
कोलंबिया में शक्तिशाली भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र (EMSC) के अनुसार, भूकंप की प्रारंभिक तीव्रता 7.4 थी और इसका केंद्र 115 किलोमीटर की गहराई में था। भूकंप के झटके राजधानी बोगोटा समेत कई इलाकों में महसूस किए गए। जिसके झटके पड़ोसी देश इक्वाडोर तक महसूस किए गए।
भूकंप के बाद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग अपने घरों व इमारतों से बाहर निकल आए। ताजा जानकारी के अनुसार, इस हादसे में कम से कम 47 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य लोगों के इमारतों के मलबे के नीचे फंसे होने की आशंका है। भूकंप के झटके राजधानी बोगोटा तक महसूस किए गए, जिसके बाद कई लोगों को अपने घर खाली करने पड़े।
किन शहरों में हुई सबसे ज्यादा मौतें?
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, पेरेइरा शहर में 18 लोगों की मौत हुई है, जबकि मनीजालेस में दो लोगों की जान गई। पश्चिमी कोलंबिया के कई शहरों में इमारतें ढहने के बाद लोग मलबे को हटाकर उसमें फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों ने आफ्टरशॉक्स की आशंका को देखते हुए भी लोगों को सतर्क रहने को कहा है।
कोलंबिया के तीसरे सबसे बड़े शहर कैली में भूकंप के बाद कई जगह धूल के गुबार उठते दिखाई दिए। 64 वर्षीय टैक्सी चालक जॉर्ज मोंकायो ने बताया कि उन्होंने पहाड़ी इलाके से शहर में इमारतों को गिरते देखा। उन्होंने कहा कि उनका पूरा घर हिल गया और उन्होंने इससे पहले इतना शक्तिशाली भूकंप कभी महसूस नहीं किया था। कैली के मेयर अलेजांद्रो एदेर के अनुसार, शहर में कम से कम 19 ढही इमारतों में लोग फंसे हुए थे। राहत और बचाव दल मलबे में लोगों की तलाश में जुटे हैं।
मनीजालेस में गिरा कैथेड्रल का हिस्सा?
कॉफी उत्पादन वाले पहाड़ी इलाके में बसे मनीजालेस शहर में नियो-गॉथिक कैथेड्रल के एक टावर का हिस्सा ढहकर मुख्य प्रार्थना कक्ष पर गिर गया। मेयर जॉर्ज एडुआर्डो रोजास ने बताया कि भूकंप के कारण शहर में दो लोगों की मौत हुई। उन्होंने आफ्टरशॉक्स की आशंका के चलते लोगों से बाहर रहने की अपील की। चोको की गवर्नर नुबिया कॉर्डोबा ने सोशल मीडिया पर बताया कि क्षेत्रीय राजधानी क्विब्दो में कई लोग घायल हुए हैं और इमारतों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। हालांकि, उन्होंने नुकसान और घायलों की संख्या के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी। स्थानीय मीडिया में सामने आए वीडियो में पेरेइरा, कैली और क्विब्दो में घरों और छोटी इमारतों को ढहते हुए दिखाया गया।
क्या कोलंबिया में भूकंप आम हैं?
कोलंबिया के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में छोटे भूकंप, जिन्हें स्थानीय तौर पर ‘टेम्बलोरेस’ कहा जाता है, आम हैं। हालांकि, 6.0 से अधिक तीव्रता वाले भूकंप अपेक्षाकृत दुर्लभ हैं। वर्ष 1999 में आर्मेनिया शहर के पास 6.2 तीव्रता के भूकंप में 1,100 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।
राष्ट्रपति ने क्या कहा?
कोलंबिया के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति एबेलार्डो दे ला एस्प्रिएला ने कहा कि उन्होंने सैन जोस डेल पालमार में भूकंप के बाद सरकार की आपात प्रतिक्रिया की व्यक्तिगत रूप से कमान संभाल ली है। उन्होंने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे अकेले नहीं हैं और सरकार मौके पर मौजूद रहकर कार्रवाई कर रही है।
क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।
जानें क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब?
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।
कैसे मापा जाता है भूकंप की तिव्रता और क्या है मापने का पैमाना?
भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।
कितनी तबाही लाता है भूकंप?
| रिक्टर स्केल | असर |
| 0 से 1.9 | सिर्फ सीज्मोग्राफ से ही पता चलता है। |
| 2 से 2.9 | हल्का कंपन |
| 3 से 3.9 | कोई ट्रक आपके नजदीक से गुजर जाए, ऐसा असर |
| 4 से 4.9 | खिड़कियां टूट सकती हैं और दीवारों पर टंगी फ्रेम गिर सकती हैं। |
| 5 से 5.9 | फर्नीचर हिल सकता है। |
| 6 से 6.9 | इमारतों की नींव दरक सकती है। ऊपरी मंजिलों को नुकसान हो सकता है। |
| 7 से 7.9 | इमारतें गिर जाती हैं। जमीन के अंदर पाइप फट जाते हैं। |
| 8 से 8.9 | इमारतों सहित बड़े पुल भी गिर जाते हैं। सुनामी का खतरा। |
| 9 और उससे ज्यादा | पूरी तबाही, कोई मैदान में खड़ा हो तो उसे धरती लहराते हुए दिखेगी। समंदर नजदीक हो तो सुनामी। |



