Search
Home » नेशनल » बिहार:पटना में एक बैरिकेड तोड़ आगे बढ़े Aisa-rya के प्रदर्शनकारी; डाकबंगला चौराहे की ओर आवाजाही प्रभावित – Aisa Protest In Patna Security Tightened Ahead Of March Over Voter List Irregularities Demands Cec Resignation

बिहार:पटना में एक बैरिकेड तोड़ आगे बढ़े Aisa-rya के प्रदर्शनकारी; डाकबंगला चौराहे की ओर आवाजाही प्रभावित – Aisa Protest In Patna Security Tightened Ahead Of March Over Voter List Irregularities Demands Cec Resignation

Share Now :

WhatsApp
Share This

मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (आरवाईए) के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन की तैयारी मंगलवार को पटना के लोगों ने भी देख ली। प्रदर्शनकारियों की ओर से राजभवन मार्च निकालकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने की बात कही गई थी। इसे देखते हुए शहर के प्रमुख इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। गांधी मैदान, डाकबंगला चौराहा, एसपी वर्मा रोड और होटल मौर्य के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धरना-प्रदर्शन के लिए गर्दनीबाग स्थित निर्धारित स्थल का ही इस्तेमाल किया जाए। प्रशासन के अनुसार, तय स्थान के अलावा शहर के अन्य हिस्सों में प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी। लेकिन, प्रदर्शनकारी विभिन्न दिशाओं से गांधी मैदान के पास पहुंचे और जेपी गोलंबर पर पुलिस बैरिकेड को तोड़ते हुए डाकबंगला चौराहे तक पहुंच गए। यहां भी पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रखी थी, लेकिन भीड़ इसपर चढ़कर ताकत आजमा रही है। लाठीचार्ज की आशंका बनी हुई है।

मतदाता सूची से नाम हटाने को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल

भाकपा-माले विधायक संदीप सौरभ ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए और नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया में भी पक्षपात हुआ। उनका दावा है कि चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर और वेबसाइट से जुड़ी प्रक्रिया को केंद्रीकृत किए जाने के कारण स्थानीय अधिकारियों की भूमिका सीमित हुई है। संदीप सौरभ ने कहा कि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ये आरोप विपक्ष और प्रदर्शनकारी संगठनों की ओर से लगाए गए हैं।

जीवित लोगों को मृत दिखाने का भी आरोप

आइसा की राज्य उपाध्यक्ष सवा ने कहा कि बिहार में सबसे पहले विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया लागू की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए। कुछ मामलों में जीवित लोगों को मृत घोषित किए जाने का दावा भी उन्होंने किया। सवा के मुताबिक, संगठन की ओर से की गई जांच में ऐसे मामले सामने आए, जिनमें जीवित लोगों के नाम कथित तौर पर मृतकों की सूची में दर्ज थे। उन्होंने दावा किया कि इसके कारण संबंधित लोग मतदान से वंचित रह गए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध कराई गई सामग्री में नहीं है।

राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने की तैयारी

आइसा की राज्य उपाध्यक्ष के अनुसार, राजभवन मार्च के बाद राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग शामिल रहेगी। इसके अलावा एसआईआर को रद्द करने तथा बिहार और पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग भी उठाई जाएगी। प्रदर्शनकारी संगठनों का कहना है कि मतदाता सूची में नाम हटाए जाने के मुद्दे और चुनाव आयोग की भूमिका पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। वे इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा सवाल बता रहे हैं।

प्रशासन ने यातायात और आम लोगों की परेशानी का दिया हवाला

इससे पहले, पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने कहा है कि शहर में विधि-व्यवस्था बनाए रखना और यातायात को सुचारु रखना प्राथमिकता है। धरना और प्रदर्शन के लिए गर्दनीबाग निर्धारित किया गया है। निर्धारित स्थल से बाहर प्रदर्शन होने पर सड़कों पर जाम लग सकता है और आम लोगों को परेशानी हो सकती है। प्रशासन ने यह भी कहा कि ऐसे आयोजनों से स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और न्यायालय जैसे संस्थानों के कामकाज पर असर पड़ने की आशंका रहती है। व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होने के साथ एंबुलेंस, अन्य आपातकालीन सेवाओं, बुजुर्गों, बीमार लोगों और स्कूली बच्चों के आवागमन में भी बाधा आ सकती है। इसी वजह से प्रदर्शनकारियों से तय स्थल पर ही कार्यक्रम करने की अपील की गई है।

Published On

Leave a Comment

Other News