Search
Home » नेशनल » बिहार:किस आनंद मोहन, नीरज कुमार का पर्चा रद्द? पटना की स्नातक-शिक्षक Mlc सीट पर बचे प्रत्याशियों का गणित क्या – Bihar: Whose Nomination Papers Were Rejected—anand Mohan’s Or Neeraj Kumar’s? Patna Graduate And Teacher Mlc

बिहार:किस आनंद मोहन, नीरज कुमार का पर्चा रद्द? पटना की स्नातक-शिक्षक Mlc सीट पर बचे प्रत्याशियों का गणित क्या – Bihar: Whose Nomination Papers Were Rejected—anand Mohan’s Or Neeraj Kumar’s? Patna Graduate And Teacher Mlc

Share Now :

WhatsApp
Share This

पटना स्नातक चुनाव में बड़ा उलटफेर हुआ है। नामांकन पत्रों की जांच के बाद नीरज कुमार और आनंद मोहन समेत कुछ उम्मीदवार चुनावी मैदान से बाहर हो गए हैं। यह दोनों नाम सियासी गलियारे के काफी चर्चित नाम हैं। हालांकि सच्चाई यह है की नीरज कुमार जदयू वाले नीरज कुमार नहीं बल्कि निर्दलीय उम्मीदवार हैं। वही चुनावी मैदान में उतरे आनंद मोहन पूर्व सांसद और बाहुबली आनंद मोहन नहीं हैं। वह केवल निर्दलीय उम्मीदवार हैं। इसलिए दोनों चर्चा में आए। 

 

नामांकन पत्रों की जांच के बाद अब पटना स्नातक और पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी मुकाबले की तस्वीर बदल गई है। शुरुआती सूची में पटना स्नातक सीट से 18 उम्मीदवारों के नाम दर्ज थे। इनमें कांग्रेस के असदुल्लाह खान, राजद के दिलीप कुमार, जदयू के नीरज कुमार, आम आदमी पार्टी के हिमांशु कुमार, जन सुराज पार्टी के डॉ. अनुज सिंह समेत कई निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं। यह सीट काफी चर्चित सीट है। इसी सीट पर जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार का विरोध में जदयू के ही विधायक अनंत सिंह ने विरोध कर दिया है। अनंत सिंह नीरज कुमार के खिलाफ जाकर जनसुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह के लिए वोट मांग रहे हैं। वहीं महागठबंधन के दो घटक दल कांग्रेस और राजद भी इस सीट पर एक दूसरे को सीधी टक्कर दे रहे हैं।

 

आनंद मोहन और नीरज के साथ क्यों हुआ ऐसा?

पटना स्नातक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार नीरज कुमार के नामांकन को लेकर जांच के दौरान उम्र से जुड़ी आपत्ति सामने आई। दस्तावेज के अनुसार सात अक्तूबर 2026 को निर्धारित जांच की तारीख तक उनकी उम्र 30 वर्ष पूरी नहीं हुई थी। इसी वजह से उनका नामांकन रद्द कर दिया गया। वहीं आनंद मोहन के नामांकन पर कार्रवाई की वजह अलग रही। निर्वाचन दस्तावेज के मुताबिक उन्होंने प्रारूप-26 के सभी कॉलम भरा हुआ शपथपत्र दाखिल नहीं किया था। इसी आधार पर उनका पर्चा खारिज कर दिया गया।

 

शिक्षक सीट पर भी मुकाबला दिलचस्प

पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की शुरुआती सूची में 19 उम्मीदवार शामिल थे। इसमें भाजपा के प्रो. नवल किशोर यादव, कांग्रेस के संजय कुमार, राजद के डॉ. संजीव कुमार और जन सुराज पार्टी की दिव्या ज्योति प्रमुख नाम हैं। इनके अलावा बड़ी संख्या में निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में हैं। नामांकन सूची में निर्दलीय के तौर पर अजय कुमार, अनिल कुमार, अर्चिता प्रकाश, अवनीश कुमार, उज्ज्वल कांत, कुणाल किशोर, नवल किशोर, निर्भय कुमार, डॉ. रंजन कुमार, राघवेंद्र कुमार, राहुल कुमार, विनय भूषण कुमार, विवेक कुमार कमला प्रसाद शर्मा, संजीव कुमार और सुनील कुमार के नाम दर्ज हैं।

 

जांच में कई पर्चों पर लगी आपत्ति

नामांकन पत्रों की जांच भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षक और पटना प्रमंडल के आयुक्त-सह-निर्वाचन पदाधिकारी की मौजूदगी में हुई। जांच के दौरान सिर्फ उम्र और शपथपत्र ही नहीं, बल्कि प्रस्तावकों से जुड़े दस्तावेजों को लेकर भी कई उम्मीदवारों के नामांकन पर आपत्तियां सामने आईं। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में अवधेश कुमार सिन्हा, डॉ. मोहम्मद फिरोज अंसारी, संजय कुमार शर्मा और डॉ. रंजन कुमार के नामांकन पर प्रस्तावकों से संबंधित कमियां दर्ज की गई हैं।

 

अब किसकी राह आसान, किसके सामने चुनौती?

नामांकन पत्रों की जांच के बाद पटना स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र दोनों में मुकाबले का समीकरण बदल गया है। खासकर पटना स्नातक और शिक्षक सीट पर भी कई प्रत्याशियों के नामांकन को लेकर आपत्तियां दर्ज हुई हैं। हालांकि, दस्तावेज में नामांकन जांच के बाद की आपत्तियों और स्वीकृत-अस्वीकृत पर्चों की जानकारी दी गई है, अंतिम रूप से कितने उम्मीदवार चुनाव मैदान में रहेंगे, इसकी तस्वीर नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही पूरी तरह साफ होगी।

Published On

Leave a Comment

Other News