
08:09 PM, 26-Aug-2026
गंडक नदी के इन इन क्षेत्र पर बना खतरा
गोपालगंज जिले में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ के खतरे से कुल 6 तटीय प्रखंडों की 62 पंचायतें सबसे अधिक संवेदनशील और प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित की गई हैं। इसमें सदर, कुचायकोट, मांझा, बैकुंठपुर, बरौली और सिधवलिया शामिल हैं। पूर्वी चंपारण जिले के गंडक नदी और उससे जुड़े संभावित बाढ़/फ्लैश फ्लड के खतरे से मुख्य रूप से अरेराज,केसरिया और संग्रामपुर प्रखंड सबसे संवेदनशील और प्रभावित क्षेत्र माने जाते हैं। सबसे ज्यादा पश्चिम चंपारण जिले से है मुख्य रूप से पिपरासी, भितहा, ठकराहां, सिधुआं, बगहा, नौतन, योगापट्टी, मधुबनी, बैरिया और लौरिया प्रखंड प्रभावित संवेदनशील हैं।वैशाली जिले में गंडक के बढ़ते जलस्तर से मुख्य रूप से लालगंज,हाजीपुर, राघोपुर प्रखंड प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में आते हैं।जबकि मुजफ्फरपुर जिले के पारू, सरैया और साहेबगंज मुख्य से शामिल है।
07:55 PM, 26-Aug-2026
कोसी नदी के जलस्तर में बड़े बदलाव की संभावना नहीं
भीमनगर कोसी बराज से शाम 06 बजे 01 लाख 31 हजार 340 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। जबकि नेपाल के बराह क्षेत्र में शाम 06 बजे 95 हजार 450 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज रिकॉर्ड हुआ है। फिलहाल कोसी नदी के जलस्तर में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।
07:34 PM, 26-Aug-2026
रसुवागढ़ी सीमा शुल्क कार्यालय के 14 कर्मचारी लापता
नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। रसुवागढ़ी सीमा शुल्क कार्यालय के 14 कर्मचारी लापता हैं, जबकि 25 कर्मचारी सुरक्षित हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए सेना, पुलिस और हेलीकॉप्टरों की मदद से युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
07:30 PM, 26-Aug-2026
गंडक नदी में बाढ़ की आशंका से बरौली प्रखंड में अलर्ट
नेपाल से गंडक नदी में तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी आने की सूचना के बाद बरौली प्रखंड प्रशासन ने नदी के तटबंध के समीप और तटबंध के भीतर निचले इलाकों में रहने वाले दियारा वासियों को अलर्ट किया है। प्रशासन ने लोगों से अगले 48 घंटे तक विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। साथ ही तटबंध के उस पार नदी की ओर जाने से बचने को कहा गया है। अधिकारियों की टीम ने देवापुर पंचायत से लेकर हसनपुर पंचायत तक तटबंध के समीप बसे गांवों का जायजा लिया। इस दौरान ग्रामीणों को नदी के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को लेकर सावधान किया गया।
06:37 PM, 26-Aug-2026
NDRF की नौ टीमें तैनात
NDRF के IG नरेंद्र सिंह बुंदेला ने बताया कि एहतियात के तौर पर बिहार के पश्चिमी चंपारण और मुजफ्फरपुर में NDRF की टीमें तैनात की गई हैं। अभी बिहार में कुल नौ टीमें तैनात हैं और स्थिति पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है।
06:35 PM, 26-Aug-2026
नेपाल टूरिज़्म बोर्ड ने मदद के लिए जारी किए नंबर
नेपाल टूरिज़्म बोर्ड ने भी मदद के लिए कुछ नंबर जारी किए हैं, जिनमें टोल-फ्री इमरजेंसी नंबर 1234, हॉटलाइन 1144 और टूरिस्ट पुलिस का नंबर 9851289445 शामिल है। काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, भोटे कोशी नदी में आई बाढ़ ने नुवाकोट में बेत्रावती को रसुवा में रसुवागढ़ी बॉर्डर क्रॉसिंग से जोड़ने वाली 42 किलोमीटर लंबी सड़क को बहा दिया। अखबार ने सड़क विभाग के डिप्टी डायरेक्टर जनरल और प्रवक्ता शुभराज न्यूपाने के हवाले से बताया कि बाढ़ के पानी ने कई जगहों पर सड़क को नष्ट कर दिया और कई कंक्रीट के पुलों को बहा दिया। नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRM) ने एक बयान में रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, चितवन और गोरखा में नदी के किनारे रहने वाले लोगों से कहा है कि वे हाई अलर्ट पर रहें और अगली सूचना तक सुरक्षा उपाय अपनाएं।
