
दिल्ली में प्रदर्शनों और उनसे जुड़ी पाबंदियों पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के बयान को लेकर कांग्रेस की केरल इकाई के ट्वीट पर विवाद के बीच पार्टी नेता पवन खेड़ा ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस रुख से पूरी तरह असहमत है और जिसने भी यह पोस्ट की है, वह पूरी तरह गलत है। कांग्रेस केरल इकाई का यह ट्वीट अब डिलीट कर दिया गया है।
दिल्ली में कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि पार्टी को देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और वह सर्वोच्च न्यायालय का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका में इसी विश्वास के कारण विपक्ष ने अपनी बात रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
पवन खेड़ा ने क्या कहा?
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा “हम इस रुख से पूरी तरह असहमत हैं, चाहे इसे किसी ने भी पोस्ट किया हो। यह पूरी तरह गलत है। हमें इस देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और हम सर्वोच्च न्यायालय का सम्मान करते हैं। इसी वजह से हम सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे पर गए और वहां अपनी बात रखी, क्योंकि हमें न्यायपालिका पर विश्वास है।”

कांग्रेस केरल ने क्या ट्वीट किया था?
कांग्रेस की केरल इकाई ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के इस्तीफे की मांग करते हुए टिप्पणी की थी। पार्टी ने पीटीआई के एक न्यूज अलर्ट का स्क्रीनशॉट साझा किया था। इसमें सीजेआई सूर्यकांत के हवाले से कहा गया था कि दिल्ली में प्रदर्शनों और उनसे जुड़ी पाबंदियों के संदर्भ में कानून-व्यवस्था का मामला उनके कार्यक्षेत्र में नहीं आता।

सीजेआई ने विपक्षी नेताओं से मुलाकात से किया था इनकार
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सोमवार सुबह राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से मुलाकात की मांग स्वीकार नहीं की थी। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के 33वें स्थापना दिवस से जुड़े कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा था कि जिन मुद्दों पर विपक्षी प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलना चाहता है, वे न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में हैं और कई मामले सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं।

उन्होंने आगे कहा “मुझे कल एक पत्र मिला था, जिसमें मेरे साथ बैठक की मांग की गई थी। मैंने कल रात (रविवार को) ही इसका जवाब दे दिया और बताया कि मैं क्यों मिलने में असमर्थ रहूंगा।”




