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दिल्ली:युवती ने कार में गोली मारकर की थी मैनेजर की हत्या, शव को फेंक दिया गुरुग्राम; दोस्त समेत गिरफ्तार – Delhi: Young Woman Shot And Killed A Manager In A Car And Dumped The Body In Gurugram

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दक्षिण दिल्ली के लाजपत नगर में मैनेजर युवराज सिंह मनचंदा की हत्या कर शव को गुरुग्राम में फेंकने, गुरुग्राम पुलिस के द्वारा शव को अज्ञात समझकर अंतिम संस्कार करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। खास बात है कि इससे दिल्ली पुलिस व गुरुग्राम पुलिस के बीच कोर्डिशन व पुलिस तंत्र के जिपनेट पर बड़े सवाल खड़े होते हैं।

दिल्ली पुलिस ने हत्या करने के आरोप में मृतक युवराज की 31 वर्षीय युवराज सिंह मनचंदा की दोस्त रही और पहले साथ काम चुकी युवती आन्या वत्स और उसके दोस्त संयम सचदेवा को उत्तराखंड से गिरफ्तार कर लिया है। शुरूआती जांच में युवराज की हत्या का कारण पैसे का लेने-देन बताया जा रहा है। हालांकि युवती बार-बार अपने बयान बदल रही है। पुलिस ने दोनों को बृहस्पतिवार को अदालत में पेश कर 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।

दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार ने बताया कि युवराज के गायब होने की शिकायत सरिता विहार, दिल्ली में रहने वाली उसकी बहन हरसिमरन मनचंदा 11 सितंबर को लाजपत नगर थाने में दर्ज कराई थी। पीड़ित बहन ने कहा था कि छह सितंबर को अपने भाई के साथ सेंट्रल मार्केट, लाजपत नगर व गोल्डन ड्रैगन रेस्टोरेंट, के-ब्लॉक, लाजपत नगर-दो गई थी। शाम लगभग 4:00 बजे, युवराज यह कहकर रेस्टोरेंट से चले गए कि उनकी गुरुग्राम में पूर्व ऑफिस सहयोगी अन्या वत्स के साथ एक मीटिंग है। रात 10 बजे तक तक युवराज नहीं लौटे। उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिला। लाजपत नगर थाना पुलिस को जांच में पता लगा कि युवराज ने आखिरी बार अपनी पूर्व ऑफिस सहयोगी अन्या वत्स से बात की थी।

जांच में अन्या वत्स के एक नए मोबाइल नंबर का पता चला। जांच के बाद से उसके साथी संयम सचदेवा के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी युवती ने बताया कि उसने युवराज की हत्या अपनी क्रेटा कार में दो गोली गर्दन में मारकर की है। हालांकि इसका पुलिस गुरुग्राम से पता लगा रहा है। आरोपियों ने बताया कि युवराज के शव को गुरुग्राम में फेंक दिया था। इसके बाद पुलिस को पता लगा कि 10 सितबर को गुरुग्राम के बादशाहपुर पुलिस स्टेशन ने अपने इलाके में एक नाले से एक अज्ञात लाश बरामद की थी। मृतक की तस्वीरों से बहन ने युवराज के रूप में पहचान की थी। तस्वीरों में दिख रहे कपड़ों और शारीरिक हुलिए से भी इस पहचान की पुष्टि हुई।

गुरुग्राम में 11 सितंबर को सीवर से बरामद हुआ था शव

युवराज का शव बादशाहपुर थाना इलाके में 11 सितंबर को सीवर में सड़ी- गली हालत में मिला था। शव को 3 दिन तक पहचान के लिए रखवाया गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी कर पहचान न होने पर 14 सितंबर को पोस्टमार्टम के बाद शव का पुलिस ने अंतिम संस्कार करा दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शुरुआती तौर पर डूबने से मौत की बात सामने आई है।

युवराज सेक्टर-29 स्थित अडानी रियल्टी में मैनेजर था। वह छह सितंबर की शाम दिल्ली से गुरुग्राम में कुछ लोगों से मिलने आया था। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चला। पुलिस के अनुसार, 10 सितंबर की सुबह सेक्टर-70 में सीवर से एक सड़ा-गला शव मिला था। शव की पहचान नहीं हो सकी थी और 14 सितंबर को उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

 युवराज की बहन हरसिमरन मनचंदा ने 11 सितंबर को दिल्ली के लाजपत नगर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। बुधवार को परिवार को दिल्ली पुलिस के माध्यम से अज्ञात शव मिलने की जानकारी मिली। बाद में बादशाहपुर थाना पुलिस ने शव के फोटो जिपनेट पोर्टल पर अपलोड किए थे। परिवार ने फोटो और शव के पास मिले सामान के आधार पर युवराज की पहचान की।

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