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चक्रवात अर्नब से बिगड़ेगा मौसम:यूपी में 31 अक्तूबर तक अलर्ट, 11 राज्यों में भारी बारिश; ओडिशा में स्कूल बंद – Cyclone Arnab Alert: Up, Odisha And Andhra Pradesh Prepare For Heavy Rain And Strong Winds

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चक्रवात ‘अर्नब’ के संभावित असर को देखते हुए उत्तर प्रदेश, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में सतर्कता बढ़ा दी गई है। मौसम विभाग ने भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। ओडिशा में संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है, जबकि छह दक्षिणी जिलों में शैक्षणिक संस्थान बंद रखने का फैसला लिया गया है। वहीं, आंध्र प्रदेश सरकार ने राहत कार्यों के लिए 20 जिलों को 27 करोड़ रुपये जारी किए हैं।

उत्तर प्रदेश में 28 से 31 अक्तूबर के बीच बेमौसम बारिश की आशंका है। राज्य सरकार ने लोगों और किसानों के लिए सतर्कता संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

यूपी: 28 से 31 अक्तूबर तक बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

उत्तर प्रदेश में चक्रवात के संभावित प्रभाव से पूर्वांचल, अवध और तराई के कई इलाकों में बारिश होने का अनुमान है। राहत आयुक्त कार्यालय ने लोगों को मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार सतर्क रहने की सलाह दी है।


  • 28 अक्तूबर को सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, गाजीपुर और बलिया में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

  • 29 अक्तूबर को चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली, अमेठी और सुल्तानपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इसे देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

  • 30 अक्तूबर को पूर्वांचल, अवध और तराई के साथ बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में भी भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका जताई गई है। मौसम में बदलाव के कारण दिन के तापमान में पांच से आठ डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। यहां पढ़ें पूरी खबर…

11 राज्यों में होगी भारी बारिश


मौसम विभाग के अनुसार, 27 और 28 अक्तूबर को आंध्र प्रदेश, 28 अक्तूबर को दक्षिणी और तटीय ओडिशा के कई जिलों में मूसलाधार और अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में भी 28 अक्टूबर को भारी से बेहद भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा 28 से 30 अक्तूबर के दौरान झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। सिक्किम और विदर्भ क्षेत्र में भी 28 से 30 अक्तूबर के बीच बारिश की संभावना जताई गई है।






ओडिशा: छह जिलों में स्कूल बंद, संवेदनशील इलाकों से निकाले जा रहे लोग


ओडिशा सरकार ने चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए गंजाम, गजपति, रायगड़ा, मलकानगिरी, कोरापुट और नबरंगपुर जिलों में विशेष सतर्कता बरती है। इन जिलों में 28 और 29 अक्तूबर को स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात 28 अक्तूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के यानम तट के बीच बापटला और विशाखापत्तनम के आसपास बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में दस्तक दे सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने और झोंके 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।



ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि चक्रवात का केंद्र भले ही आंध्र प्रदेश और यानम के आसपास हो, लेकिन ओडिशा में भी इसका व्यापक असर पड़ सकता है। राज्य में भारी बारिश और 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य जानमाल के नुकसान को शून्य रखना है। निचले और संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। पहले चरण में गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगों और बच्चों को चक्रवात आश्रय स्थलों में भेजा जा रहा है।



राज्य में एनडीआरएफ की छह और ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) की 24 टीमें तैनात की गई हैं। अग्निशमन विभाग और पुलिस को भी तैयार रखा गया है। समुद्र में मछली पकड़ने और संवेदनशील जिलों में समुद्र तटों, पहाड़ियों, झरनों, बांधों तथा पर्यटन स्थलों पर जाने पर रोक लगाई गई है। रेलवे ने खराब मौसम के मद्देनजर दक्षिण तटीय रेलवे की आठ ट्रेनें रद्द कर दी हैं, जबकि दो ट्रेनों को उनके निर्धारित गंतव्य से पहले ही समाप्त करने का फैसला लिया गया है।



सेनाओं को तैयार रहने को कहा गया


राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने आंध्र और ओडिशा में अपनी टीमें तैनात की हैं। सेना, नौसेना, वायु सेना और भारतीय तटरक्षक बल की बचाव टीमें भी तैयार हैं। भारतीय तटरक्षक बल ने कई जहाजों को घाटों पर पहुंचाया है। अन्य जहाजों को तट पर लौटने के लिए सतर्क किया गया है।



आंध्र प्रदेश: राहत कार्यों के लिए 27 करोड़ रुपये जारी


आंध्र प्रदेश सरकार ने चक्रवात से निपटने के लिए 20 जिलों को कुल 27 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसका इस्तेमाल राहत एवं बचाव कार्यों, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, भोजन और पेयजल उपलब्ध कराने तथा स्वास्थ्य शिविर लगाने में किया जाएगा।



सरकार ने संवेदनशील इलाकों में एनडीआरएफ की 15 टीमें तैनात की हैं। प्रभावित क्षेत्रों में शैक्षणिक संस्थानों को एहतियातन बंद रखने और समुद्र तटों पर आम लोगों की आवाजाही रोकने का फैसला लिया गया है। मंगलवार दोपहर से तटीय सड़कों पर आवाजाही भी रोकने की योजना है।



प्रशासन ने पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 2,613 आपातकालीन पानी के टैंकर तैयार रखे हैं। इसके अलावा, बचाव कार्यों के लिए नावें, लाइफ जैकेट, लाइफ ब्वॉय और पेड़ काटने वाली टीमें भी तैनात की गई हैं। मौसम विभाग ने 27 और 28 अक्तूबर को तटीय आंध्र प्रदेश और यानम के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है। 28 अक्तूबर को हवा की रफ्तार 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने और झोंके 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक चलने की आशंका है।



राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविरों की व्यवस्था की है। अधिकारियों को जिला और मंडल स्तर पर नियंत्रण कक्षों के माध्यम से राहत एवं बचाव कार्यों का समन्वय करने के निर्देश दिए गए हैं।



किसानों और आम लोगों के लिए क्या है सलाह?


चक्रवात के संभावित असर को देखते हुए किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। ओडिशा में कृषि विभाग ने 80 से 85 प्रतिशत तक पक चुकी फसलों की कटाई कर उन्हें सुरक्षित रखने को कहा है। आम लोगों को मौसम विभाग और प्रशासन की आधिकारिक चेतावनियों पर ध्यान देने, समुद्र तटों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले अपुष्ट मौसम पूर्वानुमानों और चक्रवात के संभावित मार्ग से जुड़ी भ्रामक सूचनाओं पर भरोसा न करें। मौसम से संबंधित जानकारी के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग और संबंधित राज्य सरकारों की आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें।

मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी

मछुआरों को 26-29 अक्तूबर तक दक्षिण-पश्चिम और मध्य बंगाल की खाड़ी में या आंध्र प्रदेश, ओडिशा और यानम (पुडुचेरी) के तटों से दूर रहने की सलाह दी गई है। साथ ही पहाड़ियों, झरनों और बांधों में पर्यटकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

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