Search
Home » नेशनल » फलोदी:39 घंटे बाद बोरवेल से निकला भोमाराम, नहीं बच पाई जान, मासूम की मौत से गांव में पसरा मातम – Phalodi Borewell Accident: 9-year-old Boy Dies After Rescue Operation In Rajasthan

फलोदी:39 घंटे बाद बोरवेल से निकला भोमाराम, नहीं बच पाई जान, मासूम की मौत से गांव में पसरा मातम – Phalodi Borewell Accident: 9-year-old Boy Dies After Rescue Operation In Rajasthan

Share Now :

WhatsApp
Share This

फलोदी जिले के लोहावट थाना क्षेत्र अंतर्गत नौसर गांव में बोरवेल में गिरे 9 वर्षीय मासूम भोमाराम को 39 घंटे चले मैराथन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शनिवार तड़के करीब 3:30 बजे बाहर निकाल लिया गया। हालांकि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन के तमाम अथक प्रयासों व ग्रामीणों की दुआओं के बावजूद मासूम को बचाया नहीं जा सका। डॉक्टरों ने जांच के बाद बालक को मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक खबर के सामने आते ही पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

कैसे हुआ हादसा?

प्राप्त जानकारी के अनुसार नौसर गांव निवासी पांचाराम भील के खेत में लगे बोरवेल की मोटर खराब हो गई थी। मरम्मत कार्य के चलते पंप को बाहर निकाला गया था और बोरवेल का मुहाना खुला छोड़ दिया गया था। गुरुवार दोपहर करीब 12:30 बजे पास ही खेल रहा 9 वर्षीय भोमाराम अचानक इस खुले बोरवेल में जा गिरा। बच्चे के गिरते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों का भारी जमावड़ा लग गया।


39 घंटे तक चला मैराथन रेस्क्यू ऑपरेशन

सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की विशेष टीमें मौके पर पहुंचीं। बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर अभियान शुरू किया गया। लगभग 640 फीट गहरे बोरवेल में करीब 50 फीट की गहराई पर बालक के फंसे होने का अनुमान था। नीचे भारी चट्टानें होने, पानी भरने और मिट्टी धंसने के खतरे की वजह से बचाव कार्य में लगातार रुकावटें आईं।

इसके बाद भारी पोकलेन और जेसीबी मशीनों की मदद से बोरवेल के ठीक बगल में एक बड़ा समानांतर गड्ढा खोदा गया और वहां से पाइप व एल-शेप डिवाइस के जरिए सुरंग बनाकर मासूम तक पहुंचने की कोशिश की गई। इस रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मौके पर 150 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी तैनात रहे। जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक आदित्य काकड़े, संभागीय आयुक्त केएल स्वामी और आईजी सत्येंद्र सिंह लगातार मौके के हालात की निगरानी करते रहे।


माधाराम सुथार के बनाए देशी जुगाड़ से निकाला

1050 फीट गहरे बोरवेल के अंदर बच्चा साढ़े छह सौ फीट की गहराई में फंसा हुआ था। तमाम प्रयासों के बाद जालौर के बागोड़ा निवासी माधाराम सुथार को मौके पर बुलाया गया। सुथार बोरवेल में गिरे कई बच्चों को अपने बनाए देशी जुगाड़ से बाहर निकाल चुके हैं, ऐसे में उन्होंने अलग-अलग तरह के जुगाड़ बनाए और पहले पत्थर को बाहर निकाला फिर तड़के साढ़े तीन बजे बच्चे को भी बाहर निकाल लिया गया।


अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने घोषित किया मृत

शनिवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे बच्चे को जैसे ही बाहर निकाला गया, उसे तुरंत पहले से मौजूद एम्बुलेंस के जरिए लोहावट के राजकीय अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों की टीम ने जांच के बाद भोमाराम को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार लंबे समय तक फंसे रहने, ऑक्सीजन की कमी और सदमे के कारण मासूम ने दम तोड़ दिया। प्रशासन द्वारा कागजी व चिकित्सीय औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। 39 घंटे तक जिस उम्मीद और प्रार्थना के साथ पूरा क्षेत्र एकजुट था, उस अंत से हर किसी की आंखें नम हैं।

Published On

Leave a Comment

Other News