्णमूर्ति ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। यह कदम ईपीएफओ की सेवाओं को आधुनिक बनाने और कर्मचारियों व नियोक्ताओं के अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में उठाया जा रहा है।
क्या होगी भीम-यूपीआई आधारित नई दावा निपटान व्यवस्था?
रमेश कृष्णमूर्ति ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि नए ढांचे के तहत सदस्य भीम ऐप के जरिए दावा दाखिल कर सकेंगे और दावे की राशि सीधे उनके यूपीआई से जुड़े बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पूरी व्यवस्था को अधिकतम एक महीने के भीतर लागू कर दिया जाएगा। इससे दावा निपटान की प्रक्रिया पहले के मुकाबले अधिक तेज, आसान और सुविधाजनक हो जाएगी।
गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों के लिए क्या है सरकार की योजना?
सामाजिक सुरक्षा उपायों पर बात करते हुए कृष्णमूर्ति ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा संहिता में गिग, प्लेटफॉर्म और अन्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक विशेष योजना का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार जैसे ही इस ढांचे को अंतिम रूप देगी, योजना और उसे लागू करने वाली एजेंसी की घोषणा भी कर दी जाएगी।
क्या इस योजना को ईपीएफओ लागू करेगा?
कृष्णमूर्ति ने कहा कि यह फैसला सरकार करेगी कि इस योजना को ईपीएफओ लागू करेगा या किसी अन्य नामित एजेंसी के माध्यम से इसे संचालित किया जाएगा। अंतिम निर्णय सरकार द्वारा तय किए गए ढांचे के आधार पर लिया जाएगा।
ईपीएफओ से जुड़े रहने की अपील क्यों की गई?
उन्होंने सभी कर्मचारियों और नियोक्ताओं से ईपीएफओ से जुड़े रहने की अपील करते हुए कहा कि यह देश की सबसे मजबूत सेवानिवृत्ति सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में से एक है। उन्होंने कहा कि ईपीएफओ द्वारा लागू किए जा रहे नए सुधारों का उद्देश्य सदस्यों को विश्वस्तरीय सेवाएं उपलब्ध कराना है।
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नियोक्ताओं के लिए क्या बदलाव करने की तैयारी है?
कृष्णमूर्ति ने कहा कि अब ईपीएफओ अनुपालन से जुड़े सुधारों पर विशेष ध्यान देगा। आने वाले समय में नियोक्ताओं के लिए ईपीएफओ के साथ काम करने की प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाया जाएगा। उनका कहना था कि इन सुधारों से कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों का ईपीएफओ पर भरोसा और मजबूत होगा तथा संगठन सामाजिक सुरक्षा और सेवानिवृत्ति योजना के क्षेत्र में एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में उभरेगा।