05:59 PM, 26-Aug-2026
सशस्त्र सीमा बल ने सभी यूनिट्स को किया अलर्ट
सशस्त्र सीमा बल (SSB) के अधिकारियों ने बताया कि नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने 1,751 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अपनी सभी यूनिट्स को अलर्ट कर दिया है। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती इलाकों में राहत और बचाव कार्य शुरू करने के लिए बल की 18 टीमों को तैनात किया गया है, जिनमें से सात टीमें स्टैंडबाय पर हैं। अधिकारियों ने बताया कि कोसी और नारायणी नदी बेसिन में पानी का बहाव बढ़ने और नेपाल की छोटी नदियों में अचानक बाढ़ आने की आशंका के बीच SSB ने यह अलर्ट जारी किया है। उन्होंने कहा कि अर्धसैनिक बल उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में घाघरा/करनाली और महाकाली नदी के किनारे बसे संवेदनशील जिलों पर भी नजर रख रहा है। तिब्बत से सटे नेपाल के रसुवा जिले में अचानक आई भीषण बाढ़ से गांवों के बह जाने और जरूरी बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने के बाद लापता हुए लगभग 400 लोगों में कम से कम 105 भारतीय और 37 NRI शामिल हैं।
05:20 PM, 26-Aug-2026
जल संसाधन विभाग अलर्ट
तिब्बत में बादल फटने से हुई तबाही के बाद गंडक नदी में आने वाली संभावित बाढ़ को लेकर जलसंसाधन विभाग अलर्ट है। वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज के सभी 36 गेट खोले गए हैं। गंडक बराज पर अधिकारियों की टीम तैनात कर दी गई है। मुख्य सचिव ने संबंधित जिलाधिकारियों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। तिब्बत में बुधवार की सुबह बादल के फटने के कारण तिब्बत से निकलने वाली और नेपाल से होकर भारत में आने वाली भोटे-कोशी नदी में लगभग 3 मीटर तक का सैलाब उठ रहा है।
नेपाल से होकर आने वाले पानी के सैलाब से गंडक नदी में अचानक जल स्तर बढ़ने की संभावना है। इसको देखते हुए जल संसाधन विभाग ने अलर्ट घोषित कर दिया है। दोपहर 12.00 बजे वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज से 86,000 क्यूसेक पानी आया है। इसके और बढ़ने की संभावना है। नेपाल में नारायणी नदी का देवघाट गेज स्थल पर वर्तमान जलस्तर 4.77 मीटर है। इस स्थल पर खतरे का निशान 9 मीटर है। चेतावनी स्तर 7.30 मीटर है। यहां नदी में पानी बढ़ने पर गंडक बराज तक पहुंचने में लगभग 3.50 घंटे का समय लगता है।
05:15 PM, 26-Aug-2026
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर बात की
नेपाल में मूसलाधार बारिश और ग्लेशियर फटने से बिहार में बाढ़ के खतरे को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर बात की। गृह मंत्री ने संभावित संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए NDRF को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
05:06 PM, 26-Aug-2026
NDRF एवं SDRF की अग्रिम तैनाती
संभावित परिस्थिति से निपटने के लिए NDRF एवं SDRF के अतिरिक्त संसाधनों की मूवमेंट सुनिश्चित की जा रही है। गोपालगंज के लिए एक NDRF टीम भेजने का निर्देश दिया गया है तथा एक NDRF टीम को मुजफ्फरपुर में स्टैंडबाय रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त बेतिया में भी NDRF की टीम की तैनाती लगभग दो घंटे के भीतर सुनिश्चित करने की कार्रवाई की जा रही है। SSB DIG द्वारा भी आवश्यकतानुसार QRT एवं अन्य संभावित सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है, जो बेतिया में उपलब्ध रहेगा।





